शहर में गड्ढों में तब्दील हुईं मुख्य सड़कें: राहगीर हो रहे दुर्घटना के शिकार, जलजमाव और जाम से आम जनता बेहाल

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मधेपुरा की टूटी सड़क व गड्ढे बन रही है पहचान

पश्चिमी बाईपास तरफ टूटी सड़क | Prabhat Khabar Network

शहर की मुख्य सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के पानी से भरे गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं, जिससे राहगीर और वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं.

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आए दिन लोग इन टूटी सड़कों पर दुर्घटना का शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है. बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी भयावह हो गई है, जिससे न केवल राहगीर और वाहन चालक परेशान हैं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों के कारोबार और स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है.

मुख्य चौक-चौराहों की हालत जर्जर, हादसों को न्योता दे रहे गड्ढे

शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण व्यावसायिक इलाके इस बदहाली की मार झेल रहे हैं:

  • गड्ढों में तब्दील सड़कें: शहर के मुख्य मार्ग जैसे नए बस स्टैंड, स्टेशन रोड, कर्पूरी चौक सहित कई अन्य इलाकों की सड़कें पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं.
  • वाहन चालक परेशान: बारिश के पानी के कारण चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता. बाइक सवार अचानक गिरकर चोटिल हो रहे हैं, वहीं चारपहिया वाहन और ई-रिक्शा हिचकोले खाते हुए रेंगने को मजबूर हैं.

कारोबार ठप, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित और वाहनों पर अतिरिक्त खर्च

सड़कों की इस दुर्दशा ने समाज के हर वर्ग को आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित किया है:

  1. व्यापारियों का नुकसान: स्थानीय व्यवसायियों के अनुसार, खराब सड़कों और दुकान के सामने जलजमाव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी बिक्री पर बहुत बुरा असर पड़ा है.
  2. समय पर नहीं पहुंच पा रहे छात्र: सुबह के समय सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम और कीचड़ के कारण स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों को समय पर अपने संस्थान पहुंचने में भारी दिक्कत हो रही है.
  3. चालकों की थमी रफ्तार: ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि बदहाल सड़कों के कारण उनके वाहनों के पार्ट्स आए दिन टूट रहे हैं, जिससे मेंटेनेंस का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है और उनकी दैनिक आमदनी आधी रह गई है.

कागजी दावों के बीच फंसी मरम्मत, बीमारियों का बढ़ा खतरा

स्थानीय समाजसेवियों और नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद और संबंधित निर्माण विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालकर सिर्फ कागजी कार्रवाई में जुटे हैं. वर्षों से इन सड़कों की कोई सुध नहीं ली गई है. वर्तमान में इन गड्ढों में ठहरे हुए पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है, जिससे शहर में डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मूल समस्या का समाधान करने के लिए जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कराया जाए ताकि सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ रह सकें.


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Aman Kumar

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