वर्षों पूर्व की समस्याएं आज भी बरकरार

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वर्षों पूर्व की समस्याएं आज भी बरकरार मधवापुर. प्रखंड मुख्यालय पंचायत के कई गांव टोले आजादी के वर्षों बाद भी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है. स्थानीय जनप्रतिनिधि व राजनेताओं की उपेक्षा, उदासीनता के कारण मुख्यालय सहित इस पंचायत के कई गांव-टोले की सड़कों की हालत बदतर है. चाहे वह मुख्यालय की हो या पंचायत […]

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वर्षों पूर्व की समस्याएं आज भी बरकरार मधवापुर. प्रखंड मुख्यालय पंचायत के कई गांव टोले आजादी के वर्षों बाद भी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है. स्थानीय जनप्रतिनिधि व राजनेताओं की उपेक्षा, उदासीनता के कारण मुख्यालय सहित इस पंचायत के कई गांव-टोले की सड़कों की हालत बदतर है. चाहे वह मुख्यालय की हो या पंचायत के अन्य गांव टोले की. अधिकांश की स्थिति जस की तस है. प्रभात पड़ताल में मुख्यालय सहित इस पंचायत के गांवों की हकीकत इस प्रकार है.सड़क है या गड्ढा पता नहीं चलताफोटो : 1परिचय: मधवापुर-रामपुर में वार्ड दस का बदहाल खरंजा पथ मुख्यालय से महज एक किमी की दूरी पर इसी पंचायत के मधवापुर-रामपुर गांव को जोड़ने वाली महादलित बस्ती रामपुर की खरंजा सड़क का अधिकांश भाग वर्षों से उखड़ा पड़ा है. गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढा यह पहचान करना मुश्किल लग रहा है. स्थानीय एवं आसपास के मजकोठिया, बिहारी, गुलरिया, मुशहरी, ब्रम्हपुरी, जानकीनगर, अखरहरघाट, आदि गांव से प्रतिदिन बाजार, ब्लॉक, थाना, हॉस्पिटल आने जाने वाले लोगों को तो मालूम है कि यह आजादी पूर्व के सर्वे की सड़क है. जो घने जंगलों से घिरने के बाद भी हमेशा चलायमान रहा है. जिस पर वर्षों पूर्व किये गये खरंजा का अधिकांश भाग उखड़कर पूरी तरह गड्ढे व जंगल में तब्दील हो चुका है. अचानक यदि इस सड़क से किसी अनजान व्यक्ति को गुजरना पड़ता है तो उसे यकीन नहीं होता कि बाकई यह पथ कहीं आगे निकलता होगा. बस्ती के लोगों द्वारा फेंके गये गंदगी का अंबार, राख, घास-फूस, पुआल, भूसा, गोबर, कचरे आदि के ढेर और पथ को छूता, जमीन पर लटकते बांस की झाड़ी व घने जंगल के कारण थोड़ी असावधानी बरतने पर अबतक कई लोग दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं. बावजूद इसके जीर्णोद्धार या पीसीसी के लिए अब तक किसी स्तर पर कोई सोच बनती नहीं दिख रही. जो, लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मिली अधिकार के असंवेदनशीलता को दशार्ता है. इस वार्ड दस की महादलित समुदाय से आनेवाली सदस्या सुमिंत्रा देवी, ग्रामकचहरी पंच संजय कुमार झा, प्रो एमएन आजाद, उसी पथ किनारे वर्षों पूर्व दुर्घटना के शिकार हुए अवकाश प्राप्त बिजली कर्मचारी पशुपति झा, राकेश कुमार झा, वार्ड ग्यारह के सदस्य जाहिर अंसारी, पंच बेचू मिश्र, सहित कई लोगों ने इस पथ की दुर्दशा को लेकर रोष का इजहार किया है. पगडंडी बना ब्राह्मण टोल जाने वाला पथ फोटो : 2परिचय: रामपुर वार्ड ग्यारह स्थित ब्राह्मण टोल जाने वाली सड़कआजादी के वर्षों बाद भी मुख्यालय पंचायत के मुख्य पथ सहित कई अन्य महत्वपूर्ण ग्रामीण पथों व गली मोहल्ले को जोड़ने वाली वार्ड संख्या ग्यारह से गुजरती खरंजा युक्त सड़क की हालत काफी बदतर है. हाल यह है कि अब यह पगडंडी हो गया है. सुप्रीम कोर्ट के शख्त मनाही के बावजूद बिना नाला बनाये चार फुट ऊंचाई में मिट्टीकरण कर खरंजा करने से मोहल्ले वासियों के घरों से वर्षों से पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है. इसके कारण वर्षा के मौसम में मोहल्ले वासियों को घर आंगन में जलजमाव आम बात हो गयी है. इस कारण लोगों को कई गंभीर समस्याओं से दो चार होना पड़ता है. दशकों से बंद होकर मृतप्राय हो चुके इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कर पुन: चलायमान बनाने के लिए ग्रामवासियों ने वर्तमान मुखिया एवं उपमुखिया दंपति को धन्यवाद दिया, लेकिन संवेदक द्वारा निर्माण में बरती गयी अनियमितता व घटियापन के कारण निर्माण के साथ ही खरंजा के नीचे दी गयी बालू बरसात में बह गयी. कई जगह खरंजा उखड़ने से यह पथ जर्जर हो गया. जो, आम राहगीरों व स्थानीय लोगों के लिए आजतक कष्टकारी बना हुआ है. चारों तरफ अतिक्रमण का बोलबाला, सड़कों पर उगी झाड़ी, घास, फूस, लोगों के घर आंगन का बहता पानी, फेंके गये गंदगी, खर पतवार, जलजमाव एवं उसी पथ के सहारे सभी सड़कों के निर्माण व लोगों के व्यक्तिगत कार्यों में बिल्डिंग मेटेरियल लेकर गुजरी ट्रेक्टर आदि वाहनों के कारण जगह जगह खरंजा उखड़ गया है. इसकी वजह से भरपूर चौड़ाई के बावजूद यह पथ पगडंडी बना हुआ है. इस पथ में आये दिन छोटी बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती है. इसको लेकर मुहल्लावासी हमेशा आशंकित एवं चिंतित रहते हैं. नहीं बदली वार्ड सात के सड़कों की हालत फोटो : 3 परिचय: मधवापुर में वार्ड सात स्थित जर्जर सड़क. मुख्यालय के कई सड़कों की तस्वीर बदल गयी, लेकिन आजादी के छह दशक बाद भी पंचायत के वार्ड संख्या सात अल्पसंख्यक फकीर, अति पिछड़ा तेली, हलुवाई, बढ़ई, कायस्थ बाहुल्य जाति वाले मोहल्ले में आजतक विकास की कोई रोशनी नहीं पहुंच सकी. इसके कारण मोहल्ले वासियों में सरकार और जनप्रतिनिधियों के प्रति काफी रोष देखने को मिल रहा है. अब तक विभिन्न राजनीतिक दल और प्रतिनिधियों के लिए वोट बैंक के रूप में उपयोग होते रहे वार्ड के मो कासिम साह, इजराईल साह, मो अलाउद्दीन साह, समसुल साह, अमीना खातून, वोलातुन खातून, मो मजिद साह, नरेश लाल कर्ण, पूर्व सरपंच सरिता कर्ण, रामबाबू प्रधान, धर्मनाथ पूर्वे, सूरज ठाकुर, सरोज ठाकुर, रामहित साह, राजा प्रधान, अवधेश ठाकुर, सहित मोहल्ले के कई लोगों ने बताया कि सड़क को लेकर थोड़ा बहुत काम पंचायत के हर वार्ड में हुआ है. इससे सब सड़क की सूरत बदल गयी. जनप्रतिनिधियों की सूरत, सेहत, रसूख बदल गया पर हमलोगों की तकदीर और विकास की तसवीर नहीं बदली. इसके कारण आज भी हमलोग कच्ची सड़क पर चलने को मजबूर हैं. धौस नदी से पश्चिम और मुख्य ग्रामीण पथ से पूरब बसे इस मोहल्ले पर हरबार बाढ़ और बरसात की कहर पड़ती है, लेकिन कहीं एक ईंट गड़ा हुआ नहीं दिखता. मुश्किल से बीस फीट की दूरी में वर्ष 2010 में स्थानीय मुखिया द्वारा बिना योजना बनाये खरंजा लगाया गया था जो चंद दिनों उखाड़ लिया गया और गिराये गये ईंट वहां से उठा लिए गये. वर्षों से जर्जर है मुख्य पथ को जोड़ने वाली सड़क फोटो : 4 मधवापुर में मुख्य पथ को जोड़ने वाली जर्जर ग्रामीण सड़क. मुख्यालय पंचायत सहित पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के दर्जनों गांव के लोगों के लिए सुलभ एवं नजदीकी ग्रामीण खरंजा सड़क जो मुख्य पथ को जोड़ती है. वर्षों से खरंजा उखड़ने के कारण जर्जर हो चुका है. इसी पथ से होकर बच्चे मुख्यालय के प्लस टू उच्च विद्यालय, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज जाते हैं. बाहर जाने वाले लोग बस, ऑटो, रिक्शा आदि पकड़ने जाते हैं. वाहन चालक या किसान पेट्रोल पंप या चौड़ी जाते हैं. इसके कारण यह पथ पंचायत वासी सहित हर लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इसका जीर्णोद्धार अति आवश्यक है, लेकिन आज तक किसी ने इसकी महत्ता को तरजीह नहीं दी. जबकि पूरे पथ का खरंजा उखड़ गया है आये दिन साइकिल, मोटरसाइकिल, ऑटो, रिक्शा, ट्रैक्टर एवं पैदल चलने वाले लोग इस सड़क पर दुर्घटना के शिकार होते रहते हैं. बावजूद, वैकल्पिक पथ नहीं रहने के कारण पंचायत सहित पड़ोसी राष्ट्र के दर्जनों गांव के लोग इस पथ पर चलने को विवश हैं. कलश स्थापना के साथ शुरू हुई नवरात्र फोटो : 5परिचय: प्रखंड क्षेत्र में पूजा पंडाल का निर्माण करते मूर्तिकार एवं कलाकार. मधवापुर. मुख्यालय स्थित पेठिया गाछी सहित प्रखंड क्षेत्र के रामपुर, बिहारी, वासुकी, दुर्गापट्टी, पिरोखर, सुजातपुर, साहरघाट, विसनपुर, तरैया सहित विभिन्न गांवों के पूजा समिति द्वारा शारदीय नवरात्र का कलश स्थापन के साथ ही मंगलवार से नवरात्र वैदिक रीति रिवाज व हर्षोल्लास के साथ से शुरू किया गया. पूजा की तैयारी को लेकर संबंधित पूजा समिति द्वारा युद्ध स्तर पर पहल की जा रही है. हर जगह भव्य व आकर्षक पूजा पंडाल एवं मां की प्रतिमा का निर्माण विशिष्ठ मूर्तिकार एवं कलाकार द्वारा किया जा रहा है. दुर्गा पूजा समिति मधवापुर के अध्यक्ष राजेश साह, सचिव मनोज पूर्वे, व्यवस्थापक हनुमान पूर्वे, बिहारी के अध्यक्ष नसीब नारायण झा, सचिव सत्यनारायण झा एवं कोषाध्यक्ष संतोष कुमार झा सहित समिति के सदस्यों ने बताया कि दर्शकों एवं लोगों के मनोरंजन के लिए कई तरह के आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जो षष्ठी से प्रारंभ किया जायेगा.

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