मधेपुरा जेल में कैदी की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 09 Jun 2026 1:20 PM

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मृतक कैदी के परिजन

Madhepura News: मधेपुरा मंडल कारा में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बुधवार को माहौल गरमा गया. मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि जेल के अंदर मारपीट और प्रताड़ना के कारण उसकी जान गई. घटना के बाद सदर अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.

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अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट.

Madhepura News: मधेपुरा जिले के मंडल कारा में बंद एक कैदी की मौत के बाद बुधवार को विवाद खड़ा हो गया. मृतक की पहचान भिरखी वार्ड संख्या 24 निवासी दीपक पासवान के रूप में हुई है. घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए, जहां उन्होंने जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई.

पांच दिन पहले गया था जेल

परिजनों के अनुसार दीपक पासवान पिछले पांच दिनों से मंडल कारा में बंद था. उनका आरोप है कि जेल के अंदर उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें पहले से आशंका थी कि उसके साथ जेल में दुर्व्यवहार हो रहा है.

परिजनों ने दावा किया कि घटना वाले दिन अचानक उन्हें सूचना मिली कि दीपक की तबीयत बिगड़ गई है. जब वे अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है. इसके बाद परिवार के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.

जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि दीपक की मौत स्वाभाविक नहीं है. उनका कहना है कि जेल के भीतर मारपीट और प्रताड़ना के कारण उसकी जान गई. परिजनों ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. काफी देर तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.

पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन वे जांच और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे.

खबर लिखे जाने तक परिजनों और प्रशासन के बीच बातचीत का दौर जारी था.

जेल प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर जेल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. अधिकारियों का कहना है कि दीपक पासवान की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.

जेल प्रशासन के अनुसार उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसकी मौत हो गई. अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी.

रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत बीमारी, स्वास्थ्य संबंधी कारणों या किसी अन्य वजह से हुई.

घटना के बाद जिले में चर्चा का माहौल है और परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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