मधुबन के चोरमा में खुलेगी नई चीनी मिल, 180 करोड़ की परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी

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किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: खुलेगी नई चीनी मिल

बिहार कैबिनेट ने मोतिहारी के मधुबन में 180 करोड़ की लागत से चीनी मिल और डिस्टिलरी स्थापित करने की परियोजना को मंजूरी दे दी है. यह परियोजना क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए व्यापार और आय के मामले में महत्वपूर्ण साबित होगी.

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Sugar Mill: मोतिहारी के मधुबन विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है. पकड़ीदयाल प्रखंड के चोरमा में 180 करोड़ रुपए की लागत से चीनी मिल एवं डिस्टिलरी स्थापित करने की इस महत्वपूर्ण परियोजना को बिहार कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई है. इस परियोजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र के गन्ना किसानों को व्यापार और आय के मामले में बहुत बड़ा लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है.

Madhuban Sugar Mill: 5000 टीसीडी और केएलपीडी क्षमता की होगी नई चीनी मिल

मेसर्स श्री गणेश शुगर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता की ओर से प्रस्तावित इस परियोजना के तहत 5000 टीसीडी क्षमता की चीनी मिल और डिस्टिलरी स्थापित की जाएगी. इस बड़ी परियोजना में करीब 180 करोड़ रुपए का भारी निवेश प्रस्तावित है. चीनी मिल शुरू होने के बाद क्षेत्र के गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अब स्थानीय स्तर पर ही एक बेहतरीन और सुरक्षित बाजार मिल जाएगा. इससे गन्ने की खेती को काफी बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति और आय में भी जबरदस्त बढ़ोतरी की संभावना है.

कोटवा में भी 242.50 करोड़ की चीनी मिल को मंजूरी

दूसरी तरफ जिले के कोटवा प्रखंड स्थित कंजहिया टोला में मेसर्स राजश्री शुगर्स की 242.50 करोड़ रुपए की चीनी मिल परियोजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इस परियोजना में 5000 टीसीडी क्षमता की चीनी मिल, 28 मेगावाट को-जनरेशन प्लांट और 60 केएलपीडी डिस्टिलरी स्थापित की जाएगी. इन दोनों परियोजनाओं के संचालन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे. मधुबन के अलावा चिरैया, ढाका, मोतिहारी सदर, शिवहर और नेपाल के तराई क्षेत्र के किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा.

विधायक बोले- सीधे किसानों से जुड़ा है यह उद्योग

मधुबन के विधायक राणा रणधीर ने कहा कि वे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए काफी समय से लगातार प्रयास कर रहे थे. उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में ऐसा उद्योग स्थापित करना था, जिससे किसान सीधे तौर पर जुड़ सकें और बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके. कैबिनेट से स्वीकृति मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है. प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.


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Shashi Chandra Tiwary

लेखक के बारे में

By Shashi Chandra Tiwary

शशि चंद्र तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं. साल 2009 में सन्मार्ग हिंदी दैनिक से पत्रकारिता की शुरुआत की और 2011 से लगातार प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वर्तमान में वह पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन से प्रभात खबर के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. समसामयिक, अपराध, राजनीति, प्रशासनिक गतिविधि और कृषि जैसे विषयों की पत्रकारिता में विशेष रुचि है.

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