Awas Plus Survey: मधुबनी जिले में आवास प्लस सर्वे 2.0: योजना की प्रगति के लिए डीडीसी सुमन प्रसाद साह ने कहा कि आवास प्लस सर्वे 2.0 के सर्वे वेरिफिकेशन और डेटा अपलोड में किसी भी तरह की लापरवाही, ढिलाई या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. डीडीसी ने सभी बीडीओ को हुए कहा कि मधुबनी में 577134 लोगों का आवास के लिए सर्वे हुआ है. इनमें से अबतक 121962 लोगों का ही वेरिफिकेशन हो सका है.
डीडीसी ने 15 जनवरी तक शत-प्रतिशत काम पूरा कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजना से वंचित रखना गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जाएगी. जिसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित प्रखंड स्तर के अधिकारियों की होगी.
11 प्रखंडों का सबसे खराब प्रदर्शन
डीडीसी ने जिले में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले झंझारपुर, बेनीपट्टी, फुलपरास, बासोपट्टी, हरलाखी, खुटौना, अंधराठाढ़ी, लौकही, रहिका, मधेपुर, मधवापुर के बीडीओ से कहा दी कि यदि कार्य में अनावश्यक देरी, गलत रिपोर्टिंग या शिकायतें सामने आती हैं तो कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है.
समीक्षा के दौरान डीडीसी ने यह भी कहा कि आवास प्लस सर्वे 2.0 गरीब और बेघर परिवारों के लिए जीवन बदलने वाली योजना है. इसलिए इसमें पारदर्शिता रहनी चाहिए. किसी भी स्तर पर पात्र लाभुक को हटाने की कोशिश को गंभीर अपराध माना जाएगा. डीडीसी ने बीडीओ को फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने, हर पंचायत की प्रगति रिपोर्ट समय पर भेजने और शिकायत निपटाने को प्राथमिकता देने का आदेश दिया.
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आवास प्लस सर्वे 2.0: लाभार्थियों का कराया जा रहा वेरिफिकेशन
आवास प्लस सर्वे 2.0 के तहत लाभार्थियों का सत्यापन कराया जा रहा है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्वे में दर्ज प्रत्येक नाम की फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य होगी. ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही योजना का लाभ मिल सके. सत्यापन प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों की आवासीय स्थिति, सामाजिक-आर्थिक मानक, परिवार की संरचना सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर अपात्र व्यक्ति का चयन या पात्र लाभुक को बाहर रखने की शिकायत सामने आती है तो संबंधित कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.
डीडीसी ने आमजन से अपील की है कि वेरिफिकेशन टीम के पहुंचने पर सही जानकारी और आवश्यक डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराएं. अधिकारियों से दो टूक कहा कि आवास प्लस सर्वे 2.0 का मकसद अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक आवास का अधिकार पहुंचाना है. इसलिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समय पर पूरी की जाएगी.
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