मधुबनी में 1 से 31 अक्टूबर तक एनीमिया स्क्रीनिंग अभियान, आठ आयु वर्ग के लोगों की होगी एचबी जांच

Updated:
विज्ञापन
मधुबनी में एनीमिया जांच: 1-31 अक्टूबर तक विशेष अभियान

सांकेतिक तस्वीर

मधुबनी जिले में 1 से 31 अक्टूबर तक एनीमिया के खिलाफ एक विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान आठ आयु वर्गों के लोगों की हीमोग्लोबिन (एचबी) जांच पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है.

विज्ञापन

Madhubani News: जिले में एनीमिया की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए 1 से 31 अक्टूबर तक विशेष एनीमिया स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा. यह अभियान नियमित गैर-संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग कार्यक्रम के साथ संचालित होगा. अभियान के दौरान पात्र लाभार्थियों की हीमोग्लोबिन (एचबी) जांच कर एनीमिया की स्थिति का पता लगाया जाएगा. जरूरत के अनुसार मरीजों को परामर्श, उपचार एवं रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

आठ आयु वर्ग के लाभार्थियों की होगी एचबी जांच

अभियान के तहत सभी पात्र लाभार्थियों का हीमोग्लोबिन टेस्ट किया जाएगा. जांच के बाद लाभार्थियों को नॉन एनीमिक, माइल्ड, मॉडरेट एवं सीवियर एनीमिया की श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा.

स्क्रीनिंग के दायरे में सभी गर्भवती महिलाएं, 6 से 59 माह तक के बच्चे, 5 से 9 वर्ष एवं 10 से 19 वर्ष के बच्चे और किशोर-किशोरियां, 20 से 49 वर्ष की महिलाएं, 0 से 6 माह के शिशुओं की धात्री माताएं, 19 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के पुरुष तथा 49 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं शामिल होंगी.

काउंसलिंग के साथ जरूरतमंद मरीजों का होगा इलाज

अभियान के तहत हेल्थ फैसिलिटी मैनेजर एवं बीसीएम द्वारा आरबीएसके-एमएचटी यूजर आईडी का निर्माण किया जाएगा. एएनएम एवं एमएचटी की ओर से लाभार्थियों की काउंसलिंग की जाएगी.

जांच में एनीमिया की पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकतानुसार इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं गंभीर स्थिति वाले मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा.

एएनएम, सीएचओ सहित स्वास्थ्यकर्मी करेंगे रिपोर्टिंग

अभियान की रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी एएनएम, सीएचओ, आरबीएसके मेडिकल ऑफिसर एवं फार्मासिस्टों को सौंपी गई है. जिला स्तर पर सभी प्रखंडों की निगरानी की जाएगी. अनुमंडलीय एवं प्रखंड स्तर पर संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारी अभियान की नियमित समीक्षा करेंगे.

सभी रिपोर्ट एएमबी पोर्टल एवं एचएमआईएस पर समय-समय पर अपलोड की जाएंगी, ताकि अभियान की प्रगति और स्क्रीनिंग की स्थिति की निगरानी की जा सके.

गंभीर एनीमिया मामलों को मिलेगी प्राथमिकता

स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को जांच सामग्री, दवा एवं विटामिन सिरप का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है. एचबी 7 ग्राम/डीएल से कम वाले गंभीर एनीमिया मरीजों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर इलाज एवं रेफरल सुनिश्चित किया जाएगा.

समय पर जांच से एनीमिया से मिलेगी सुरक्षा

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि अभियान के दौरान अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पर पहुंचकर एनीमिया एवं एनसीडी की स्क्रीनिंग जरूर कराएं. समय पर जांच, उचित इलाज एवं नियमित फॉलोअप से एनीमिया की गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है.

एनीमिया की समय पर पहचान और उपचार से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में भी सुधार लाने में मदद मिलेगी.

यह भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने वाले गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी WhatsApp प्रोफाइल का खुलासा


विज्ञापन
Anil Kunar Jha

लेखक के बारे में

By Anil Kunar Jha

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन