मधुबनी में 11 BDO को अंतिम अल्टीमेटम, 15 जनवरी तक चाहिए 100% रिजल्ट, भड़के डीडीसी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 06 Jan 2026 6:34 PM
बैठक की अध्यक्षता करते DDC
Awas Plus Survey: मधुबनी जिले में आवास प्लस सर्वे 2.0 की धीमी प्रगति पर डीडीसी सुमन प्रसाद साह ने सख्त रुख अपनाया है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में बीडीओ को 15 जनवरी तक 100 प्रतिशत वेरिफिकेशन और डेटा अपलोड पूरा करने का निर्देश दिया.
Awas Plus Survey: मधुबनी जिले में आवास प्लस सर्वे 2.0: योजना की प्रगति के लिए डीडीसी सुमन प्रसाद साह ने कहा कि आवास प्लस सर्वे 2.0 के सर्वे वेरिफिकेशन और डेटा अपलोड में किसी भी तरह की लापरवाही, ढिलाई या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. डीडीसी ने सभी बीडीओ को हुए कहा कि मधुबनी में 577134 लोगों का आवास के लिए सर्वे हुआ है. इनमें से अबतक 121962 लोगों का ही वेरिफिकेशन हो सका है.
डीडीसी ने 15 जनवरी तक शत-प्रतिशत काम पूरा कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजना से वंचित रखना गंभीर प्रशासनिक चूक मानी जाएगी. जिसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित प्रखंड स्तर के अधिकारियों की होगी.
11 प्रखंडों का सबसे खराब प्रदर्शन
डीडीसी ने जिले में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले झंझारपुर, बेनीपट्टी, फुलपरास, बासोपट्टी, हरलाखी, खुटौना, अंधराठाढ़ी, लौकही, रहिका, मधेपुर, मधवापुर के बीडीओ से कहा दी कि यदि कार्य में अनावश्यक देरी, गलत रिपोर्टिंग या शिकायतें सामने आती हैं तो कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है.
समीक्षा के दौरान डीडीसी ने यह भी कहा कि आवास प्लस सर्वे 2.0 गरीब और बेघर परिवारों के लिए जीवन बदलने वाली योजना है. इसलिए इसमें पारदर्शिता रहनी चाहिए. किसी भी स्तर पर पात्र लाभुक को हटाने की कोशिश को गंभीर अपराध माना जाएगा. डीडीसी ने बीडीओ को फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने, हर पंचायत की प्रगति रिपोर्ट समय पर भेजने और शिकायत निपटाने को प्राथमिकता देने का आदेश दिया.
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आवास प्लस सर्वे 2.0: लाभार्थियों का कराया जा रहा वेरिफिकेशन
आवास प्लस सर्वे 2.0 के तहत लाभार्थियों का सत्यापन कराया जा रहा है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्वे में दर्ज प्रत्येक नाम की फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य होगी. ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही योजना का लाभ मिल सके. सत्यापन प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों की आवासीय स्थिति, सामाजिक-आर्थिक मानक, परिवार की संरचना सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर अपात्र व्यक्ति का चयन या पात्र लाभुक को बाहर रखने की शिकायत सामने आती है तो संबंधित कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.
डीडीसी ने आमजन से अपील की है कि वेरिफिकेशन टीम के पहुंचने पर सही जानकारी और आवश्यक डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराएं. अधिकारियों से दो टूक कहा कि आवास प्लस सर्वे 2.0 का मकसद अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक आवास का अधिकार पहुंचाना है. इसलिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समय पर पूरी की जाएगी.
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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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