मनरेगा योजना में 40.82 लाख की अवैध निकासी

Updated at :03 Dec 2016 8:38 AM
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मनरेगा योजना में 40.82 लाख की अवैध निकासी

घोटाला : भुगतान पर रोक के बावजूद असरगंज के पीओ ने निकाली राशि मुंगेर : मनरेगा योजना मुंगेर जिले में अधिकारियों, संबंधित पदाधिकारियों, अभियंताओं एवं बिचौलियों के जेब भरने वाली योजना बन गयी है. हरिणमार एवं झौवाबहियार में करोड़ों के वित्तीय अनियमितता का अबतक जांच प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है वहीं दूसरी ओर असरगंज […]

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घोटाला : भुगतान पर रोक के बावजूद असरगंज के पीओ ने निकाली राशि
मुंगेर : मनरेगा योजना मुंगेर जिले में अधिकारियों, संबंधित पदाधिकारियों, अभियंताओं एवं बिचौलियों के जेब भरने वाली योजना बन गयी है. हरिणमार एवं झौवाबहियार में करोड़ों के वित्तीय अनियमितता का अबतक जांच प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है वहीं दूसरी ओर असरगंज प्रखंड में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है. जिसमें सामग्री मद में भुगतान पर रोक के बावजूद 40.82 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है. मुंगेर के जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह ने इस मामले में पीओ से 48 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है.जिलाधिकारी के स्पष्टीकरण के बाद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं.
संबंधी के खाते में ट्रांसफर की गयी राशि : गरीबों को रोजगार की गारंटी देने वाला मनरेगा योजना असरगंज प्रखंड में पूरी तरह लूट-खसोट की योजना रह गयी है. जिला से प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हो रही. इस संदर्भ में जब स्थानीय लोगों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला पदाधिकारी से शिकायत की तो प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. जब जिलाधिकारी ने जनशिकायत के आधार पर ऑनलाइन निकाले गये वित्तीय प्रतिवेदन की जांच की तो पाया गया कि सामग्री मद में भुगतान पर वर्तमान में रोक रहने के बावजूद पीओ द्वारा लगभग 40.82 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. समीक्षा में उन्होंने पाया कि यह राशि कनीय अभियंता के संबंधी के खाते में ट्रांसफर किया गया है.
डीएम ने कहा है कि प्रथम दृष्टया भुगतान पर रोक रहने के बावजूद इतनी बड़ी राशि कनीय अभियंता के संबंधी के खाते में ट्रांसफर किया जाना अनियमितता को दर्शाता है. उन्होंने 48 घंटे में पीओ से स्पष्टीकरण मांगा है कि केवल पारिश्रमिक भुगतान के लिए साइट खोले जाने के बावजूद किस परिस्थिति में इतनी बड़ी राशि ट्रांसफर किया गया. डीएम ने कहा है कि अगर स्पष्टीकरण का जबाव समय पर नहीं मिला तो पीओ के नियोजन समाप्ति की की कार्रवाई करते हुए प्रथमिकी दर्ज करायी जायेगी.
तीन वर्ष पूर्व ही बंद हो चुकी है कंपनी
असरगंज प्रखंड में मनरेगा योजना में एक करोड़ से अधिक राशि के गलत तरीके से भुगतान का मामला प्रकाश में आया था. आरोप लगाया गया था कि राशि का भुगतान उन कंपनी के खाते में किया गया है जो तीन वर्ष पूर्व ही बंद हो चुका है. कुछ ऐसी कंपनी को भी राशि का भुगतान किया गया जो कार्यस्थल से सौ किलोमीटर दूर है एवं कार्य योजना के कनीय अभियंता के पत्नी व रिश्तेदार के नाम से चलता है.
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