कनकनी बढ़ी, छह डिग्री पहुंचा पारा, दुबके लोग

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मधुबनीः साल 2013 के 9 जनवरी की रात सबसे अधिक सर्द थी. कई वर्षो के रिकार्ड टूट गये थे. सर्दी ने इस कदर सितम बरपाया कि बर्फबारी का नजारा लोगों को इस क्षेत्र में पहली बार देखने को मिला. इस साल दो दिनों से ठंड के कहर की जो हालत है वह इससे कुछ बेहतर […]

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मधुबनीः साल 2013 के 9 जनवरी की रात सबसे अधिक सर्द थी. कई वर्षो के रिकार्ड टूट गये थे. सर्दी ने इस कदर सितम बरपाया कि बर्फबारी का नजारा लोगों को इस क्षेत्र में पहली बार देखने को मिला. इस साल दो दिनों से ठंड के कहर की जो हालत है वह इससे कुछ बेहतर नहीं माना जा सकता है.

रात को तापमान लुढ़क कर 6 डिग्री पर पहुंच जा रहा है. वहीं धूप निकलने के बावजूद दिन में तापमान 12 डिग्री के ऊपर नहीं जा पा रहा है. इधर हाड़ कंपा देने वाली तेज ठंडी बयार लोगों की मुश्किलें और अधिक बढ़ा दी है. ठंड के कहर को देखते हुए डीएम लोकेश कुमार सिंह के आदेश पर स्कूल को बंद कर दिया गया है. इस बढ़ते ठंड के कारण गुरुवार को लोग दिन के 11 बजे तक घर में दुबके रहे. ठंड का इतना बुरा असर पड़ रहा है कि बच्चे एवं बूढ़ों की हालत काफी खराब हो गयी है.

फुटपाथ की जिंदगी बेहाल

इस कड़ाके की ठंड का जबरदस्त असर फुटपाथी जिंदगी पर पड़ा है. मजदूर, कूली एवं रिक्शा चालक सहित अन्य की हालत काफी खराब है. काम नहीं मिल पाने एवं ठंड के बढ़ते प्रकोप के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. स्टेशन पर तेज हवा के झोंकें ने जैसे तैसे गुजारा करने वालों पर आफत ला दी है.

आवागमन प्रभावित

धुंध व कोहरे के कारण आवागमन काफी प्रभावित हुआ है. एनएच व अन्य विभिन्न सड़कों पर वाहनों की दुर्घटना का सिलसिला बढ़ गया है. वहीं लोगों के घर से नहीं निकल पाने के कारण रिक्शा, तांगा व ऑटो चालक के परिवार के सामने भुखमरी की नौबत आ गयी है.

बढ़ा बीमारियों का प्रकोप

कड़ाके की ठंड के कारण बच्चे एवं बूढ़े बड़ी तादाद में बीमार हो रहे हैं. आकड़ों के अनुसार जिले में ठंड की चपेट में आने से 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. वहीं तीन दर्जन से अधिक बच्चे बीमार है. होम्योपैथ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ हरेंद्र कुमार लाल दास ने बताया कि ठंड के कारण बच्चों में तेज बुखार, उल्टी, कंपकंपी आ जाती है. शीघ्र इलाज एवं गरमी की व्यवस्था में लापरवाही होने पर यह खतरनाक साबित हो सकता है. डॉ सतीश पाठक ने बताया कि कान को ढ़क कर रखना जरूरी है. इससे बचाव ही बड़ी दवा है.

ग्रामीण अंचलों में हाल बेहाल

फुलपरास प्रतिनिधि के अनुसार, अनुमंडल क्षेत्र में भीषण ठंड के कारण यातायात सहित आम जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया. एनएच 57 पर भयंकर कुहासे की वजह से लंबी गाड़ियों की कतार चौक चौराहा पर लगी रही. जानकारी के अनुसार तीसरे दिन भी कड़ाके की ठंड और पछिया हवा तेज रहने के कारण लोग भर दिन अपने अपने घरों में दुबके रहे. इसका असर सभी बाजारों पर भी पड़ा है. शाम होते ही सभी के दुकानें बंद हो जाती है. एनएच 57 सड़क पर बड़ी गाड़ियों का लंबी कतार लगी रही. रात भर सड़क पर घने कुहासे के कारण गाड़ियों का परिचालन ठप रहा.

खजौली प्रतिनिधि के अनुसार, बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला पदाधिकारी के आदेशानुसार सीओ सुनील कुमार ने पांच क्विंटल जलावन खरीद कर अस्पताल चौक, स्टेशन चौक, आंबेडकर चौक, संत चौक, मंगती चौक पर अलाव की व्यवस्था करायी है.

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