Motihari: बाढ़ के एक सप्ताह बाद भी नहीं हुई नाव की व्यवस्था

सभी 12 पंचायतों के कई गांवों पर बाढ़ का कहर बरप रहा है. लोगों के घर और आंगन नदी की तरह दिखने लगे हैं.
Motihari: बंजरिया. प्रखंड के सभी 12 पंचायतों के कई गांवों पर बाढ़ का कहर बरप रहा है. लोगों के घर और आंगन नदी की तरह दिखने लगे हैं. बड़ी संख्या में लोग सड़कों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं. प्रखंड क्षेत्र होकर गुजरी सिकरहना ( बूढ़ी गंडक ), तिलावे, दुधौरा व बंगरी नदियां एक बार फिर उफान पर हैं. कई गांवों के लोग शुक्रवार को सड़कों पर शरण लिए दिखे. दुधौरा व तिलावे दोनों नदियों का तटबंध टूटने के बाद पानी और कहर बरपा रही है. पानी बढ़ने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. मोखलिसपुर व गोबरी जाने वाले सड़कों पर बड़ी तेज गति से चार से पांच फीट तक पानी तक बह रहा है. प्रखंड के सेमरा खास, कपरसंडी, भीष्वा, सेमरा भोला टोला, पाठक टोला, भेला छपरा, गोबरी, मोखलिसपुर, सिसवनिया, पचरूखा, ब्रह्मपुरी, लमोनिया, मोहम्मदपुर, खैरी, जटवा, जनेरवा, रोहिनिया, बुढ़वा, कुकुरजरी, सुंदरपुर, अजगरवा, खैराघाट, अजगरी, सिसवा, बनकट, गोखुला बाढ़ का पानी घुसा है. जिसके कारण प्रखंड के सभी 12 पंचायतों में खेतों में लगे तैयार धान, गन्ना सहित अन्य फसल पूरी तरह नष्ट हो गए हैं. पीड़ित लोगों ने कहा कि करीब एक सप्ताह बाद आये होने को है, लेकिन अभी तक अंचल प्रशासन या जिला प्रशासन के द्वारा किसी भी गांव में सरकारी स्तर पर कोई भी सहयोग उपलब्ध नहीं कराया जा सका है. यहां तक की आवागमन के लिए भी एक नाव का भी व्यवस्था नहीं किया गया है. बताया कि सबसे अधिक परेशानियों का सामना परिवार में किसी सदस्य का तबीयत रात में खराब होने पर उठाना पड़ रहा है. लोगों ने कहा कि हम लोगों का पीड़ा कोई सुनने वाला नहीं है.
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