चचेरे भाई की हत्या में पूर्व विधायक रणवीर यादव को उम्रकैद की सजा
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :04 Jan 2017 5:25 AM
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मुंगेर : पूर्व विधायक रणवीर यादव को अपने चचेरे भाई की हत्या के मामले में दोषी पाकर मंगलवार को मुंगेर के अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पीसी चौधरी ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी. रणवीर यादव खगड़िया की वर्तमान जदयू विधायक पूनम देवी के पति हैं. सत्रवाद संख्या 184/89 में सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने उपलब्ध […]
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मुंगेर : पूर्व विधायक रणवीर यादव को अपने चचेरे भाई की हत्या के मामले में दोषी पाकर मंगलवार को मुंगेर के अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पीसी चौधरी ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी. रणवीर यादव खगड़िया की वर्तमान जदयू विधायक पूनम देवी के पति हैं.
सत्रवाद संख्या 184/89 में सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने उपलब्ध साक्ष्य व गवाहों के बयान के आधार पर रणवीर यादव को भादवि की धारा 302 के तहत दोषी पाकर उम्रकैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रीतम कुमार वैश्य ने बहस की.
चचेरे भाई की…
सुरक्षा की थी चाक-चौबंद व्यवस्था : सुनवाई को लेकर मंगलवार को 11 बजे से ही न्यायालय परिसर में काफी गहमागहमी थी. पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी. एएसपी ललित मोहन शर्मा खुद सुरक्षा का कमान संभाले हुए थे. वहीं समर्थकों की भारी भीड़ परिसर में मौजूद थी. रणवीर यादव को स्पेशल पर्पस व्हेकिल से भारी सुरक्षा के बीच न्यायालय लाया गया और जब न्यायालय द्वारा सजा सुनाने के बाद उसे जेल ले जाया जा रहा था तो समर्थकों ने रणवीर यादव जिंदाबाद के नारे भी लगाये.
क्या था मामला : छह दिसंबर 1988 को रणवीर यादव ने अपने गांव खगड़िया जिले के चुकती में राइफल से अपने चचेरे भाई सुनील यादव को गोली मार दी थी. उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. सुनील यादव ने घायल अवस्था में ही पुलिस के समक्ष अपना फर्द बयान दिया था. इसमें मात्र एक अभियुक्त रणवीर यादव पर गोली मारने का आरोप था. सुनील के बयान पर चौथम (मानसी) थाना पुलिस ने कांड संख्या 192/88 दर्ज की थी. बाद में अनुसंधान के दौरान रणवीर के भाई कैलू यादव का भी नाम घटना को अंजाम देने में आया. लेकिन मामले की सुनवाई के दौरान ही कैलू यादव की मौत हो गयी.
22 वर्ष तक मुंगेर में चली सुनवाई : सुनील यादव हत्याकांड में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद मंगलवार को सजा सुनायी गयी. लगभग 22 वर्षों तक मुंगेर न्यायालय के विभिन्न जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में सुनवाई का दौर चलता रहा. इस हाइलेवल मामले में बार-बार अभियुक्त रणवीर यादव द्वारा व्यवहार न्यायालय के आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में मामले को ले जाने के कारण सुनवाई की गति काफी धीमी रही.
पूर्व से सजायाफ्ता रहा है रणवीर यादव : पूर्व विधायक रणवीर यादव मुंगेर जिले के बहुचर्चित तौफिर नरसंहार कांड का आरोपी रहा है और उस मामले में उसे न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा भी हुई थी. वह लगभग नौ वर्षों तक जेल में भी रहा. उस मामले में रणवीर यादव उच्च न्यायालय से लेकर उच्चतम न्यायालय तक दौड़ लगायी. बाद में राज्य सरकार की सजा माफी के बाद जेल से निकला.
27 साल बाद आया फैसला
खगड़िया की जदयू विधायक पूनम देवी के पति हैं रणवीर
फैसला सुनते ही रो पड़ीं पूनम देवी
छह दिसंबर 1988 को चचेरे भाई सुनील यादव की कर दी थी हत्या
फैसले के बाद कोर्ट से बाहर निकलते पूर्व विधायक रणवीर यादव.
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