बढ़ा अपराध : राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या, प्रधानाध्यापक का अपहरण
बढ़ा अपराध : राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या, प्रधानाध्यापक का अपहरण मुंगेर जिले में लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. अपराधी खुलेआम घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस प्रशासन को चुनौती दे रही है. शनिवार की सुबह जहां शहर के वासुदेवपुर ओपी क्षेत्र के सुंदरपुर में अपराधियों ने सरेआम एक राजनीतिक कार्यकर्ता मनोज रजक की […]
बढ़ा अपराध : राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या, प्रधानाध्यापक का अपहरण मुंगेर जिले में लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. अपराधी खुलेआम घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस प्रशासन को चुनौती दे रही है. शनिवार की सुबह जहां शहर के वासुदेवपुर ओपी क्षेत्र के सुंदरपुर में अपराधियों ने सरेआम एक राजनीतिक कार्यकर्ता मनोज रजक की गोली मार कर हत्या कर दी. वहीं खड़गपुर के शामपुर सहायक थाना क्षेत्र में उच्च विद्यालय बैजलपुर के प्रधानाध्यापक सुबोध साह का अपहरण कर लिया. इन दोनों ही मामले में अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. लगातार बढ़ रही घटना से आम लोग चिंतित व दहशत में हैं. ————————–अपराधियों के विरुद्ध न्यायालय में बयान देने के कारण मनोज की हुई हत्या फोटो संख्या : 4,5फोटो कैप्सन : विलाप करते परिजन व मृतक के पिता से पूछताछ करते डीएसपी प्रतिनिधि , मुंगेर अपराधियों का विरोध करना मनोज रजक (35) को महंगा पड़ा. अपराधियों ने शनिवार को गोली मार कर उसकी हत्या कर दी. जिसके बाद मृतक के परिजन अपराधियों के भय से दहशतजदा हैं और घर छोड़ने की तैयारी कर रहे. भय का आलम यह है कि पुलिस के लाख पूछने पर भी मृतक के पिता व भाई अपराधियों का नाम बताने को तैयार नहीं. कैसे हुई हत्या मनोज रजक शनिवार की सुबह लगभग 6:30 बजे दूध लाने के लिए रंजीत मंडल के घर जा रहा था. घर से कुछ दूर ही वह बढ़ा कि तीन -चार की संख्या में घात लगाये अपराधियों ने उस पर गोली फायर करना प्रारंभ कर दिया. जिसमें एक गोली उसके सर में लगी और दूसरा गोली उसके पेट में लगी. वह वहीं गिर पड़ा जबकि अपराधी भाग निकले. गोली की आवाज पर ग्रामीण एवं मनोज के घर वाले निकले और मनोज को उठा कर सदर अस्पताल लाया. जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. गवाही देने के कारण हुई मनोज की हत्या वर्ष 2013 में अपराधी रंजीत डॉन, उत्तम मिश्रा, गौतम पासवान, मतवीर पासवान रंगदारी मांगने उसके परमानंद मिश्रा के घर रंगदारी को लेकर गोलीबारी की थी. जवाब में परमानंद मिश्रा ने भी अपने लाइसेंसी राइफल से गोलीबारी की. जिसमें गौतम पासवान एवं मतवीर पासवान की मौत हो गयी थी. जिसके बाद अपराधी परमानंद मिश्रा के बेटे आइटीसी कर्मी शैलेश मिश्रा के जान का दुश्मन बन गया था और 25 नवंबर 2013 को अपराधियों ने उसे गोली मार दिया. घायलावस्था में उसे मनोज रजक ने ही सदर अस्पताल में भरती कराया था. एक माह बाद इलाज के दौरान शैलेश की मौत हो गयी थी. इस मामले में वह गवाह था और अपराधियों के लाख धमकी के बावजूद न्यायालय में उसके विरुद्ध गवाही दी थी. परिजनों का हाल बेहाल मनोज के मौत की सूचना मिलते ही मृतक की मां, भाई, पिता एवं अन्य परिजन सदर अस्पताल पहुंचे. जहां सभी का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था. मां की चीत्कार से अस्पताल परिसर दहल उठा. परिजन रोते बिलखते बस एक ही बात कह रहे थे कि क्या मिला एक घायल को अस्पताल पहुंचा कर. परिजनों ने साधी चुप्पी घटना के बाद परिजनों ने चुप्पी साध ली है. मृतक के पिता ब्रह्मदेव रजक, भाई सन्नी एवं कोई भी भाई कुछ भी बताने