हमारे शरीर, मन एवं आत्मा के बीच समन्वय स्थापित करता है योग
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Jun 2024 7:36 PM
योग महज एक शारीरिक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह एक पूर्ण विज्ञान है. इसके माध्यम से हम पूर्ण स्वस्थ जीवन जी सकते हैं
मधेपुरा. योग महज एक शारीरिक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह एक पूर्ण विज्ञान है. इसके माध्यम से हम पूर्ण स्वस्थ जीवन जी सकते हैं. इसलिए हम योग को मजबूरी में नहीं, बल्कि पूरे मन से अपनायें. यह बात पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार भारती ने कही. वे शुक्रवार को 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित योगाभ्यास एवं परिचर्चा कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में बोल रहे थे. कार्यक्रम का आयोजन 3/17 बिहार बटालियन एनसीसी तथा सेहत केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा के सभा भवन में किया गया. – भोग को त्यागें, योग को अपनायें – राकेश कुमार भारती ने कहा कि भारतीय ऋषि-मुनियों का मानना था कि मानव शरीर ईश्वर की देन है. ईश्वर ने हमें स्वस्थ रूप में धरती पर चराचर जगत की सेवा के लिए भेजा है. हम यह कोशिश करें कि हम जब मृत्यु को प्राप्त करें, तो ईश्वर को यह शरीर स्वस्थ रूप में सौंपें. इसके लिए यह जरूरी है कि हम भोग का त्याग करें और योग को अपनायें. – दैनिक जीवन में योग को अपनायें – महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो डा केपी यादव ने कहा कि योग हमारे शरीर, मन एवं आत्मा के बीच समन्वय स्थापित करता है और हमें पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करता है. इसके माध्यम से हम दीर्घकाल तक निरोगी जीवन जी सकते हैं. यह संपूर्ण स्वास्थ्य की प्राप्ति का श्रेयष्कर मार्ग है, जो पहले से ही रोग को आने से रोकने का उपाय सुझाता है. – भारत सरकार बधाई के पात्र – महाविद्यालय प्राचार्य प्रो डा कैलाश प्रसाद यादव ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरूआत हुई है. इसके लिए भारत सरकार तथा विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बधाई एवं प्रशंसा के पात्र हैं. आज हम आधुनिक जीवनशैली के कारण तनाव, चिंता, हताश-निराश आदि मानसिक व्याधियों से घिरे हैं. इन व्याधियों से मुक्ति दिलाने में योग की महती भूमिका है. – योग से जीवन में आता है सामंजस्य – सिंडिकेट सदस्य कैप्टन गौतम कुमार ने कहा कि योग हमारे मन एवं शरीर के बीच सामंजस्य का प्रतीक है. यह हमारे शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ सामाजिक व आध्यात्मिक कल्याण में भी सहायक है. – सबके लिए सुलभ है योग – दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डा सुधांशु शेखर ने कहा कि योग किसी एक जाति या धर्म की निधि नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता की धरोहर है. यह सबके लिए सहज एवं सुलभ है. जो कोई भी इसका अभ्यास करेगा, उसे इसका सुफल प्राप्त होगा. – स्मरणशक्ति को बढ़ाता है योग – गणित विभागाध्यक्ष ले गुड्ड कुमार ने कहा कि योग से हमारी शारीरिक एवं मानसिक शक्ति का विकास होता है. यह एकाग्रता बनाये रखने एवं स्मरण शक्ति को बढ़ाने में भी मददगार है. छात्रों को इसका लाभ उठाना चाहिये. मौके पर सुबेदार गुरभेज सिंह, उपकुलसचिव स्थापना डा शंकर कुमार मिश्र, पतंजलि योग समिति के संरक्षक परमेश्वरी प्रसाद यादव, भारत स्वाभिमान के संयोजक डा एनके निराला, महिला जिलाध्यक्ष रूपम कुमारी, किसान प्रभारी डा सुभाषचंद्र यादव, आरोग्य केंद्र के दीपक कुमार एवं रतन देवी, दर्शनशास्त्र विभाग के शोधार्थी सौरभ कुमार चौहान समेत अन्य उपस्थित थे.
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