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शून्य से शिखर पर पहुंचा मधेपुरा, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम में बनाया रिकॉर्ड

Updated at : 22 Oct 2024 8:42 PM (IST)
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शून्य से शिखर पर पहुंचा मधेपुरा, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम में बनाया रिकॉर्ड

शून्य से शिखर पर पहुंचा मधेपुरा, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम में बनाया रिकॉर्ड

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मधेपुरा. प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) कार्यक्रम के क्रियान्वयन में मधेपुरा ने रिकॉर्ड कायम किया है. बीते माह 38वें नंबर पर सबसे निचले पायदान में रहा मधेपुरा जिला एक माह के अंदर ही प्रथम स्थान पर है. यह उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रशिक्षक संजय कुमार क्रांति, भालचंद्र मंडल, प्रेमलता कुमारी व जूही कुमारी के सामूहिक प्रयास व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सहयोग से ही संभव हुआ है. क्या है पीबीएल प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (पीबीएल) एक अनूठी शिक्षण पद्धति है, जो छात्रों के समग्र विकास को बढ़ाता है, जिसमें उनके शैक्षणिक ज्ञान और कौशल जैसे आलोचनात्मक सोच, विश्लेषणात्मक कौशल और बहुत कुछ शामिल है. पारंपरिक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के विपरीत, जो किसी भी विषय के सैद्धांतिक भाग को समझाने पर विश्वास करती है, परियोजना-आधारित शिक्षण छात्रों को वास्तविक समय की समस्याओं को हल करने में सक्षम बनाकर व्यावहारिक उदाहरण प्रदान करने पर केंद्रित है. भारत सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत मिडिल स्कूल में पीबीएल को लागू किया जा रहा है. शिक्षा के स्तर में आमूलचूल परिवर्तन के लिए यह एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है. भावी पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय मानकों व चुनौतियां के लायक बनाने में यह शिक्षा नीति बेहद कारगर साबित होगी. 22 सितंबर की रिपोर्ट में सबसे पीछे, अब पहले नंबर पर इस बाबत जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 सितंबर को मधेपुरा 38वें पायदान पर सबसे पीछे था. तभी अधिकारियों के समन्वय से प्रशिक्षक व शिक्षकों की एक टीम ने इसे मिशन मोड पर लिया और उसका फल अगले 15 दिन में ही सामने आ गया, जब मधेपुरा अंतिम स्थान से छलांग लगाता पूरे बिहार में पहले नंबर पर आ चुका है. शिक्षक संजय कुमार क्रांति, भालचंद्र मंडल, शिक्षिका प्रेमलता व जूही मिश्रा लगातार प्रखंडवार कक्षा छह से आठ के गणित व विज्ञान पढ़ने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ संपर्क में रहकर पीबीएल का पांच दिवसीय कार्यक्रम स्कूल में पूरा करने में सहयोग दिया और उसके बाद इसकी रिपोर्ट एमआइपी पर अपलोड करायी गयी. खुशी का है पल: प्रेमलता व जूही शिक्षिका प्रेमलता व जूही मिश्रा ने बताया भावी पीढ़ी को बेहतर शिक्षा मिले, इस दिशा में कार्य करके बढ़िया लगा है. वह कहती हैं कि अपने जिले को उत्कृष्ट स्थान दिलाने में सामूहिक रूप से किये गये कार्य में एक छोटा सा प्रयास सफल हुआ है. यह खुशी का क्षण है. प्रशिक्षक संजय कुमार क्रांति अनवरत मेहनत करके सबों को उत्साहित करते रहे और अधिकारियों का भी सहयोग मिला, तभी जाकर मधेपुरा को यह गौरव प्राप्त हुआ. मधेपुरा के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य शिक्षा शोध व प्रशिक्षण परिषद पटना (एससीइआरटी) द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर प्रशिक्षक संजय कुमार क्रांति व उनकी टीम को सम्मानित किया गया है. ——– जिले में प्रखंड स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कराया गया है. इस बाबत प्रशिक्षक व उनकी टीम को हर विद्यालय में पीबीएल के संचालन के लिए विज्ञान व गणित के शिक्षकों को प्रशिक्षित कर कार्यक्रम को पूरा करने का निर्देश दिया गया है. विभाग की सफलता सराहनीय है, प्रशिक्षकों को बधाई. सईद अंसारी, डीइओ, मधेपुरा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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