शहर के बाजार में रौनक नहीं

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Nov 2016 4:44 AM

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नोटबंदी. लगन में भी नहीं बिक रही बाइक, सर्राफा बाजार भी सूना-सूना नोटबंदी का असर कारोबार पर दिख रहा है. बाहर से सामान नहीं आने से कीमतें बढ़ रही हैं. वहीं बाजार में ग्राहक भी नहीं जा रहे हैं.लगन होने के बाद भी बाजार में उदासी छायी है. मधुबनी : नोटबंदी की मार से व्यापारी […]

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नोटबंदी. लगन में भी नहीं बिक रही बाइक, सर्राफा बाजार भी सूना-सूना

नोटबंदी का असर कारोबार पर दिख रहा है. बाहर से सामान नहीं आने से कीमतें बढ़ रही हैं. वहीं बाजार में ग्राहक भी नहीं जा रहे हैं.लगन होने के बाद भी बाजार में उदासी छायी है.
मधुबनी : नोटबंदी की मार से व्यापारी वर्ग बेहाल हैं. कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है. चाहे वह किराना मंडी का कारोबार हो, गाड़ी बाजार का कारोबार हो या फिर सर्राफा मंडी. हर ओर रुपये के लेन देन से उठी परेशानी का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है. शादी – विवाह के इस सुनहरे अवसर पर भी व्यापारी जब दिन भर ग्राहक की प्रतीक्षा करते दिखे तो कारोबार की स्थिति का स्वत: ही अंदाजा लगाया जा सकता है.
सर्राफा बाजार में ग्राहकों का आना हुआ कम
शादी का मौसम आते ही सबसे अधिक भीड़ सर्राफा बाजार में हो जाती थी. पर अभी ना तो बाजार में भीड़ ही दिख रहा है और ना ही कारोबार ही हो रहा है. लोगों के पास नकद राशि इतनी नहीं है कि लोग जेवरात की खरीद कर सकें. दस ग्राम सोना लेने में भी हजारों रुपये लगेंगे. और सौ- सौ के इतने नोट उपलब्ध करना और उसे लेकर बाजार में आना अभी मुश्किल का काम है. सर्राफा व्यवसायी संघ के अध्यक्ष केदार प्रसाद ने बताया है कि दीपावली एवं छठ में जमकर व्यवसायियों एवं ग्राहकों ने खरीद बिक्री किया. इसके बाद व्यवसायी लगन में खरीदारी को लेकर तैयारी में जुटे ही थे कि सरकार ने नोटबंदी का ऐलान कर दिया. दुकान खाली है. कारोबार हो नहीं रहा है. लोगों के पास नोट नहीं है. जिस कारण परेशानी हो रही है. शादी में लाखों की कमाई होती थी. इस साल कइ लोग अपने शादी के डेट को कैंसिल करा रहे है. हाल बेहाल हो चुका है.
पटरी पर नहीं लौट रही किराना मंडी
नोटबंदी के बाद लगातार किराना मंडी में कारोबार प्रभावित हो रहा है. यह सीधे तौर पर आम लोगों के रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा है. नोटबंदी हुई तो बाहर से सामान आना भी कम हो गया. मांग के अनुरूप सामान की उपलब्धता नहीं होने से महंगाई बढ़ती जा रही है. नोटबंदी के बाद से लगातार आंटा, तेल, चीनी, रिफाईन के कीमत में बढोतरी देखी जा रही है. हर दिन लाखों का होने वाला कारोबार आज सौ – सैकड़ा में सिमट कर रह गया है.
वाहन बाजार में 80 फीसदी गिरावट
एक वक्त था जब लोगों को शादी के मौसम में गाड़ी ढूंढे नहीं मिलता था. पहले ही राशि देकर गाड़ी की बुकिंग करानी होती थी. पर अभी तो ग्राहक किसी भी शो – रूम में नहीं दिख रहे है. महारानी होंडा के मालिक श्रवण पूर्व बताते हैं कि नोटबंदी के बाद से 80 फीसदी तक कारोबार नीचे चला गया है. दीपावली के बाद एजेंसी के मालिक लगन को लेकर गाड़ी लाने की तैयारी में थे. पर इसी बीच 8 नवंबर की रात पांच सौ और हजार के नोट के प्रचलन पर रोक लग गयी. इसके बाद से मोटरसाइकिल कारोबार पर इसका बुरा असर पड़ा है. श्री पूर्वे बताते हैं कि बाजार में बुकिंग की बात तो दूर, इक्का दुक्का गाड़ी ही बिक रहा है. हालात यह है कि कई दूल्हे को इस साल दहेज में ससुराल से मोटरसाइकिल नहीं मिल सकेगा.
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