भाई-बहन के अटूट प्रेम व विश्वास का प्रतीक समा चकेवा का हुआ समापन
Updated at : 16 Nov 2024 9:49 PM (IST)
विज्ञापन

भाई-बहन के अटूट प्रेम व विश्वास का प्रतीक समा चकेवा का हुआ समापन
विज्ञापन
प्रतिनिधि, मधेपुरा
भाई-बहन के अटूट प्रेम आस्था व विश्वास का प्रतीक समा चकेवा पर्व शुक्रवार की रात्रि हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया. परंपरा के अनुसार काफी समय से पूर्व मनाया जाता है. खासकर बहने इसे पूरी आस्था के साथ मनाती है. इसी परंपरा के तहत बहनों ने सामा-चकेवा, खाजन, चिड़या, सतभईया, ढोलकिया, सखाड़ी, भंवरा-भंवरी, चुगला, वृन्दावन, कचबचिया एवं अन्य की प्रतिमा को पूरी विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर सर पर रख गीत गाते हुए पूर्णिमा की रात स्थानीय तालाब में विसर्जन कर अपने भाई के सुख समृद्धि एवं लम्बी उम्र की कामना की. वहीं भाइयों ने अपने बहनों को उपहार स्वरूप कई सामान गिफ्ट दिया. सामा चकेवा के गीत से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा. बहन के स्नेह व प्यार भरे संबंधों का जीवंत रूप सामा चकवा की शुरुआत छठ पर्व के खरना से ही शुरुआत हो जाता है. मैथली गीत से पूरा इलाका गुंजायमान होने लगता है. यह एक परपंरागत पर्व है, जो बहने अपने भाई के दीर्घायु के लिए करती है. यह पर्व पौराणिक मान्यता पर आधारित है. कहा जाता है कि भाई ने अपनी तपस्या से बहन को श्राप मुक्त कराया था. इस पर बहन सामा ने संसार के सभी बहनों को भाई के दीर्घायु के लिए यह व्रत रखने की प्रेरणा दी थी. भाई ने बहन की मुक्ति के लिए की थी तपस्या सामा चकेवा भाई बहन के अगाध प्रेम की कहानी है. एक व्यक्ति के चुगली पर पिता ने पुत्री को पक्षी बनने का श्राप दिया था. जिसकी जानकारी मिलने पर भाई चकेवा ने बहन की मुक्ति के लिए भगवान विष्णु की कठोर तपस्या की तथा अपनी बहन को पक्षी से पुन: मानव बनाने के लिए रास्ता की जानकारी प्राप्त की. इसी को लेकर बहन सामा ने दुनिया के सभी बहनों को भाई के दीर्घायु करने के लिए सामा चकेवा का व्रत करने की बात कही. इसी को लेकर कार्तिक माह में सामा-चकेवा शुरू हुआ.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




