एक दिन में सिर्फ एक कक्षा होती है संचालित
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
हाल बेनीपट्टी परियोजना बालिका प्लस टू विद्यालय का बेनीपट्टी : स्थानीय परियोजना बालिका प्लस टू सह माध्यमिक विद्यालय समस्याओं के मकड़जाल में उलझकर पठन-पाठन के क्षेत्र में दम तोड़ती नजर आ रही है. भवन, शिक्षक, उपस्कर, फर्नीचर, चहारदीवारी, शौचालय, चापाकल जैसे मौलिक सुविधाओं से यह विद्यालय वंचित है. तकरीबन 1500 छात्राओं की संख्या वाले इस […]
विज्ञापन
हाल बेनीपट्टी परियोजना बालिका प्लस टू विद्यालय का
बेनीपट्टी : स्थानीय परियोजना बालिका प्लस टू सह माध्यमिक विद्यालय समस्याओं के मकड़जाल में उलझकर पठन-पाठन के क्षेत्र में दम तोड़ती नजर आ रही है.
भवन, शिक्षक, उपस्कर, फर्नीचर, चहारदीवारी, शौचालय, चापाकल जैसे मौलिक सुविधाओं से यह विद्यालय वंचित है. तकरीबन 1500 छात्राओं की संख्या वाले इस विद्यालय में भवनों की कमी का आलम इस कदर बरकरार है कि एक दिन में एक ही वर्ग की कक्षा संचालित होती है. वहीं, हिंदी, अंगरेजी, इतिहास, नागरिक शास्त्र व विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों का पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं.
कंप्यूटर शिक्षक के पद की रिक्ति रहने के कारण देश-दुनिया में तेजी से फैलती कंप्यूटर की शिक्षा की इस विद्यालय में हवा निकल रही है. लाइब्रेरियन स्टाफ व इसके महत्व का यहां कोई नामोनिशान दिखाई नहीं पड़ रहा है. गृह विज्ञान के दो, भूगोल के एक, उर्दू एक और वाणिज्य संकाय के शिक्षकों के अलावे अन्य महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं रहने से छात्राओं को पढ़ाई करने में काफी कठिनाई हो रही है.
माध्यमिक में एक भी शिक्षक नहीं
माध्यमिक विद्यालय का दर्जा प्राप्त किये इस स्कूल में यूं तो 35 अतिरिक्त शिक्षक पदस्थापित रहने चाहिए थे, लेकिन इसे विडंबना ही कहा जाये कि यहां एक भी शिक्षक की पदस्थापना नहीं है. ऐसे में यहां अध्ययनरत छात्र और उनके अभिभावकों में सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ काफी रोष है.
भवनों का अभाव
प्लस टू और माध्यमिक की कक्षाएं मात्र नौ कमरों में संचालित हो रही हैं. विशाल भूखंड में यह विद्यालय अवस्थित रहने के बाद भी भवन निर्माण के लिए फंड नहीं रहने एवं कोई विभागीय स्वीकृति नहीं मिलने के मद्देनजर विद्यालय भवनों की कमी से जूझ रहा है. दर्जनों और कमरों की दरकार छात्र बल की संख्या देखते हुए इस विद्यालय को है. प्लस टू में शौचालय व चापाकल की कमी के कारण छात्राओं को परेशानियां उठानी पड़ती है. कुल मिलाकर शिक्षकों के अलावे इंफ्रास्टक्चर की कमी इस विद्यालय में है.
क्या कहते हैं एचएम
प्रभारी प्रधानाध्यापक शोभाकांत झा बताते हैं कि सरकार और विभाग ने जो सुविधाएं और दिशा निर्देश जारी कर रखा है उसके अनुरूप विद्यालय संचालित किया जा रहा है. विकास के लिए कोई फंड नहीं रहने के कारण मूलभूत समस्याएं दूर नहीं भाग रही है. उन्होंने आने वाले समय में व्याप्त समस्याओं की निदान हो जाने की बातें बतायी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










