Motihari : बालक मध्य विद्यालय को पीएमश्री में शामिल होने से शिक्षकों में मायूसी

Published by :AJIT KUMAR SINGH
Published at :12 Apr 2025 4:44 PM (IST)
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Motihari : बालक मध्य विद्यालय को पीएमश्री में शामिल होने से शिक्षकों में मायूसी

पीएम श्री के तहत प्रखंड में नियमों को दरकिनार कर हरसिद्धि बालक मध्य विद्यालय को शामिल कर लिया गया है.

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Motihari : हरसिद्धि. पीएम श्री के तहत प्रखंड में नियमों को दरकिनार कर हरसिद्धि बालक मध्य विद्यालय को शामिल कर लिया गया है, जबकि मानकों के अनुसार उस स्कूल का चयन नहीं किया जाना चाहिए था. मामले को लेकर पूर्व मे कई तरह के आवेदन भी वरीय अधिकारियों सहित जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिए गए थे.

योजना की गाइडलाइन के अनुसार, ऐसे मध्य विद्यालय को पीएम श्री योजना में शामिल किया जाना था, जो निकटतम चयनित उच्च विद्यालय से सबसे कम दूरी पर स्थित हो, ताकि छठवीं से आठवीं तक के छात्रों को आगे की शिक्षा में सुगमता मिले. लेकिन वास्तविकता में चयन किए गए मध्य विद्यालय बालक से संबंधित उच्च विद्यालय की दूरी अधिक है, जबकि इसके मुकाबले मध्य विद्यालय (कन्या) इस मानक पर खरा उतरता है. शिक्षको और जनप्रतिनिधियो में नाराजगी का आलम है. स्थानीय शिक्षकों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने इस चयन पर नाराजगी जाहिर की है.

उनका कहना है कि चयन में पक्षपात हुआ है. बताया हमने साफ तौर पर देखा है कि जिस स्कूल को चुना गया है, वह दूरी के मानक पर फिट नहीं बैठता. यह सीधा नियमों का उल्लंघन है. गाइडलाइन के अनुसार मध्य विद्यालय कन्या का चयन होना चाहिए. इस योजना को लेकर चिन्हित मध्य विद्यालय, हरसिद्धि (बालक) का दावा है कि प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी ने इस विद्यालय को पीएम श्री योजना के अंतर्गत गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरसिद्धि संविलियन करने के प्रस्ताव को जिला शिक्षा पदाधिकारी को समर्पित किया है. उसके बाद ही प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी के इस निर्णय पर सवाल उठाए जाने लगे है.

बताया गया कि मध्य विद्यालय, हरसिद्धि (बालक) नियमित शिक्षक स्थापना के लिए चिन्हित मध्य विद्यालय है. पूरे प्रखण्ड के नियमित शिक्षको का वेतन यही से बनता है. पीएम श्री से जुडने के बाद नियमित शिक्षक के वेतन भुगतान भी प्रभावित होगा. साथ ही, चिन्हित मध्य विद्यालय की अवधारणा भी समाप्त हो जाएगी. यही नहीं इस विद्यालय मे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राएं भी पढ़ती है, इसलिए ऐसी स्थिति मे केजीवीपी का संचालन भी प्रभावित हो जाएगा. साथ ही, बच्चियों के आने–जाने में परेशानी भी हो सकती है. अब मामले की निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ रही है. शिक्षा विभाग से अपील की गई है कि वह चयन प्रक्रिया की समीक्षा करें.

बोले अधिकारी

वही सर्व शिक्षा अभियान के जिला प्रोग्राम पदाधिकारी हेमचन्द्र प्रसाद ने कहा कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है. मै खुद से जांच करूंगा और आरोप सही पाए जाने पर सुधार करते हुए दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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