ढाका के मदरसे में पहुंची अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की टीम, दिए अहम सुझाव

सुन्नी वक्फ बोर्ड व जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी
पूर्वी चंपारण के ढाका स्थित ऐतिहासिक मदरसा इस्लामिया का सुन्नी वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया. टीम ने मदरसे में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की.
Motihari News: पूर्वी चंपारण के ढाका स्थित ऐतिहासिक मदरसा इस्लामिया का सुन्नी वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया. टीम ने मदरसे में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और संस्थान की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए.
1934 में हुई थी मदरसे की स्थापना
मदरसा इस्लामिया चैनपुर, ढाका की स्थापना वर्ष 1934 में हुई थी. यह संस्थान अपनी समृद्ध शैक्षणिक परंपरा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जिले के प्रमुख मदरसों में शामिल है. शिक्षा और चरित्र निर्माण के क्षेत्र में इसने अलग पहचान बनाई है.
कई पूर्व छात्र बने डॉक्टर, इंजीनियर और आईएएस-आईपीएस
जिला अवकाफ कमेटी के सदर सैयद मोबीन अहमद ने बताया कि इस मदरसे से शिक्षा प्राप्त कर कई छात्र डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, शिक्षक, शोधकर्ता, हकीम तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा जैसे प्रतिष्ठित पदों तक पहुंचे हैं.
पूर्व छात्रों की सूची प्रदर्शित करने का निर्देश
जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सह सहायक निदेशक मोहम्मद साजिद ने मदरसा प्रबंधन को निर्देश दिया कि सभी प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों की सूची तैयार कर कार्यालय में प्रदर्शित की जाए, ताकि संस्थान की उपलब्धियों से लोग परिचित हो सकें.
लाइब्रेरी और निर्माणाधीन भवन का भी किया निरीक्षण
संयुक्त टीम ने सोगरा उर्दू लाइब्रेरी में बैठक कर शैक्षणिक माहौल की जानकारी ली. इसके बाद मदरसा करीमिया में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा निर्माणाधीन शिक्षक भवन का निरीक्षण किया. साथ ही मौलाना आजाद उर्दू हायर सेकेंडरी स्कूल का भी दौरा किया.
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