फाइल की खोज में जुट गया विभाग बंदरबांट. क्लास रूम में पड़ी हैं साइकिलें

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Oct 2016 4:21 AM

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स्कूली बालिकाओं को मिलने वाली साइकिल योजना में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आ रहा है. जिला स्कूल के कक्ष में सौ से अधिक साइकिल वर्षों से यूं ही पड़ी जंख खा रही है. प्रभात खबर में इससे संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद अब शिक्षा विभाग के अधिकारी साइकिल खरीद की फाइल की खोजने […]

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स्कूली बालिकाओं को मिलने वाली साइकिल योजना में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आ रहा है. जिला स्कूल के कक्ष में सौ से अधिक साइकिल वर्षों से यूं ही पड़ी जंख खा रही है. प्रभात खबर में इससे संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद अब शिक्षा विभाग के अधिकारी साइकिल खरीद की फाइल की खोजने में लगे हैं. इधर प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर एक जांच कमेटी गठित की गयी है.

मुंगेर : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वपूर्ण बालिका साइकिल योजना में लाखों के बंदरबांट का मामला मुंगेर जिले में सामने आ रहा है. वर्ष 2007-08 में शिक्षा विभाग द्वारा सीधे साइकिल खरीद कर स्कूली छात्राओं को उपलब्ध करायी गयी थी. जिसमें तत्कालीन शिक्षाधिकारियों ने भारी अनियमितता बरती है. क्योंकि लाखों रुपये की साइकिल पिछले सात साल से जिला स्कूल के एक कक्ष में जंख खा रहा है. जिसका न तो बालिकाओं के बीच वितरण किया गया और न ही संबंधित साइकिल एजेंसी को वापस किया गया. अलबत्ता शिक्षाधिकारियों ने राशि की तो बंदरबांट कर ली. किंतु बालिकाओं को मिलने वाली साइकिल आज कूड़ा बनता जा रहा है.
इस मामले की खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गयी है और जिला पदाधिकारी उदय कुमार सिंह के निर्देश पर जांच कमेटी गठित की गयी है.
खोजी जा रही साइकिल की फाइलें : शिक्षा विभाग के अधिकारी बताते हैं कि जो साइकिल जिला स्कूल में पड़ी हुई है वह वर्ष 2007-08 का है. क्योंकि उसी समय शिविर लगाकर सर्वशिक्षा अभियान के तहत बालिकाओं को साइकिल उपलब्ध करायी गयी थी. मुंगेर के नगर भवन एवं जिला स्कूल में कैंप लगाकर बालिकाओं को साइकिल दी गयी थी.
माना जा रहा है कि उसी समय थौक भाव में इस साइकिल की खरीद की गयी थी जो वितरण नहीं होने के कारण जिला स्कूल के कक्ष में रख दिया गया था. जिला शिक्षा पदाधिकारी केके शर्मा बिहार शिक्षा परियोजना कार्यालय जाकर सोमवार को साइकिल के संबंधित फाइल की खोजबीन प्रारंभ की. किंतु अबतक साइकिल खरीद व वितरण से संबंधित फाइल नहीं मिल पायी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रशाखा प्रभारी राजेश झा को फाइल खोजने का दायित्व सौंपा है.
प्राचार्य ने भेजा अधिकारी को पत्र:
जिला स्कूल के कक्ष में सैकड़ों साइकिल की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रभारी प्राचार्य मो. इस्माइल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं बिहार शिक्षा परियोजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को पत्र भेज कर यह सूचित किया है कि वर्षों से यहां साइकिलें पड़ी हुई है. जो पूरी तरह असुरक्षित भी है. क्योंकि साइकिल कक्ष के गेट में ताला तो लगा है लेकिन उसमें अंदर प्रवेश करने की पूरी गुंजाइश है. इसलिए शिक्षा विभाग इस साइकिल को अपने कस्टडी में ले.
जिला स्कूल के वर्ग कक्ष में पड़ी साइकिलें.
कहते हैं डीपीओ
साइकिल खरीद का मामला काफी पुराना है. इस मामले में अभिलेख को खोजा जा रहा है और उसी के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी कि आखिर साइकिल कब-कब खरीदा गया और वितरण के बाद किस परिस्थित में साइकिल को जिला स्कूल के कक्ष में रखा गया था.
राजकुमार शर्मा, डीपीओ, बिहार शिक्षा परियोजना
कहते हैं डीइओ
मामले में जांच के लिए सर्वशिक्षा अभियान के डीपीओ राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया है. जो साइकिल खरीद से वितरण व जिला स्कूल में रखे साइकिल के संदर्भ में जांच करेंगे. साथ ही उस समय के फाइलों को भी खोजा जा रहा है.
केके शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी
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