Madhubani News : ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों के अभाव से इलाज प्रभावित
25 Jan, 2026 10:40 pm
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मुरली भेदी झा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सह एल-3 ट्रामा सेंटर वर्षों बाद भी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के अभाव का दंश झेल रहा है.
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Madhubani News : मधुबनी.
अररिया संग्राम स्थित मुरली भेदी झा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सह एल-3 ट्रामा सेंटर वर्षों बाद भी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के अभाव का दंश झेल रहा है. ऐसे में एल-3 ट्रामा सेंटर का संचालन कागजों पर ही सिमट कर रह गयी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों सहित विभिन्न पदों के 73 स्वास्थ्य कर्मियों का पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में ट्रामा सेंटर में 2 चिकित्सक, एक लिपिक व 8 स्टाफ नर्स प्रतिनियुक्त हैं. एनएच 27 के अररिया संग्राम स्थित एल-3 ट्रामा सेंटर का मुख्य उद्देश्य एनएच सहित विभिन्न मार्गों पर होने वाले रोड एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल मरीजों को तत्काल बेहतर चिकित्सा एवं रेफरल सुविधा उपलब्ध कराना है, हालांकि जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने इसे संचालित करने की कोशिश की है, लेकिन यह कोशिश महज कागजों तक ही सिमट कर रह गयी है. या यूं कहें कि 13-14 वर्षों बाद भी ट्रामा सेंटर की स्थिति जस की तस बनी हुई है. लेकिन विशेष राजनेता के जिला भ्रमण या दौरा पर आने पर यहां की सारी गतिविधियां संचालित कर दी जाती है. लेकिन अपने उद्देश्य की पूर्ति करने में ट्रामा सेंटर नकारा साबित हो रहा है.डीएम ने सचिव स्वास्थ्य विभाग को लिखा पत्र
डीएम आनंद शर्मा ने स्वास्थ्य सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि विभाग से एल-3 स्तरीय ट्रामा सेंटर में विभिन्न कोटि के 73 पद स्वीकृत की गई. वर्तमान में महज 2 पदस्थापित चिकित्सकों, 2 लैब टेक्नीशियन एवं 8 स्टाफ नर्स को प्रतिनियुक्त कर कार्य संचालित किया जा रहा है. डीएम ने सचिव से स्वीकृत पद के आलोक में चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों को पदस्थापित करने का अनुरोध किया है. ताकि ट्रामा सेंटर का कार्य बेहतर ढंग से संचालित हो सके. साथ ही ट्रामा सेंटर अपने उद्देश्य को पूरा कर सके.73 के एवज में दो पदस्थापित :
जिले में रोड एक्सीडेंट में घायल लोगों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अररिया संग्राम स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सह ट्रॉमा सेंटर का निर्माण वर्ष 2010-12 में किया गया था. लंबे समय तक विभागीय उपेक्षा का दंश झेल रहे ट्रॉमा सेंटर में कुछ समय के लिए चिकित्सकों सहित स्टाफ नर्स की प्रतिनियुक्ति की गयी. उद्देश्य था कि सातों दिन 24 घंटे मरीजों, विशेष रूप से सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों का तत्काल इलाज किया जा सके. इसके लिए ट्रॉमा सेंटर को सभी सुविधाओं से लैस किया गया है. ताकि किसी भी घायल मरीजों को हर प्रकार की चिकित्सकीय सुविधा तत्काल उपलब्ध करायी जा सके. लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस व्यवस्था को अधिक दिनों तक कायम रखने में असफल रहा. विदित हो कि ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य कर्मियों का 73 पद स्वीकृत हैं. वर्तमान में महज 2 चिकित्सक, 1 2 लैब टेक्नीशियन एवं 8 स्टाफ नर्स को प्रतिनियुक्त हैं. ट्रामा सेंटर में जेनरल सर्जन विशेषज्ञ चिकित्सक -2, ऑर्थोपेडिक सर्जन विशेषज्ञ चिकित्सक -2, मूर्च्छक विशेषज्ञ चिकित्सक -2, आकस्मिक चिकित्सा पदाधिकारी का 6 सहित 12 पद स्वीकृत हैं. स्टाफ नर्स ए ग्रेड- 25, रेडियोग्राफर – 4, ओटी टैक्नीशियन – 5, लैब टेक्नीशियन ट्रेड 2, निम्न वर्गीय लिपिक -12 एवं नर्सिंग अटेंडेंट, वार्ड बॉय, नर्सिंग ऑर्डरली, स्वास्थ्य सेवक सहित कक्ष सेवक का 13 पद स्वीकृत है. इस 73 के एवज में वर्तमान में महज 2 चिकित्सक एवं 1 लिपिक कार्यरत हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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