मानव को अपने चरत्रि के माध्यम से श्रीराम ने दिया उपदेश

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मुंगेर : मुंगेर के गंगा तट सोझीघाट स्थित प्रसिद्ध मंदिर में चल रहे श्रीराम कथा के तहत मंगलवार को अयोध्या से पधारे स्वामी मधुशूदनाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीराम की चरित्र का वर्णन किया और कहा कि मानव को अपने चरित्र के माध्यम से उन्होंने जो संदेश दिया वह युगों तक अनुकरणीय रहेगा. सोझीघाट में […]

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मुंगेर : मुंगेर के गंगा तट सोझीघाट स्थित प्रसिद्ध मंदिर में चल रहे श्रीराम कथा के तहत मंगलवार को अयोध्या से पधारे स्वामी मधुशूदनाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीराम की चरित्र का वर्णन किया और कहा कि मानव को अपने चरित्र के माध्यम से उन्होंने जो संदेश दिया वह युगों तक अनुकरणीय रहेगा.

सोझीघाट में चल रहे श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ में उन्होंने भगवान श्रीराम के अवतार की कथा सुनायी और कहा कि अधर्मियों का विनाश व धर्म की सभ्यक रक्षा करना ही ईश्वर के अवतरण का कारण होता है. परमात्मा के अवतरण का मुख्य कारण मानवों को शिक्षा प्रदान करना और अपने अकिंचन भक्तों का उद्धार करना है. उ

न्होंने कहा कि राम का चरित्र इतना उद्दत है कि रावण जैसा व्यक्ति सीता को भ्रमित करने के लिए राम रूप बनना चाहता है तो राम के स्वरूप चिंतन करने मात्र से रावण को सभी पराई नारी में अपनी माता का स्वरूप दिखाई देने लगता है. अंतत: वह राम का स्वरूप नहीं बना सका.

ऐसे श्रीराम के चरित्र कथन श्रवण और जीवन में उतारने से हमारे भी संस्कार परिस्कृत होंगे और जब हम सात्विक वृतियों से युक्त होते हैं तो हृदय की अशांति मिट कर शांति की प्राप्ति होती है. साथ ही जीवन में शाश्वत वसंत का आगमन होता है. इस मौके पर हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत देवेंद्र दास जी महाराज ने अपने प्रवचन से लोगों को भक्ति के सागर में उतार दिया. मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर-नारी उपस्थित थे.

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