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प्रोस्टेट बढ़ने से पेशाब मार्ग में हो जाती है रुकावट, प्रवाह हो जाता है कम

Updated at : 05 May 2024 10:20 PM (IST)
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प्रोस्टेट बढ़ने से पेशाब मार्ग में हो जाती है रुकावट, प्रवाह हो जाता है कम

यदि आपकी उम्र चालीस वर्ष से अधिक हो रहा है और पेशाब करने में परेशानी हो रही है तो सावधान हो जायें. यह प्रोस्टेट बढ़ने की वजह हो सकता है. चालीस से अधिक उम्र के बाद पेशाब संबंधी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

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मधुबनी. यदि आपकी उम्र चालीस वर्ष से अधिक हो रहा है और पेशाब करने में परेशानी हो रही है तो सावधान हो जायें. यह प्रोस्टेट बढ़ने की वजह हो सकता है. चालीस से अधिक उम्र के बाद पेशाब संबंधी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह बढ़े हुए प्रोस्टेट का कारण हो सकता है. जो भविष्य में प्रोस्टेट कैंसर का रूप भी ले सकता है. यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने दी है. उन्होंने कहा कि प्रोस्टेट पुरुषों की पौरुष ग्रंथि होती है. इसके आकार बढ़ने से यह समस्या होती है. प्रोस्टेट मूत्राशय के ठीक नीचे और मलाशय के सामने स्थित होता है. यह लगभग एक अखरोट के आकार का होता है. जो पेशाब को खाली करने वाली नली को घेरे रहता है. पुरुष की उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट का आकार बढ़ने लगता है. प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्रमार्ग संकीर्ण हो जाता है और मूत्र प्रवाह कम हो सकता है.

40 के बाद एक ग्राम सालाना बढ़ता है प्रोस्टेट

सिविल सर्जन ने कहा कि 40 साल के बाद हर पुरुष का प्रोस्टेट एक ग्राम प्रतिवर्ष बढ़ता है. सामान्यतः यह 18 से 22 ग्राम का होता है. प्रोस्टेट में होने वाले सूजन को प्रोस्टेटाइटिस कहते है. प्रोस्टेटाइटिस में अक्सर पेशाब करने में कठिनाई होती है. प्रोस्टेट में सूजन की समस्या अमूमन चालीस साल या इससे अधिक उम्र में दिखाई देता है. प्रोस्टेट के लक्षणों में पेशाब कम आना, थोड़ी- थोड़ी देर में पेशाब करने की तीव्र इच्छा या प्रोस्टेट के आसपास वाले हिस्से में दर्द रहना, पेशाब की धार कम होना, पेशाब करने में ज्यादा जोर लगाना, पेशाब करने में बाद भी ऐसा महसूस करना कि पेशाब पूरी तरह नहीं हुआ है, रात में पेशाब के लिए बार- बार उठना तथा पेशाब पूरी तरह रूक जाना शामिल हैं. प्रोस्टेट संबंधी रोग के लिए पीएसए जांच तथा अल्ट्रासांउड किया जाता है. पुरुषों की उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट के मामले दिखाई देता है. 40 साल की उम्र के बाद पीएसए यानि प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजेन जांच कराना चाहिए. पीएसए तीन से चार नैनो मिलीग्राम से कम होना चाहिए. इससे अधिक आने पर यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेनी चाहिए. प्रोस्टेट ग्रंथि की मांसपेशियों को आराम देने और उसके आकार को कम करने के लिए जरूरी दवा भी दी जाती है. तंबाकू और शराब इत्यादि नशीली चीज का सेवन नहीं करें.

मेडिकल जरनल लैंसेट की यह है रिपोर्ट

मेडिकल जर्नल लैंसेट की रिपोर्ट के अनुसार प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रकार के कैंसर के मामलों में 15 प्रतिशत मामले प्रोस्टेट कैंसर के होते है. रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में वर्ष 2040 तक इस बीमारी से हुई मौतों में 85 प्रतिशत की वृद्धि होगी. पुरुषों में कैंसर से होने वाली मौत का ये पांचवां कारण है. भारत में प्रोस्टेट कैंसर के तीन प्रतिशत मामले हैं. सालाना तीस हजार से अधिक नये मामले सामने आते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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