मुंगेर : मुंगेर एवं आसपास का क्षेत्र पूरी तरह शीतलहर की चपेट में है. अगले कई दिनों तक लोगों को इससे राहत भी मिलने वाली नहीं है. मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहेगा. मौसम के पूर्वानुमान में यह भी साफ है कि फिलहाल ठंड से कोई राहत मिलने वाली नहीं है़
संभावित ठंड को लेकर आमजनों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है़ पिछले नौ दिनों से ठंड में हो रही लगातार बढ़ोतरी के कारण आमजनों का बुरा हाल हो गया है़ वहीं वृद्ध अब इस कड़ाके की ठंड को नहीं झेल पा रहे है. इन दिनों मरने वालों में अधिक संख्या वृद्ध लोगों की है. अत्यधिक शीतलहर के कारण अब फसलों पर भी इसका प्रभाव पड़ने लगा है़ दिन में सूर्य तो निकलता है, लेकिन वह भी शीतलहर को भेदने में पूरी तरह से असफल साबित हो रहा है़
वृद्ध नहीं झेल पा रहे हैं ठंड का कहर: वैसे तो वर्तमान समय में व्याप्त शीतलहर को झेलना हर किसी के लिए काफी मुश्किल हो गया है़ किंतु वृद्धजनों के लिए तो अब यह शीतलहर पूरी तरह से जानलेवा बन चुका है़ हाल यह है कि पिछले तीन दिनों से वृद्धों की मृत्यु में भी काफी वृद्धि हो गयी है़ बुधवार को प्रभात खबर की टीम इसकी पुष्टि के लिए लाल दरबाजा स्थित श्मशान घाट पहुंची़ वहां पर मौजूद गौतम मल्लिक ने बताया कि पिछले तीन दिनों से यहां पर अधिकांश शव वृद्धों के ही पहुंच रहे है़ं
उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में यहां पर दाह-संस्कार के लिए प्रतिदिन औसतन 10-12 शव पहुंचते थे़ किंतु ठंड में यहां पर शवों के पहुंचने की संख्या भी काफी बढ़ गयी है़ मंगलवार को यहां 25 से अधिक शव पहुंचे थे़ वहीं बुधवार को दोपहर 3 बजे तक 27 शव पहुंच चुका था़ जो भी शव पहुंच रहे उनमें अधिकांश वृद्धजनों का ही शव था़ उसने भी इस बात को स्वीकारा कि ठंड के कारण ही अधिकांश वृद्ध की मौत हो रही है़
शीतलहर को नहीं भेद पा रही सूर्य की किरणें: पिछले दो दिनों से दिन में सूर्य निकत तो रहा है किंतु सूर्य की किरणें शीतलहर को भेद नहीं पा रही है़ बुधवार को भी दिन के 11 बजे आसमान में सूर्य की गुलाबी किरणें फैल गयी़ लोग सूर्य की किरणों को देख काफी उत्साहित हो उठे़ कई लोग अपने छत के उपर, तो कोई अपने घर के आंगन में इस उम्मीद से बैठ गये, कि अब उन्हें ठंड से थोड़ी राहत मिल जायेगी़ किंतु तेजहीन सूर्य की किरणों में इतनी भी गर्मी नहीं थी कि लोग अपने शरीर से गर्म कपड़े या शॉल तक को भी हटा पाये. खुली धूप में बैठने के बावजूद पछुआ हवा से व्याप्त कनकनी लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही थी़ नतीजतन लोग कुछ देर बाद अपने घरों के भीतर जाने को विवश हो गये़
टमाटर व आलू की फसल को खतरा: तापमान में लगातार कमी पाये जाने के कारण अब इसका प्रभाव फसलों पर भी पड़ने लगा है़ खास कर अत्यधिक ठंड के कारण आलू व टमाटर के फसल के नुकसान होने की संभावना काफी बढ़ गयी है़ गढ़ीरामपुर निवासी किसान कुंदन कुमार बताते हैं कि टमाटर में पाला का शिकायत मिलने लगा है़ टमाटर के बीज काले पड़ने लगे हैं तथा कई पौधे के पत्ते सूखने लगे हैं. वहीं कृषि वैज्ञानिक मुकेश कुमार ने बताया कि संभावित पाले के खतरे को ध्यान में रखते हुए फसलों में दवा का छिड़काव करना बेहद जरूरी हो गयी है़ इससे फसलों में पाला लगने का खतरा काफी हद तक कम हो जायेगा़
अगले पांच दिनों तक 7 डिग्री रहेगा न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है़ जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक ही रहेगा़ वहीं पछुआ हवा की गति 11-13 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी़ जिससे कनकनी में व्यापक पैमाने पर बढ़ोतरी होने की संभावना है़ जानकारों की मानें तो ठंड के मौसम में मुंगेर में न्यूनतम पारा 7 डिग्री तक पहुंचने का पहला मौका होगा, जो कि अब तक के ठंड का रिकार्ड तोड़ देगा़ अब तक जिले में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे कभी नहीं पहुंचा है़ वहीं बुधवार को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तथा अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया़
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