Madhubani News : हर समय चक्कर महसूस होना ब्रेन टीबी का लक्षण, चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
Author Gajendra kumar
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कई लोग मानते हैं कि टीबी सिर्फ सांस से जुड़ी बीमारी है, लेकिन यह समझना होगा कि फेफड़ों के अलावा भी टीबी कई प्रकार की होती है.
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मधुबनी.
कई लोग मानते हैं कि टीबी सिर्फ सांस से जुड़ी बीमारी है, लेकिन यह समझना होगा कि फेफड़ों के अलावा भी टीबी कई प्रकार की होती है. जैसे दिमाग की टीबी. ऐसे तो दिमाग में टीबी एक-दूसरे से नहीं फैलती, लेकिन जब फेफड़ों की टीबी से संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता है, तो संक्रमण का डर रहता है. टीबी उन्मूलन के लिए पूरे देश में युद्धस्तर पर प्रयास किया जा रहा है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि इस दिशा में जिले में कई स्तर पर कार्य किया जा रहे हैं. टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के सभी वर्ग के लोगों को जागरूक किया जा रहा है. टीबी अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों एकजुट होने की जरूरत है. आमजन मानस की सहभागिता से ही टीबी को हराया जा सकता है.ब्रेन टीबी के लक्षण :
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जीएम ठाकुर ने बताया कि ब्रेन टीबी के मरीजों को प्रारंभिक दौर में सुबह जगने के बाद चक्कर और उल्टी जैसा लगता है. हमेशा सिर दर्द बना रहता है और यह दर्द दवाइयां खाने के बाद भी नहीं जाता. इन लक्षणों को मरीज मामूली न समझें. ऐसे लक्षण ब्रेन टीबी के हैं. ब्रेन टीबी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है. अगर टीबी का कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत चिकित्सक से मिलना चाहिए. शुरुआत में यह लक्षण सामान्य लगता हैं, इसे पहचानना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, हल्का फीवर रहना, बीमारी बढ़ने पर गर्दन में अकड़न, लगातार सिरदर्द होना, उलझन महसूस होना, अधिक गुस्सा करना आदि लक्षणों को मामूली नहीं समझें. बताया गया कि पहले टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन व इलाज शुरू होने के बाद लगातार छह महीने तक उनके खात में निक्षय पोषण योजना के तहत प्रति माह 1000 रुपये का भुगतान किया जाता था. नये गाइडलाइन के मुताबिक अब पहले किस्त के रूप में 3000 रुपये उपलब्ध कराया जायेगा. ताकि उक्त राशि का उपयोग कर मरीज अपने पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा कर सके.सपुटम करियर को भी मिलेगा प्रोत्साहन राशि :
नयी गाइड लाइन में स्पुटम कैरियर के लिए भी निर्धारित प्रोत्साहन राशि भुगतान का प्रावधान किया गया है. स्पुटम कैरियर के रूप में मरीज का बलगम जरुरी जांच के लिए नजदीकी पीएचसी व एपीएचसी पहुंचाने पर दो सौ रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. एनटीइपी कार्यक्रम के तहत निजी क्लिनिक के चिकित्सकों के माध्यम से टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन के रुप में पांच सौ रुपये तथा इलाज के अंत में सफल इलाज संबंधित रिपोर्ट करने पर प्रति मरीज पांच सौ रुपये का भुगतान किया जाएगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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