भेज दिया साढ़े तीन करोड़ का फरमान
दरभंगाः शहर की जलनिकासी के लिए जिला प्रशासन ने रेलवे से सहयोग की अपेक्षा की तो रेलवे के अभियंताओं ने दरभंगा नगर निगम को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जमीन भाड़ा व आरसीसी कल्वर्ट बनाने के नाम पर मांग कर दी है. रेलवे की इस तुगलकी फरमान से निगम प्रशासन ने उससे आर–पार की लड़ाई […]
दरभंगाः शहर की जलनिकासी के लिए जिला प्रशासन ने रेलवे से सहयोग की अपेक्षा की तो रेलवे के अभियंताओं ने दरभंगा नगर निगम को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जमीन भाड़ा व आरसीसी कल्वर्ट बनाने के नाम पर मांग कर दी है. रेलवे की इस तुगलकी फरमान से निगम प्रशासन ने उससे आर–पार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है.
जानकारी के अनुसार गत 16 अप्रैल को प्रमंडलीय आयुक्त वंदना किन्नी की अध्यक्षता में जल निकासी पर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि रेलवे के पुल संख्या 21, 22, 23, 24 एवं 25 के अलावा रेलवे लाइन के किनारे से जल निकासी के लिए उनसे जमीन मुहैया कराई जाय. इस संबंध में रेलवे के अभियंताओं ने जिला प्रशासन को यह अनुरोध किया था कि इस आशय का पत्र डीआरएम को भेजा जाय.
डीएम कुमार रवि के निर्देश पर नगर आयुक्त ने डीआरएम को इस संबंध में पत्र भेजा. पत्र में रेलवे पुल नंबर 21 चट्टी चौक, रेलवे पुल नं 22 शाहगंज, रेलवे पुल नं 23, 24 अललपट्टी से छपरार घाट, रेलवे पुल नं 25 दोनार तथा पुल नं 26 कगवा गुमटी के निकट जल निकासी की व्यवस्था में सहयोग करने का अनुरोध किया गया था. ज्ञात हो कि बेला मोड़ से लेकर दोनार चौक तक फैले रेलवे के ट्रैक, वाशिंग पिट से निकले पानी का बहाव शहर के कई वार्डो में भी होता है.
इस संबंध में दो दिन पूर्व रेलवे के डिविजनल इंजीनियर (समस्तीपुर) इंद्रजीत कुमार ने मेयर दरभंगा को जो पत्र भेजा है, उसमें रेलवे पुल संख्या 21 से 25 तक तथा रेलवे लाइन के किनारे से जल निकासी के लिए अगले दस वर्षो तक भाड़ा के रूप में 2 करोड़ 84 लाख 19 हजार 105 रुपये तथा दो जगह आरसीसी कल्वर्ट बनाने के लिए 78 लाख, 61 हजार 872 रुपये की मांग की है.
रेलवे से मिले इस पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मेयर गौरी पासवान ने कहा कि वर्षो से नगर निगम क्षेत्र में बेरोकटोक रेलवे का पानी बहने से बेला, चूनाभट्ठी, लक्ष्मीसागर, गांधीनगर कटरहिया मुहल्लों में बिना वर्षा के भी जलजमाव की स्थिति रहती है. इतना ही नहीं रेलवे के वाशिंग पिट का पानी हराही तालाब में गिरकर उसे प्रदूषित कर रहा है.
ऐसी स्थिति में शहर की जलनिकासी के लिए रेलवे की खाली जमीन व रेल पुल से यदि पानी निकासी के लिए अनुरोध किया गया तो वे भाड़ा स्वरूप तीन करोड़ की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त को शीघ्र ही रेलवे के पूरे परिसर की पैमाइश कर इसका होल्डिंग टैक्स का नये सिरे से निर्धारण करने तथा उसके जलनिकासी को अविलंब पूरी तरह अवरूद्ध करने संबंधी पत्र तैयार करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने बताया कि जबतक रेलवे के अधिकारीगण इस पर बैठकर आम सहमति नहीं बनाते तो उनकी जलनिकासी के सारे द्वार अवरूद्ध करा दिये जायेंगे.
दूसरी ओर सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर यदि रेलवे का ऐसा व्यावसायिक रवैया है तो इसपर निगम प्रशासन को पत्र के माध्यम से रेलवे के अधिकारियों को अवगत कराकर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि इसपर शीघ्र पहल नहीं की गयी तो आनेवाले दिनों में शहरवासियों की समस्या और बढ़ जायेगी.
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