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मुरलीगंज को अनुमंडल का दर्जा दिलाने को लेकर संघर्ष तेज

Updated at : 21 Apr 2025 7:04 PM (IST)
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मुरलीगंज को अनुमंडल का दर्जा दिलाने को लेकर संघर्ष तेज

मुरलीगंज को अनुमंडल का दर्जा दिलाने को लेकर संघर्ष तेज

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मुरलीगंज. मुरलीगंज को अनुमंडल का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर रविवार को गोल बाजार में विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी का आयोजन “मुरलीगंज को अनुमंडल बनाओ संघर्ष समिति ” के तत्वावधान में किया गया. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पिछले 25 वर्षों से मुरलीगंज को अनुमंडल का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष किया जा रहा है. वर्ष 1984-85 में प्रबुद्ध जनों द्वारा ””अनुमंडल बनाओ संघर्ष समिति”” का गठन कर इस मांग की नींव रखी गयी थी. क्षेत्रफल और आबादी के हिसाब से बड़ा प्रखंड होने के बावजूद मुरलीगंज आज भी उपेक्षित बना हुआ है. ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र रहा है. यहां जूट, अनाज, आलू और मक्का की वृहद खेती होती है. मुरलीगंज को कभी ””मिनी कोलकाता”” के नाम से भी जाना जाता था. आसपास के गांवों के किसान अपनी उपज यहीं लाकर बेचते थे, जिससे सरकार को राजस्व का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता रहा है. मौके पर बताया कि मुरलीगंज व कुमारखंड प्रखंड में कुल 39 पंचायत और एक नगर पंचायत क्षेत्र है, जिसकी कुल जनसंख्या लगभग 4.39 लाख है. यहां 12 उच्च विद्यालय, 284 मध्य विद्यालय, एक सरकारी महाविद्यालय, पांच से अधिक वित्त पोषित महाविद्यालय और एक बालिका उच्च विद्यालय संचालित हैं. साथ ही 502 आंगनबाड़ी केंद्र, शहर में 22 शहरी आंगनबाड़ी, राष्ट्रीय और निजी बैंक, ट्रांसपोर्ट कंपनियां, रेलवे स्टेशन, माल गोदाम, राष्ट्रीय राजमार्ग और अस्पताल की सुविधाएं मौजूद हैं. फिर भी अब तक अनुमंडल का दर्जा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है. कुमारखंड प्रखंड का अंतिम गांव अररिया जिला की सीमा पर स्थित है, जहां से अनुमंडल और जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 100 किलोमीटर है. ऐसे में प्रशासनिक कार्यों और जनता की सुविधा के लिए मुरलीगंज को अनुमंडल बनाना अत्यावश्यक है. संघर्ष समिति के संयोजक बाबा उर्फ दिनेश मिश्रा ने कहा कि 17 पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ गांव-गांव जाकर आंदोलन को तेज किया जाएगा और यदि विधानसभा चुनाव से पूर्व मांगें पूरी नहीं हुईं तो चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा. लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार मतदान का प्रयोग कर जवाब दिया जायेगा. कांग्रेस नेता सह सह संयोजक संदीप यादव ने भी समिति का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर गंभीरता दिखानी चाहिए. यदि अनदेखी की गयी, तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा. संगोष्ठी में संघर्ष समिति के बाबा उर्फ दिनेश मिश्रा, विकास आनंद, संदीप कुमार, संतोष कुमार सिंटू, विजय यादव, प्रशांत यादव भाजपा नगर अध्यक्ष सूरज जायसवाल आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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