डाक विभाग के गबन की जांच पूरी, 92 लाख तक पहुंची राशि

Published at :09 Sep 2017 5:10 AM (IST)
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डाक विभाग के गबन की जांच पूरी, 92 लाख तक पहुंची राशि

मुंगेर : महिला डाक घर में हुए गबन मामले की जांच 28 जुलाई से प्रारंभ हुई थी. धीमी गति से हुई जांच में एक के बाद एक शाखा उप डाकघरों में गबन का मामला सामने आते चला गया. डाक विभाग के सूत्रों की माने तो 2 सितबंर को जांच स्थानीय स्तर पर पूरी हो गयी […]

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मुंगेर : महिला डाक घर में हुए गबन मामले की जांच 28 जुलाई से प्रारंभ हुई थी. धीमी गति से हुई जांच में एक के बाद एक शाखा उप डाकघरों में गबन का मामला सामने आते चला गया. डाक विभाग के सूत्रों की माने तो 2 सितबंर को जांच स्थानीय स्तर पर पूरी हो गयी है. जिसमें 92 लाख रूपये का गबन पकड़ा गया. जांच टीम की रिपोर्ट को डाक अधीक्षक जेपी सिंह द्वारा पटना मुख्यालय को भेज दिया है. लेकिन स्थानीय जांच के आधार पर अब तक संबंधित थाना में दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी है. जबकि पांच डाककर्मियों को अब तक गबन में दोषी पाते हुए डाक अधीक्षक ने अपने स्तर से कार्रवाई करते हुए निलंबित भी कर दिया है.

मेडिकल छुट्टी पर गये डाक अधीक्षक :इधर जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद डाक अधीक्षक जेपी सिंह मेडिकल छुट्टी पर चले गये हैं. उनके स्थान पर भागलपुर सब डिविजन के डाक अधीक्षक को मुंगेर का प्रभार दिया गया है. लेकिन अब तक वे मात्र एक दिन ही मुंगेर कार्यालय में अपना समय दिया है. जिसके कारण जांच के संबंध में डाक विभाग के कोई कर्मचारी कुछ भी बाताने को तैयार नहीं है. जांच में शामिल एक अधिकारी मिले तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि डाक अधीक्षक से ही आप पूछताछ करें.
आखिर क्यों नहीं दर्ज हुई प्राथमिकी
पांच सदस्यीय टीम ने जांच कर रिपोर्ट पटना मुख्यालय को भेज दिया. लेकिन स्थानीय स्तर पर संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है. जबकि अमूमन यह देखा गया कि जैसे ही जांच रिपोर्ट में गबन का मामला आता है तो संबंधित थाना में संबंधित अधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर इत्तला कर दी जाती है. लेकिन डाक विभाग के जांच में गबन और पांच-पांच डाककर्मियों की संलिप्तता मिलने पर निलंबन की कार्रवाई हुई. लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई. जो सवालों को जन्म दे रहा है.
पांच कर्मी निलंबित
वैसे अब तक महिला डाकघर के इंजार्च तहत सुलताना, उपडाकपाल रविशंकर चौधरी, एके हेम्ब्रम, बेलनबाजार डाकघर के डाक सहायक वासुदेव ठाकुर एवं वासुदेवपुर शाखा के तत्कालीन डाक सहायक राम किशोर प्रसाद को गबन मामले में दोषी पाते हुए निलंबित किया जा चुका है.
क्या है मामला
मुंगेर शहर के नारायण दत्त रोड घोषीटोला स्थित महिला डाकघर में सबसे पहले गबन का मामला प्रकाश में आया. जिसके बाद डाक अधीक्षक के नेतृत्व में पांच सदस्यी जांच टीम का गठन किया गया. जिसमें डाक निरीक्षक मुंगेर आर भास्कर, जमुई के सहायक डाक अधीक्षक एके मंडल, शेखपुरा के सहायक डाक अधीक्षक आशुतोष कुमार, लखीसराय के डाक अधीक्षक नीरज कुमार चौधरी तथा सिस्टम एडमिन अमरेंद्र कुमार वर्मा शामिल थे. जांच में कई शाखा डाकघरों में एक ही तरीके से रुपये गबन का मामला सामने आया. बताया जाता है कि अधिकांश शाखा उप डाकघरों के डाककर्मियों का यूजर आइडी का इस्तेमाल कर डाकघर के राजस्व का गबन कर लिया. उसी यूजर आइडी के माध्यम से लाखों रुपये घोटाले को अंजाम दिया गया.
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