सर्दियों में क्यों रूठ जाती है बाइक? क्या ठंड से फेल हो जाता है सेल्फ और किक? जानिए असरदार उपाय

Updated:
विज्ञापन
सर्दियों में क्यों रूठ जाती है बाइक? क्या ठंड से फेल हो जाता है सेल्फ और किक? जानिए असरदार उपाय

Bike Starting Tips: ठंड में बाइक का सेल्फ और किक फेल हो जाता है? जानें चोक, क्लच ट्रिक और स्पार्क प्लग जांच जैसे आसान उपाय जो इंजन को तुरंत स्टार्ट करने में मदद करेंगे

विज्ञापन

Bike Starting Tips: सर्दियों में बाइक स्टार्ट करना अक्सर सिरदर्द बन जाता है. इंजन ऑयल गाढ़ा हो जाने और बैटरी की क्षमता घटने से सेल्फ और किक दोनों जवाब दे जाते हैं. यह समस्या खासकर उन लोगों के लिए बड़ी परेशानी है जो सुबह-सुबह ऑफिस या काम पर निकलते हैं. ऐसे में कुछ तकनीकी उपाय अपनाकर बाइक को आसानी से स्टार्ट किया जा सकता है और इंजन की उम्र भी बढ़ाई जा सकती है.

क्या है वजह?

भारत में सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने के साथ ही वाहनों की परफॉर्मेंस प्रभावित होती है. बाइक का इंजन ठंड में ज्यादा प्रतिरोध झेलता है क्योंकि ऑयल गाढ़ा हो जाता है और बैटरी का चार्ज तेजी से कम होता है. यही वजह है कि सुबह बाइक स्टार्ट करने में कई बार बार-बार कोशिश करनी पड़तीहै.

आजमाएं ये टिप्स

1. स्पार्क प्लग की जांच

ठंडी मौसम में बाइक स्टार्ट न होने की सबसे आम वजह स्पार्क प्लग पर नमी या कार्बन का जमाव होता है. अगर इंजन बार-बार फेल हो रहा है, तो प्लग को निकालकर सूखे कपड़े से साफ करें और फिर से लगाएं. साथ ही, कोशिश करें कि रात में बाइक को खुले में न छोड़ें- कवर करने से बैटरी और इंजन दोनों ठंड और ओस से सुरक्षित रहते हैं.

2. क्लच ट्रिक आजमाएं

सुबह के समय गियरबॉक्स अक्सर जाम महसूस होता है. इसे आसान बनाने के लिए बाइक को न्यूट्रल में रखें, क्लच पूरी तरह दबाएं और फिर किक मारें. क्लच दबाने से गियरबॉक्स इंजन से अलग हो जाता है, जिससे क्रैंकशाफ्ट को घूमने में कम रुकावट मिलती है और बाइक जल्दी स्टार्ट हो जाती है.

3. चोक का इस्तेमाल कारगर

ठंडे इंजन को स्टार्ट करने के लिए हवा से ज्यादा ईंधन की जरूरत होती है. ऐसे में चोक खींचने से पेट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है और इंजन पहली-दूसरी कोशिश में ही चालू हो जाता है. ध्यान रखें कि बाइक स्टार्ट होने के लगभग 30 सेकंड बाद चोक बंद कर दें, ताकि इंजन स्मूथ चले और फ्यूल की बर्बादी न हो.

4. बिना इग्निशन के किक

एक और असरदार तरीका है- इग्निशन ऑफ रखकर 3 से 4 बार खाली किक मारना. इससे सिलेंडर में जमा गाढ़ा तेल थोड़ा पतला हो जाता है और इंजन के हिस्सों में लुब्रिकेशन फैल जाता है. इसके बाद जब आप चाबी ऑन करके किक मारेंगे, तो बाइक आसानी से स्टार्ट होगी. यह बैटरी और सेल्फ स्टार्ट दोनों की उम्र बढ़ाने में भी मदद करता है.

इंजन पर बढ़ता है दबाव

दैनिक जीवन में यह समस्या सीधे यूजर्स को प्रभावित करती है. ऑफिस जाने वाले लोग समय पर निकल नहीं पाते और कई बार बैटरी डिस्चार्ज होने से अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ताहै. लगातार फेल स्टार्टिंग से इंजन पर दबाव बढ़ता है और उसकी परफॉर्मेंस पर असर पड़ताहै.

क्लच और चोक का खेल

ऑटोमोबाइल इंजीनियरों के मुताबिक ठंडे मौसम में इंजन को स्टार्ट करने के लिए ज्यादा फ्यूल की जरूरत होती है. यही कारण है कि चोक का इस्तेमाल कारगर साबित होता है. वहीं, बिना इग्निशन के किक मारने से ऑयल पतला होकर सिलेंडर में फैल जाता है, जिससे इंजन आसानी से घूमता है. क्लच ट्रिक गियरबॉक्स का दबाव कम करती है और स्पार्क प्लग की सफाई करंट प्रवाह को बेहतर बनाती है.

बढ़ेगी बाइक की लाइफ भी

ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाइक को रात में खुले में रखने से बचना चाहिए. कवर का इस्तेमाल करने से बैटरी और इंजन ठंड और नमी से सुरक्षित रहते हैं. साथ ही, समय-समय पर स्पार्क प्लग और बैटरी की जांच करना बेहद जरूरी है. यह न केवल स्टार्टिंग की समस्या को कम करता है बल्कि बाइक की लाइफ भी बढ़ाता है.

भविष्य में ऑटो कंपनियां ठंडे मौसम के लिए एडवांस्ड बैटरी और स्मार्ट इंजन ऑयल पर काम कर रही हैं. फिलहाल यूजर्स को इन आसान टिप्स का पालन करके सर्दियों में बाइक स्टार्टिंग की समस्या से राहत मिल सकती है.

यह भी पढ़ें: बार-बार बदलनी पड़ रही है कार की बैटरी? जानिए इसकी असली वजह और समाधान

यह भी पढ़ें: OTP नहीं मिल रहा? तुरंत बदलें RC और DL का मोबाइल नंबर, ये है आसान तरीका

विज्ञापन
राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए [email protected] पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola