सौ का नोट हजार पर भारी... असर. पांच सौ व हजार के नोट लेकर भटकते रहे लोग

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Nov 2016 5:20 AM

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मधुबनी : भारत सरकार के द्वारा मंगलवार की रात से 500 व 1000 के नोट पर रोक लगाने के घोषणा के बाद मुख्यालय सहित पूरे जिले में उथल पुथल मची हुई है. बाजार में अफरा तफरी मची है. खबर की जानकारी होते ही लोगों ने एक दूसरे को फोन करना शुरू कर दिया. कई लोग […]

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मधुबनी : भारत सरकार के द्वारा मंगलवार की रात से 500 व 1000 के नोट पर रोक लगाने के घोषणा के बाद मुख्यालय सहित पूरे जिले में उथल पुथल मची हुई है. बाजार में अफरा तफरी मची है. खबर की जानकारी होते ही लोगों ने एक दूसरे को फोन करना शुरू कर दिया. कई लोग रातों में ही कुछ हजार व पांच सौ के नोट का सामान लेकर खुल्ला कराया.

आलम यह है कि खबर के बाद बाजार में जहां पांच सौ व रुपये के नोट लोग हाथों में लहरा के चल रहे हैं वहीं 100 रुपये के नोट एवं छुट्ट्रे खोजे से भी नहीं मिल रहा. जिन घरों में शादी- विवाह, श्राद्ध कर्म है उस परिवार में लोगों में अफरा तफरी मची हुई है. लोगों को पैसे रहते हुए भी उपयोगी सामान नहीं मिल रहा है.

खरीदना पड़ा पांच सौ का पेट्रोल
पेट्रोल पंप पर ग्राहकों और संचालकों में रुपये लेने – देने के मामले उलझते गये. इसी दौरान किसी ने नगर थानाध्यक्ष को फोन पर पेट्रोल पंप पर पांच सौ रुपये के नोट नहीं लिये जाने की सूचना दी. सूचना मिलते ही तत्काल ही नगर थानाध्यक्ष अरुण कुमार राय पेट्रोल पंप पर पहुंचे. सारी बातों की जानकारी लेने के बाद उन्होंने पेट्रोल पंप मालिकों को इस परेशानी को दूर करने का एक तरीका बताया. श्री राय ने कहा कि उन ग्राहकों से पांच सौ या हजार का नोट पूरे रकम का पेट्रोल -डीजल दें. इससे खुल्ले रुपये देने की समस्या दूर हो गयी. हालांकि वैसे लोगों की परेशानी अधिक बढ़ गयी जो पांच सौ के नोट देकर दो सौ या एक सौ रुपये के पेट्रोल खरीदने आये थे. मजबूरी में ऐसे ग्राहकों को भी पांच सौ के तेल खरीदने पड़े.
सब्जी लिये बिना ही गये घर
सुबह सुबह सब्जी की खरीदारी करने आये कई लोग खाली हाथ ही वापस लौटे. हर कोई अपने पास के छोटे नोट को बचाने की कोशिश में लगा रहा. सब्जी खरीदने आने वाले भी पांच सौ व हजार का नोट लेकर ही आया. जिसे लेने से किसानों ने इनकार कर दिया. खरीदार दुकान दुकान घूमते रहे. वहीं किसानों की सब्जी भी पांच सौ व हजार के फेर में नहीं बिक सका. हर व्यापारी व खरीदार आज पांच सौ व हजार का नोट लेकर ही आ रहा है. जिस कारण सब्जी ही नहीं बिक रही है. वहीं खरीदार मोहन झा ने बताया कि जिस दुकानदार के पास जाते हैं कोई भी पांच सौ के खुले देकर सब्जी देने को तैयार नहीं है.
स्कूल फीस जमा करने में समस्या पांच सौ के नोट पर रोक क्या लगी. लोगों पर आफत आ गयी है. स्कूल का फीस जमा करने गये प्रदीप कुमार के बच्चे का फीस सात सौ पचास रुपये था.
उन्होंने स्कूल प्रबंधक को 1000 का नोट दिया. सोचा था कि खुले पैसे से अन्य सामान की खरीदारी कर लेंगे. पहले तो स्कूल प्रबंधन ने 1000 के नोट लेने से इनकार किया. पर बाद में यह कह कर नोट लिया कि खुले पैसे नहीं हैं बचे हुए पैसे अगले माह के फीस में एडवांस जमा कर लिया जायेगा.
पेट्रोल की जम कर हुई खरीदारी
पेट्रोल पंप पर सबसे अधिक भीड़
हजार और पांच सौ के करेंसी नोट पर रोक लगने के बाद लोग अपने घर में जमा इन नोटों को जल्दी से जल्दी बाजार में खपाने की होड़ मची रही. लिहाजा जिले के हर पेट्रोल पंप पर वाहन मालिकों की भीड़ रही. हर ग्राहक पांच सौ व हजार का ही नोट दे रहा था. जिस कारण कुछ ही देर में पेट्रोल पंप पर खुदरे की कमी हो गयी.
ग्राहकों का कहना था कि सरकार ने पेट्रोल पंप पर पांच सौ व हजार के नोट लेने के आदेश दिये हैं.
पर पेट्रोल पंप मालिक ये नोट नहीं ले रहे. वहीं पेट्रोल पंप मालिकों का कहना था कि हर ग्राहक पांच सौ व हजार के ही नोट दे रहे हैं. कोई दो सौ कोई एक सौ के पेट्रोल- डीजल ले रहा है. ऐसे में खुल्ले पैसे कम पड़ रहे हैं.
नहीं मिला रेल टिकट
पांच सौ के नोट या हजार के नोट तभी स्वीकार किये गये जब टिकट अधिक कीमत का हो रहा था और खुले देने की नौबत नहीं आये. इस कारण कई यात्रियों को टिकट ही नहीं मिला. बगैर टिकट के ही यात्रा करने को लोग मजबूर हो गये. अशोक साह को मधुबनी से जयनगर जाना था. उन्होंने टिकट के लिये पांच सौ के नोट दिये.
पर उन्हें टिकट नहीं दिया गया. टिकट काउंटर पर बैठे क्लर्क कबीर आलम ने कहा कि खुले नोट नहीं है. हम लोग भी ग्राहकों से मिलने वाले खुले नोट से ही लेन देन करते हैं. आज हर कोई हजार या पांच सौ का ही नोट दे रहा है. ऐसे में बाहर जाकर कहां से नोट लायें. इस कारण कई यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रहा है.
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