सदर अस्पताल. मोतियाबिंद रोगियों का नहीं हो रहा इलाज

Updated at :24 Nov 2016 6:17 AM
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सदर अस्पताल. मोतियाबिंद रोगियों का नहीं हो रहा इलाज

मुंगेर : अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम में मुंगेर जिला पिछड़ रहा है़ वहीं सदर अस्पताल में यह कार्यक्रम पूरी तरह फिसड्डी साबित हो रहा है़ हाल यह है कि पिछले सात महीने में सदर अस्पताल में मोतियाबिंद के मात्र चार मरीजों का ही ऑपरेशन किया गया. वहीं निजी संस्थाओं द्वारा अबतक कुल 833 मोतियाबिंद के मरीजों […]

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मुंगेर : अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम में मुंगेर जिला पिछड़ रहा है़ वहीं सदर अस्पताल में यह कार्यक्रम पूरी तरह फिसड्डी साबित हो रहा है़ हाल यह है कि पिछले सात महीने में सदर अस्पताल में मोतियाबिंद के मात्र चार मरीजों का ही ऑपरेशन किया गया. वहीं निजी संस्थाओं द्वारा अबतक कुल 833 मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन किया जा सका है़ जबकि वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिले को 3500 मरीजों के ऑपरेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है़ जो अब पूरी तरह से निजी संस्थाओं के कंधे पर टिकी हुई है. जबकि सदर अस्पताल में दो नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सक पदस्थापित हैं.

सात महीने में मात्र चार ऑपरेशन: सदर अस्पताल को अपना आई हॉस्पीटल है़ जिसे लाखों रुपये खर्च कर हर सुविधाओं से लैस किया गया है़ यहां दो नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सक भी पदस्थापित हैं. ताकि अधिक से अधिक नेत्र रोगियों का इलाज किया जा सके. किंतु अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के कारण पिछले सात महीने में मोतियाबिंद के मात्र चार मरीजों का ही ऑपरेशन हो पाया है़ मालूम हो कि वित्तीय वर्ष में सदर अस्पताल को 1000 मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन कारने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है़ गौर किया जाये तो सदर अस्पताल में अब तक निर्धारित लक्ष्य का मात्र 0.4 प्रतिशत ही कार्य पूरा किया गया है़ बांकी के पांच महीने में लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल है़
लक्ष्य 3500, उपलब्धि 837: स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्वास्थ्य समिति को चालू वित्तीय वर्ष में कुल 3500 मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन कारने का लक्ष्य निर्धारित किया है़ किंतु अक्टूबर माह तक जिल भर में कुल 837 मरीजों का ही ऑपरेशन हो पाया है़ जिसमें से सिर्फ निजी संस्थाओं ने 833 मरीजों का ऑपरेशन किया है़ लक्ष्य को देखा जाये तो पिछले सात महीने में मात्र 23.7 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है़ जबकि अब सिर्फ पांच महीने ही शेष रह गये हैं. ऐसे में लक्ष्य को पूरा कर पाना दूर उसके करीब पहुंचना भी मुश्किल है़
इन संस्थानों के कंधे पर टिका है कार्यक्रम: जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा कुल छह संस्थानों को अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पंजीकृत किया गया है़ जिसमें श्रीराम रुप नेत्रधाम तारापुर, बाबा बैद्यनाथ आई हॉस्पीटल तारापुर, हेल्थ केयर रहमानी फाउंडेशन मुंगेर, चक्षुदान यज्ञ समिति मुंगेर, असरगंज तथा लायंस क्लब को चुना गया है़ जिला स्वास्थ्य समिति अबतक इन्हीं संस्थाओं द्वारा अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम को ढ़ो रही रही है या यूं कहें कि इन संस्थानों के कंधे पर ही यह कार्यक्रम टिका हुआ है़
3500 मरीजों के अॉपरेशन का है लक्ष्य
पिछले सात महीने में हुए ऑपरेशन
महीना सदर अस्पताल निजी संस्थान
अप्रैल 1 139
मई 0 111
जून 3 104
जुलाई 0 142
अगस्त 0 94
सितंबर 0 130
अक्तूबर 0 113
कहते हैं नोडल पदाधिकारी
जिला अंधापन नियंत्रण र्कायक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ मो. रईस ने बताया कि सदर अस्पताल का आई हॉस्पीटल पूरी तरह जर्जर हो गया है़ साथ ही ऑपरेशन थियेटर में लगा एसी भी खराब पड़ा हुआ है़ जिसके कारण मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है़
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