सदर अस्पताल बनेंगे अति विशिष्ट अस्पताल, 32 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मिलेंगा अपना भवन

32 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मिलेंगा अपना भवन
मुंगेर. नये साल के आरंभ के साथ अब जिले में जहां स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा. जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थान अब अधिक सुदृढ़ होंगे. 2026 में जिले में 32 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को अपना भवन मिल जायेगा. वहीं अब इस साल जहां सदर अस्पताल अति विशिष्ट अस्तपाल में रूप में सुदृढ़ होंगे. वही जिले के कई सरकारी स्वास्थ्य संस्थान विशिष्ट अस्पताल के रूप में विकसित होंगे. इतना ही नहीं इस साल अब सरकार के सात निश्चय योजना पार्ट-3 के तहत सरकारी अस्पतालों में ही अब सरकारी चिकित्सक मरीजों का इलाज करेंगे.
सदर अस्पताल बनेंगे अतिविशिष्ट, अन्य बनेंगे विशिष्ट अस्पताल
नये साल में अब जिले में सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सुदृढ़ होने के साथ यहां की स्वास्थ्य सेवाओं और अधिक सुलभ व सुदृढ़ होगी. नये साल में सरकार अब सात निश्चय योजना पार्ट-3 में स्वास्थ्य सेवाओं को भी शामिल कर रहा है. इसके तहत सदर अस्पताल को अब अति विशिष्ट अस्पताल के रूप में अपग्रेड किया जायेगा. जिसमें यहां मिल से संस्थागत प्रसव, सिजेरियन प्रसव, शिशु स्वास्थ्य सेवा, पैथोलॉजी व क्लीनिकल जांच सेवा, दवा उपलब्धता आदि को और अधिक सुदृढ़ किया जायेगा. इसके अतिरिक्त धरहरा, संग्रामपुर तथा हवेली खड़गपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को विशिष्ट अस्पताल के रूप में अपग्रेड किया जायेगा. इसमें इन तीनों स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव, जांच, दवा, ओपीडी, एएनसी, एनसीडी सहित सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को पूरी तरह संचालित कर सुदृढ़ किया जायेगा.
32 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मिलेंगे अपना भवन
नये साल में अब जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया जायेगा. नये साल में जिले में इसके तहत 32 हेल्थ एंड वेलने सेंटर को अपना खुद का भवन मिल जायेगा. जो अबतक किराये के भवनों में संचालित हो रहा है. जिसके बाद जिले में संचालित 180 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में कुल 120 को अपना भवन मिल जायेगा. इससे उस क्षेत्र के लोगों को नये साल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेगी.
———————————————-सात निश्चय योजना के तहत बेहतर होगी स्वास्थ्य सेवाएं
मुंगेर. नये साल में सात निश्चय योजना के लागू होने के बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कई स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होगी. नये साल में सभी सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्ट्रिस पर रोक होगी. हलांकि इसके लिये सरकारी चिकित्सकों को नॉन-प्रैक्ट्रिस अलॉउंस दिया जायेगा, ताकि सरकारी चिकित्सक अपना पूरा समय सरकारी अस्पताल में दे सके और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके. इसके अतिरिक्त अब वैसे नवजात, जिनके परिजन जन्म के बाद घर चले जाते हैं और अपना जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर पाते हैं. वैसे बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र संबंधित क्षेत्र की आशा द्वारा बच्चे के घर पर जाकर दिया जायेगा. हलांकि जो परिजन अस्पताल में रहते हुये भी जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त सभी प्रखंडों में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ अब डोर-टू-डोर विजिट कर वैसे वृद्ध व असाध्य रोग से पीड़ित मरीज, जो अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक जाने में असमर्थ हैं. वैसे वृद्ध व मरीजों चिन्हित कर उन्हें घर पर ही यथासंभव स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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