मोबाइल टॉवर के कंपनियों एवं जमीन मालिकों के बीच एकरार नामा

Updated at : 04 Jul 2018 5:41 AM (IST)
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मोबाइल टॉवर के कंपनियों एवं जमीन मालिकों के बीच एकरार नामा

मधुबनी : शहर में लगे विभिन्न कंपनियों के मोबाइल टॉवर को सील किया जा सकता है. जिससे मोबाइल उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ सकती है. दरअसल, शहर में लगे 31 मोबाइल टॉवर के कंपनियों एवं जमीन मालिकों के बीच एकरार नामा बिना स्टांप शुल्क जमा किये ही कर लिया गया है. जो नियम के विरुद्ध है. […]

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मधुबनी : शहर में लगे विभिन्न कंपनियों के मोबाइल टॉवर को सील किया जा सकता है. जिससे मोबाइल उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ सकती है. दरअसल, शहर में लगे 31 मोबाइल टॉवर के कंपनियों एवं जमीन मालिकों के बीच एकरार नामा बिना स्टांप शुल्क जमा किये ही कर लिया गया है. जो नियम के विरुद्ध है. विभाग ने इसे लीज के श्रेणी में माना है. वहीं नगर परिषद क्षेत्र में लगे विभिन्न मोबाइल कंपनियों द्वारा नवीकरण शुल्क भी जमा नहीं किया गया है.

बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा टावर को सील करने की तैयारी चल रही है. रजिस्ट्रार कार्यालय एवं नगर परिषद कार्यालय दोनों ने ही टावर कंपनियों को नोटिस जारी किया. इससे दोनों विभाग को राजस्व की क्षति हो रही है.

लीज के श्रेणी में एकरार नामा : शहर में लगे विभिन्न मोबाइल कंपनी के अधिकारी व जमीन मालिक के बीच की गई एकरारनामा लीज दस्तावेज के श्रेणी में माना गया है. चूंकि उक्त एकरारनामा एक से अधिक सालों का है. इसके कारण इस एकरारनामा पर मुद्रांक शुल्क लगाना अनिवार्य है. विभाग के मुताबिक शहर में लगे मोबाइल टॉवरों के अधिकारी व जमीन मालिकों के बीच एकरारनामा बिना स्टॉप शुल्क के ही कर लिया गया है. विभाग ने संबंधित मोबाइल टॉवर कंपनी व जमीन मालिक को नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के अंदर लीज दस्तावेज जमा करने को कहा है.
नगर परिषद का नौ लाख बकाया : नगर परिषद क्षेत्र में लगे विभिन्न मोबाइल टॉवर कंपनियों पर विभाग का 9 लाख रुपये बकाया है. टॉवर कंपनियों ने नवीकरण शुल्क नहीं जमा किया है. जिससे विभाग को राजस्व की क्षति हो रही है. नप ने एल्टीमेटम जारी करते हुए 15 दिनों के अंदर नवीकरण शुल्क जमा करने पर टॉवर को सील किया जा सकता है. ऐसे में मोबाइल धारकों की परेशानी बढ सकती है. गौरतलब हो कि नगर परिषद क्षेत्र में मोबाइल टॉवर को रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में 40 हजार रुपये लिया जाता है. जबकि प्रतिवर्ष नवीकरण शुल्क 10 हजार रुपया लिया जाता है.
शहर में लगे विभिन्न मोबाइल टॉवर
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने कहा कि शहर में लगे मोबाइल टावर व भूस्वामी बिना स्टांप शुल्क के लीज कर लिया गया. वहीं मोबाइल कंपनियों पर नवीकरण शुल्क भी बकाया है. तय सीमा के अंदर स्टांप शुल्क तथा नवीकरण शुल्क जमा नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई होगी.
कंपनी के नाम टॉवर की संख्या
एयरटेल 6
बोडाफोन 6
रिलायंस जिमो 4
एयरसेल 3
बीएसएनएल 3
रिलांयस 2
बियोम नेटवर्क 2
टाटा इंडिकॉम 1
ट्यूलिप टेलकम 1
टाटा टेली सर्विस 1
स्मार्टफोन 1
टाटा डोकोमो 1
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