दुष्कर्म मामले में एक को दस वर्ष सश्रम कारावास

Updated at : 03 Jun 2024 10:04 PM (IST)
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दुष्कर्म मामले में एक को दस वर्ष सश्रम कारावास

ब्रह्मोतरा निवासी अमरजीत मंडल को चार पोक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है.

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मधुबनी . अपर जिला एवं सत्र न्यायालय छ्ह सह विशेष न्यायालय पॉक्सो के न्यायाधीश गौरव आनंद की न्यायालय में नगर थाना क्षेत्र से करीब 2 वर्ष पूर्व नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले की सजा के बिंदु पर सोमवार को सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्ष की ओर से बहस सुनने के बाद आरोपी अरेर थाना क्षेत्र के ब्रह्मोतरा निवासी अमरजीत मंडल को चार पोक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही न्यायालय ने 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने कि राशि नहीं देने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. वहीं न्यायालय ने अपहरण के लिए दफा 363 भादवि में भी पांच वर्ष कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. न्यायालय में सरकार की ओर से बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक मो. खुर्शीद आलम ने बहस करते हुए कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी. वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता कन्हैया जी झा ने कम से कम सजा देने की मांग की थी.

क्या है मामला

विशेष लोक अभियोजक के अनुसार घटना 27 मई 2022 की है. सूचक की नाबालिग पुत्री 6 बजे कोचिंग पढ़ने गई थी. लेकिन वह काफी देर बाद भी घर नहीं लौटी. इसके बाद नाबालिग के परिजन खोजबीन करने लगे. अगले दिन खोजबीन के दौरान जानकारी मिली कि तीन लड़के के साथ नाबालिग को जितवारपुर गांव जाते देखा गया. वहां जाने पर ग्रामीणों से दो लड़के की जानकारी मिली. जिससे पहचान कर सूड़ी स्कूल के पास एक दुकान से दोनों को पकड़ा गया. उससे जानकारी मिली कि आरोपी नाबालिग का अपहरण कर ले गया है. मामले को लेकर नाबालिग के पिता ने नगर थाना में प्राथमिक दर्ज कराई थी. वहीं अनुसंधान के दौरान इस बात का खुलासा हुआ की आरोपी नाबालिग का अपहरण कर तीन माह तक राजस्थान के बीकानेर में रखा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा.

तीन लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश

विशेष लोक अभियोजक के अनुसार न्यायालय ने पीड़िता की मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को तीन लाख रुपये देने का आदेश जारी दिया है. वहीं आरोपी के जुर्माना देने के स्थिति में जुर्माने कि राशि भी पीड़िता को देने का आदेश दिया है.

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