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Motihari : मानवता की सेवा के साथ माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा धर्म : अनिरुद्धाचार्य

Updated at : 22 May 2025 10:37 PM (IST)
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Motihari : मानवता की सेवा के साथ माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा धर्म : अनिरुद्धाचार्य

हम सभी सनातनी है. भगवान की चार संतान है ब्राहमण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र हम सभी आपस में भाई है. जाति के रूप में हम सब नहीं बंटे तो सनातन धर्म और भी मजबूत होगा.

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Motihari : रक्सौल. हम सभी सनातनी है. भगवान की चार संतान है ब्राहमण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र हम सभी आपस में भाई है. जाति के रूप में हम सब नहीं बंटे तो सनातन धर्म और भी मजबूत होगा. उक्त बातें देश के प्रसिद्ध भागवतकथा वाचक आचार्य श्री अनिरुद्धाचार्य महाराज ने रक्सौल के लक्ष्मीपुर स्थित एक रिसॉर्ट के सभा हॉल में एक दिवसीय सत्संग व भक्ति प्रवचन कार्यक्रम के दौरान कहीें. उन्होंने कहा कि धर्म को बचाकर रखना है. अच्छे मनुष्य की पहचान उसके कर्म से होती है. हमारे कर्म अच्छे हो तो भगवान उसका फल भी अच्छा देते है. हमारे कर्म के माध्यम से किसी को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए. मानवता की सेवा, माता-पिता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है. उन्होंने बताया कि वृदावंन के गौरी गोपाल आश्रम में जो 300 से अधिक मां रहती है, उनकी सेवा करके मुझे परम आनंद की अनुभूति होती है. वैसे तो हर माता-पिता अपने पुत्र या संतान की भलाई चाहते है, लेकिन कुछ मामले में कभी-कभी माता-पिता से भी गलती होती है. वैसी परिस्थिति में भी पुत्र का फर्ज है कि मां-पिता का साथ कभी न छोड़े. इसलिए उनके ही माध्यम से हम सभी आज दुनिया को देख रहे है. भारत सरकार के द्वारा आतंकवाद के विरूद्ध किए गए ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जैसा ऑपरेशन हमेशा चलते रहना चाहिए. आतंकवाद का विश्व से सफाया होना चाहिए. बिहार में सरकार के नशामुक्ति अभियान को समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी से कई फायदे है. नशा परिवार को बर्बाद कर देता है. बिहार सरकार का निर्णय अनुकरणीय है. इसके अलावा, उन्होंने प्रवचन के दौरान रक्सौल के लोगों से यह वादा किया कि वे जल्द ही रक्सौल में भागवत कथा सुनाने के लिए आयेगें. उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा के रक्सौल में आकर मुझे अति प्रसन्नता हो रही है. महिलाओं की जुटी थी भारी भीड़ भारत विकास परिषद के द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. सत्संग के दौरान रक्सौल व इसके आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची थी. जिसको व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने कड़ी मेहनत की. जिला से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया था. रक्सौल थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष रवि कुमार व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे. हालांकि, अनिरूद्धाचार्य महाराज का प्रवचन शुरू होने के साथ ही लोग व्यवस्थित हो गये और भारी भीड़ के बाद पूरे मन से लोगों ने लगभग तीन घंटे तक सत्संग का आनंद लिया. सत्संग के अंत में भगवत आरती की गयी और इसके बाद सत्संग का समापन हुआ. भारत विकास परिषद के डॉ. आर पी सिंह, अजय कुमार, रजनीश प्रियदर्शी, विमल सर्राफ, आनंद रूगंटा, शांति प्रकाश, वीणा गोयल, शिखा रंजन, विकास कुमार, रंजीत कुमार आदि के द्वारा कार्यक्रम की तैयारी में प्रमुख योगदान किया गया था. कथावाचक का हुआ सम्मान कथा स्थल पर पहुंचने से ब्लॉक रोड स्थित संतोष गुप्ता के मकान पर अनिरूद्धाचार्य महाराज का आगमन हुआ. इसके बाद नगर भ्रमण करते हुए कथा स्थल तक पहुंचे. जहां रास्ते में लोगों के द्वारा फूल की वर्षा की गयी. बाबा की एक झलक पाने के लिए लोग परेशान दिखे. घर की छतों पर, सड़क पर खड़े होकर लोग अभिवादन करते दिखे. ज्ञान मंच पर पहुंचने के साथ ही भारत विकास परिषद के सदस्यों के द्वारा अनिरूद्धाचार्य महाराज का रक्सौल की धरती पर स्वागत किया गया. सत्संग के दौरान भजनों पर भक्त झुमते हुए नजर आए. कथा शुरू होने के बाद अनिरूद्धाचार्य महाराज को लगा कि बैठ कर सत्संग करने से लोगों को मुझे देखने में परेशानी हो रही है तो वे पूरे समय खड़ा होकर ही प्रवचन करते रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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