परिवहन भत्ता भुगतान का निर्देश

Updated at :23 Nov 2016 4:33 AM
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परिवहन भत्ता भुगतान का निर्देश

मुंगेर : राज्य नि:शक्तता आयुक्त अरविंद कुमार सिंह ने समाहरणालय में कैंप कोर्ट लगाया गया. जिसमें सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी विनोद कुमार मिश्रा के वाद की सुनवाई की गयी. उन्होंने यह निर्देश दिया कि वित्त विभाग बिहार सरकार के आदेश के आलोक में अविलंब परिवहन भत्ता विनोद कुमार मिश्र को भुगतान किया जाय. विनोद दोनों पैरों […]

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मुंगेर : राज्य नि:शक्तता आयुक्त अरविंद कुमार सिंह ने समाहरणालय में कैंप कोर्ट लगाया गया. जिसमें सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी विनोद कुमार मिश्रा के वाद की सुनवाई की गयी. उन्होंने यह निर्देश दिया कि वित्त विभाग बिहार सरकार के आदेश के आलोक में अविलंब परिवहन भत्ता विनोद कुमार मिश्र को भुगतान किया जाय. विनोद दोनों पैरों से नि:शक्त है और बिना सूचना के ही जनवरी 2001 से उनका परिवहन भत्ता स्थगित कर दिया गया. उन्होंने इस संदर्भ में कई आवेदन दिये.

बावजूद इस मामले का निष्पादन नहीं किया गया. राज्य नि:शक्तता आयुक्त बिहार के ज्ञांपाक 666 का हवाला देते हुए भी ज्ञापन दिया और पुन: 2014 में स्मारपत्र भी दिया. जब मामले का निष्पादन नहीं हुआ तो उन्होंने कैंप कोर्ट में शिकायत की और इस शिकायत के बाद यह निर्देश दिया गया.

मुंगेर : सदर अस्पताल शायद तभी कुछ अच्छा काम होता है, जब वहां निरीक्षण के लिए कोई बड़े अधिकारी व नेता आने वाले हों. वहीं सामान्यत: अस्तपाल प्रबंधन बदहाली व कुव्यवस्थाओं को देख कर भी मुंह फेर लेती है़ कुछ ऐसा ही नजारा मंगलवार को संध्याकालीन ओपीडी के दौरान भी सामने आया़ जांच घर के समीप मरीज लाइन लगा कर अपने-अपने रिपोर्ट लेने के लिए परेशान थे, किंतु जांच घर के गेट में ताला लगा हुआ था़ जिसके कारण लाइन में खड़े मरीज काफी आक्रोसित होने लगे तो एक घंटा विलंब से जांच घर को खोला गया़
ठंड के दिनों में सदर अस्पताल की आउटडोर सेवा का समय बदल जाता है़ वर्तमान समय में सुबह 8-12 बजे की ओपीडी में तब्दीली करते हुए समय को बढ़ा कर उसे 8:30 बजे से 12:30 बजे तक कर दिया गया है़ वहीं संध्याकालीन ओपीडी में 4-6 बजे में बदलाव कर उसे घटा कर 3:30 से 5:30 बजे तक कर दिया गया है़ किंतु कई स्वास्थ्य कर्मी इस समय सीमा का पालन नहीं कर रहे, जिसके कारण इलाज के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है़
मंगलवार को जांच घर के समीप चड़ौन गांव निवासी कुमारी लक्ष्मी, लखीसराय निवासी शांति देवी, बांक निवासी दिवाकर कुमार, सुंदरडीह निवासी ललिता देवी, तोपखाना बाजार निवासी खुशबू देवी, बस स्टेंड निवासी कुंदन कुमार सहित दर्जन भर लोग 3 बजे से ही उसके खुलने का इंतजार कर रहे थे़ किंतु 4 बजे तक जांच घर नहीं खुलने पर इंतजार में खड़े मरीज व उनके परिजन आक्रोशित होने लगे़ मरीजों का कहना था कि छोटे- मोटे इलाज के चक्कर में भी पूरा देन बीत जाता है़
सुबह चिकित्सक से दिखाया तो उन्होंने जांच लिख दिये़ अब जब तक चिकित्सक को जांच रिपोर्ट नहीं दिखायेंगे तब तक न तो बीमारी का सही से पता चल पायेगा और न ही कोई दवा ही मिल पायेगी़ रिपोर्ट मिलने के बाद उसे चिकित्सक से मिलने के लिए फिर लाइन में लगना पड़ेगा़ जितना देर रिपोर्ट लेने में होगा, उतना ही देर फिर चिकित्सक को रिपोर्ट दिखाने में भी लगेगी,
कहीं अधिक विलंब हुआ तो चिकित्सक से मुलाकात भी नहीं हो पायेगी़ मरीजों ने जब इसकी सूचना अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा को दी तो उनके प्रयास के बाद 4:30 बजे जांच घर खुला तथा वहां पर स्वास्थ्य कर्मी पहुंचे व मरीजों को जांच रिपोर्ट उपलब्ध करायी गयी़
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