शिक्षा के साथ संस्कार का समावेश जरूरी

Updated at :04 Apr 2017 5:33 AM
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शिक्षा के साथ संस्कार का समावेश जरूरी

समारोह. ” महिलाओं की शिक्षा ” विषय पर सेमिनार का राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने किया उद‍्घाटन नगर भवन में सोमवार को असद फाउंडेशन के तत्वावधान में ” महिलाओं की शिक्षा ” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. उसका उद‍्घाटन गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया. मुंगेर : गोवा की राज्यपाल […]

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समारोह. ” महिलाओं की शिक्षा ” विषय पर सेमिनार का राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने किया उद‍्घाटन

नगर भवन में सोमवार को असद फाउंडेशन के तत्वावधान में ” महिलाओं की शिक्षा ” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. उसका उद‍्घाटन गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया.
मुंगेर : गोवा की राज्यपाल सह देश की जानी-मानी लेखिका मृदुला सिन्हा ने कहा कि बेटी जब जन्म लेती है तो परिवार वाले कहते है कि घर में लक्ष्मी आयी है. जिसके घर एक-दो के बाद तीसरी दफा भी बेटी जन्म लेती है. उस घर में गुस्सा होता है. बावजूद इसके पूछने पर गुस्से में सही लेकिन परिवार वाले यही कहते है कि घर लक्ष्मी आयी है. लेकिन यह कभी भी आपने नहीं सुना होगा कि बेटा जन्म लेने पर उसे विष्णु या नारायण कह कर संबोधित किया गया है. इसी से हम अंदाजा लगा सकते है
कि बेटी का महत्व हमारे समाज में क्या है. उसे लक्ष्मी यानी सुख, शांति, समृद्धि का प्रतीक माना गया है. कार्यक्रम की अध्यक्षता फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो अजफर शमसी ने की. जबकि विशिष्ट अतिथि के रुप में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ राम कृपाल सिन्हा, जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक आशीष भारती एवं प्रो प्रभात कुमार मौजूद थे. कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान से हुआ. बीआरएम कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत की.
उन्होंने संस्कार को परिभाषित करते हुए कहा कि उस समय देश के प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह थे. मेरे पति डॉ राम कृपाल सिन्हा उस समय मंत्री थे. एक बार पति के साथ मैं भी चौधरी जी से मिलने चली गयी. उस समय मुलायम सिंह यादव वहां रहते थे. उन्होंने अंदर जाकर चौधरी से कहा कि सिन्हा जी अपनी पत्नी के साथ मिलने आये है. मैंने देखा कि वे जमीन पर धोती और बनियान पहन कर बैठे थे. मेरे आने की जैसे ही वे सुने तो उठ गये और अंदर चले गये. जब वापस आये तो देखा कि वे धोती और कुर्ता पहने हुए है. यह छोटी से बात नहीं है. यह हमारा संस्कार है कि बेटी के सामने बनियान में वे नहीं आये. लेकिन आज कुछ ऐसे वर्ग है जो शिक्षित तो है लेकिन संस्कारित नहीं है. जिसका परिणाम महिलाओं पर अत्याचार के रूप में देखने को मिलता है. शिक्षा के साथ संस्कार का भी समावेश जरूरी है.
राज्यपाल ने दिलायी शपथ : राज्यपाल मृदुला सिन्हा अपनी पांच वचन को दोहरा और उपस्थित महिला-पुरुष को शपथ दिलाया. पहला अपने माता-पिता को हम कभी भी वृद्धाश्रम नहीं भेंजेगे, दूसरा विवाह आश्यक है उसे कभी नहीं तोड़ेंगे, तीसरा महिला के साथ दुर्व्यवहार होते देख जान पर खेल कर उसकी रक्षा करेंगे, चौथा समानता के नाम पर स्त्री को पुरुष बनाने के प्रति उकसाने का काम नहीं करेंगे और पांचवा पीएम का स्वच्छता अभियान जिसके तहत न हम गंदगी फैलायेंगे और न ही किसी को फैलाने देंगे.
महिला शिक्षित होगी तो समाज बढ़ेगा : प्रो प्रभात : प्रो प्रभात कुमार ने कहा कि महिला शिक्षा की बात गुलामी के समय से ही हो रही है. राजाराम मोहन राय ने मिला शिक्षा पर बल दिया. शिक्षा से समाज का विकास होगा. देश की तरक्की करेंगी और देश भविष्य सुनहरा होगा.
शिक्षा के बल पर ही विकास संभव : एसपी : पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने कहा कि शिक्षा के बल पर ही विकास संभव है. महामहिम राज्यपाल ने यह साबित कर दिया है. शिक्षा के बल पर ही इनको ताकत मिली और राष्ट्र को विकासित बनाने का काम किया. उन्होंने अपनी लेखनी के बल पर समाज और देश को दिशा प्रदान किया.
आज महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिला है. महिलाएं नौकरी कर रही है.
दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर : गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा को लेकर स्कॉट गाड़ी सीधे मुंगेर परिषद लाया. जहां उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया. प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका परिषदन में ही से बुके देकर सम्मानित किया.
मुंगेर परिषद से उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्यक्रम स्थल नगर भवन लाया गया. नगर भवन में सेमिनार को संबोधित करने के उपरांत वे प्रो अजफर शमसी के तोपखाना बाजार स्थित घर गये. जहां दोपहर का भोजन ग्रहण किया. मौके पर असद शमसी, शाहब मलिक, वरीय उप समाहर्ता प्रतिभा कुमारी सहित अन्य मौजूद थीं.
पूरा जीवन राष्ट्र को कर दिया समर्पित : प्रो शमसी
असद फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो अजफर शमसी ने कहा कि मृदुला सिन्हा ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया. देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए वे हमेशा कार्य कर रही है. अपनी लेखनी और प्रशासनिक दक्षता के बल पर समाज के अंदर फैली विसंगतियों को दूर करने का काम किया. महिलाओं को आगे लाने, शिक्षित करने और उन्हें संस्कारित बनाने के लिए हमेशा से प्रयासरत रही है. इनके द्वारा किये गये कार्य को देश कभी नहीं भूल सकता है.
महिला सशक्तीकरण को मिला
बढ़ावा : जिलाधिकारी
डीएम उदय कुमार सिंह ने कहा कि आज हमारे बीच गोवा की राज्यपाल और देश की प्रसिद्ध लेखिका मृदुला सिन्हा मौजूद है. जो महिला सशक्तीकरण का उदाहरण है. नारी शक्ति की पूजा कल भी होती थी आज भी हो रही है. जो महिलाओं के सम्मान को दरसाता है. राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा का अंत कराया. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई मजबूत कदम उठाया. आज पंचायत व नगर निगम में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है. जबकि सरकारी नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया है.
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