से इंकार कर दिया. वे यह भी नहीं बता रहे है कि आखिर क्यों अपराधियों ने उसकी हत्या की. जब पुलिस पदाधिकारी अस्पताल में घटना के बारे में पूछा और बयान देने को कहा तो पिता ने सीधे तौर पर कहा कि हम आकर थाने में बयान दर्ज करा देंगे. अब तक दर्ज नहीं हो सकी प्राथमिकी परिजन अपराधियों के भय से इतने सहमे हुए है कि वह पुलिस को भी कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं. एसडीपीओ ने जब परिजन से बात की तो सभी ने कहा कि किसने मारा हमलोगों को पता नहीं. अबतक मनोज हत्याकांड की प्राथमिकी तक दर्ज नहीं हो पायी. उत्तम मिश्रा गिरोह के सदस्यों ने की हत्या एसडीपीओ ललित मोहन शर्मा ने कहा कि उत्तम मिश्रा तो सजा याफ्ता है. जबकि उसके गिरोह के दो सदस्य टारजन मंडल एवं उज्जवल मंडल हाल ही में जेल से जमानत पर निकला है. उत्तम मिश्रा गिरोह के सदस्यों ने ही मनोज राजक की हत्या की है. टारजन एवं उज्जवल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. रंजीत डॉन को खोज रही पुलिस पुलिस को कुख्यात अपराधी रंजीत डॉन उर्फ रंजीत यादव का संलिप्तता भी मनोज हत्याकांड में मिली है. जिसकी खोज में पुलिस छापेमारी कर रही है. क्योंकि रंजीत डॉन भी परमानंद मिश्रा से रंगदारी मांगने के मामले में अभियुक्त है. —————————-फिरौती के लिए खड़गपुर में होता रहा है शिक्षक का अपहरण हवेली खड़गपुर : नक्सल प्रभावित खड़गपुर थाना क्षेत्र में लगातार शिक्षकों का अपहरण होता रहा है. पिछले एक वर्ष के दौरान चार शिक्षकों का फिरौती के लिए अपहरण किया गया और दो शिक्षक फिरौती की रकम अदा करने के बाद सकुशल वापस भी लौटे. एक बार फिर उच्च विद्यालय बैजलपुर के प्रधानाध्यापक सुबोध साह का अपराधियों ने अपहरण कर लिया है. यह मामला भी फिरौती का ही बताया जा रहा. जानकार सूत्र बताते हैं कि परिजनों को फिरौती की राशि की सूचना भी भेज दी गयी है. यूं तो अबतक इस मामले में पुलिस अपहर्ता गिरोह की शिनाख्त नहीं कर पायी है. लेकिन माना जा रहा है कि क्षेत्रीय अपराधियों ने ही घटना को अंजाम दिया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा विद्यालय पहुंच कर घटना की पूरी तफ्तीश की और तत्काल ही पुलिस कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गयी है. बताया जाता है कि खड़गपुर क्षेत्र में कई विद्यालयों से अपराधी रंगदारी वसूलते रहे हैं. खासकर जिन विद्यालयों में भवन निर्माण का कार्य होता है वहां अपराधी गिरोह का फरमान जारी हो जाता और प्रधानाध्यापकों को निर्धारित राशि देनी पड़ती है. अपराधियों के कारण यहां के शिक्षक भयभीत रहते हैं. खड़गपुर अनुमंडल में जिन शिक्षकों ने रंगदारी नहीं दी या अपराधियों का विरोध किया उसे अंजाम भी भुगतना पड़ रहा है. पिछले वर्ष शामपुर ओपी क्षेत्र के ही मध्य विद्यालय धपरी के प्रधानाध्यापक रूपेश कुमार सिंह का अपहरण फिरौती के लिए कर लिया गया था. पुलिस को भ्रमित करने के लिए अपराधियों ने रूपेश के मोबाइल को सुलतानगंज के इलाके में रखा था और उसी के नंबर से परिजनों को फोन कर फिरौती की राशि मांगी गयी थी. फिरौती भुगतान के बाद ही रूपेश वापस घर आया था. उस मामले में पंकज बिंद, रंजन बिंद जैसे लोगों का नाम सामने आया था. इससे पूर्व भी मिल्की निवासी शिक्षक प्रवीण सिंह का भी अपहरण किया गया था. काफी नाटकीय ढंग से उसकी बरामदगी हुई थी. टेटियाबंबर के मेहरमनाटांड़ प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक धीरेंद्र मांझी का अपहरण फिरौती के लिए किया गया था. अपराधियों ने रकम भुगतान के बाद भी उसे मुक्त किया था. इधर प्रधानाध्यापक सुबोध साह के अपहरण से जहां विद्यालय के शिक्षक दहशत में हैं वहीं शनिवार को शिक्षण कार्य भी पूरी तरह ठप रहा.
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