मुंगेर : पुलिस एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को शहर में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ पुन: विशेष अभियान चलाया गया. जेसीबी मशीन व मजदूरों के साथ अतिक्रमण हटाने निकले प्रशासनिक अधिकारियों ने फुटपाथ से अतिक्रमण हटवाया और भविष्य में पुन: अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत दी. साथ ही अधिकारियों ने कहा कि अगर पुन: अतिक्रमण किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
सदर बीडीओ पंकज कुमार, सीओ भुनेश्वर यादव एवं कोतवाली थानाध्यक्ष श्रीराम चौधरी के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया. जेसी मशीन एवं दो दर्जन मजदूर हामर व सांवल के साथ बाजार निकले. भारी संख्या में पुलिस बल भी इस अभियान में शामिल किया गया था. अस्पताल रोड से अतिक्रमण हटाने का सिलसिला प्रारंभ हुआ.
जो कोतवाली मोड़, एक नंबर ट्रैफिक, राजीव गांधी चौक, गांधी चौक, मुर्गियाचक, दिलीप बाबू धर्मशाला होते हुए पूरबसराय रेलवे ढाला तक अतिक्रमण को हटाया गया. हालांकि अतिक्रमण में न तो पुलिस को जेसीबी मशीन चलाने की जरूरत हुई और न ही मजदूरों को उपयोग किया. क्योंकि फुटपाथ पर दुकान सजा कर बैठक दुकानदार खुद से अतिक्रमण हटाया गया. अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर 2016 को अतिक्रमण हटाया गया था. लेकिन पुन: अतिक्रमणकारियों ने फुटपाथ का अतिक्रमण कर लिया. जिसके कारण शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी और यातायात व्यवस्था बदहाल हो गया.
घायल को अस्पताल ले जाने में हुई थी परेशानी: बताया जाता है कि पिछले दिनों बेकापुर शिवाजी चौक पर अपराधियों ने दिनदहाड़े एक व्यवसायी की गोली मार दी थी. शहर में अतिक्रमण से उत्पन्न जाम के कारण घायल व्यवसायी को अस्पताल ले जाने में काफी परेशानी हुआ था.
व्यवसायी जब अस्पताल पहुंचा तो उसे मृत घोषित कर दिया गया. मुंगेर चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर अतिक्रमण को हटाने की मांग की गयी थी. इतना ही नहीं हाल के दिनों में शहर के एक दर्जन से अधिक बड़े दुकानदारों ने अतिक्रमण को लेकर कोतवाली में लिखित शिकायत की थी. जिसके कारण रविवार को अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया.
पुन: अतिक्रमण हुआ तो होगा एफआइआर : सदर बीडीओ पंकज कुमार, सीओ भुनेश्वर यादव एवं कोतवाली थानाध्यक्ष श्रीराम चौधरी दुकानदारों को हिदायत दिया कि वे फुटपाथ का अतिक्रमण नहीं करें. क्योंकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है. अगर दुबारा किसी ने अतिक्रमण किया तो उससे न सिर्फ फाइन काटा जायेगा. बल्कि उसके खिलाफ थाने में एफआइआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
