इस दौरान गूगल पर हॉस्पिटल का नंबर सर्च किया. गूगल से मिले 82946939909 नंबर पर जब उन्होंने कॉल किया तो कॉल रिसीव नहीं हुआ. दो मिनट बाद 9296348 228 नंबर से फोन आया और कहा गया कि आप डॉक्टर से दिखाना चाहते हैं तो एक मोबाइल एप भेजा जा रहा है. उस मोबाइल एप को खोलकर रजिस्ट्रेशन कर लें. जब नोमान अहमद ने एप को खोला तो उसे संदेह हुआ और इस बारे में उन्होंने अपने छोटे भाई को बताया. छोटे भाई ने कहा कि यह साइबर फ्रॉड का नंबर है. यह सुनते ही उन्होंने उस मोबाइल एप को अन इंस्टॉल कर दिया. इसके बाद 22 दिसंबर को उनके खाते से 99,9,99 रुपये ऑनलाइन निकल गया. फिर उसी समय दोबारा 1,62,554 रुपये की निकासी हो गयी. इसके बाद उनके करंट अकाउंट जो जीके पोल्ट्री एंड फीड सेंटर के नाम से संचालित है से दो बार में 67,200 रुपये एवं इसी दिन फिर 17,800 रुपये की निकासी हो गयी. कुल मिलाकर 3,47,553 रुपये का साइबर फ्रॉड कर लिया गया. उन्होंने साइबर थाना में आवेदन देकर समुचित कानूनी कार्रवाई एवं न्याय दिलाने की मांग की है.
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