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मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा, बीएनएमयू के लिए है एक गौरव का महाविद्यालय : कुलपति

Updated at : 11 Apr 2025 6:42 PM (IST)
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मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा, बीएनएमयू के लिए है एक गौरव का महाविद्यालय : कुलपति

मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा, बीएनएमयू के लिए है एक गौरव का महाविद्यालय : कुलपति

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प्रतिनिधि, मधेपुरा मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा का 42वां स्थान दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया. समारोह के अवसर पर मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा के संस्थापक सह श्री कृष्णा विश्वविद्यालय उदाकिशुनगंज के कुलपति डाॅ अशोक कुमार, विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डाॅ विनय कुमार चौधरी, बीएनएमयू के पूर्व विकास पदाधिकारी डाॅ ललन प्रसाद अद्री, बीएनएमयू के परीक्षा नियंत्रक डाॅ शंकर कुमार मिश्रा, भूपेंद्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय मधेपुरा के प्राचीन इतिहास विभाग के प्राध्यापक डाॅ मिथिलेश कुमार, महाविद्यालय के उपाचार्य डाॅ भगवान कुमार मिश्रा, बीएनएमयू के सिंडिकेट सदस्य गौतम कुमार, शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार व मनोज भटनागर की उपस्थिति रही. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुआ है महाविद्यालय महाविद्यालय की प्राचार्या सह अध्यक्ष डाॅ पूनम यादव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया. स्वागत के उपरांत सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया. मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा के संस्थापक सह श्री कृष्णा विश्वविद्यालय उदाकिशुनगंज के कुलपति डाॅ अशोक कुमार ने कहा कि मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा, बीएनएमयू के लिए एक गौरव का महाविद्यालय है. कोसी के कछार पर बसा यह महाविद्यालय नैक के द्वितीय चक्र को पूरा करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुआ है. यह कामयाबी इस महाविद्यालय के शिक्षक व कर्मचारियों के मेहनत का फल है. उनके मेहनत के बल पर ही महाविद्यालय को इतना विशाल परिसर व विशालकाय बहुमंजिला भवन प्राप्त हो सका है. इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में बीएनएमयू में मधेपुरा कॉलेज का है प्रथम स्थान डाॅ अशोक ने कहा कि मधेपुरा महाविद्यालय मधेपुरा इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में विश्वविद्यालय में अपना प्रथम स्थान बनाये हुआ है. महाविद्यालय की छात्र-छात्राएं एनएसएस हो या एनसीसी हो या फिर खेल हो, सभी विधा में अपनी एक विशिष्ट पहचान लगातार बना रही है, जो महाविद्यालय के सफल नेतृत्व का देन है. बीएनएमयू के परीक्षा नियंत्रक डाॅ शंकर कुमार मिश्रा ने कहा कि मेरी कोशिश रहती है कि विश्वविद्यालय के हर गतिविधि में इस महाविद्यालय को प्राथमिकता मिले. विश्वविद्यालय के नजर में यह महाविद्यालय हमेशा खड़ा उतरा है. शिक्षकों को और संघर्षशील व कर्मवीर होने की है जरूरत विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डाॅ विनय कुमार चौधरी ने कहा कि लोग इमारत को देखते हैं, लेकिन उसकी नींव को कोई ध्यान नहीं देता है. महाविद्यालय के संस्थापक डाॅ अशोक कुमार का जीवन संघर्ष प्रेरक व अनुकरणीय है. बीएनएमयू के पूर्व विकास पदाधिकारी डाॅ ललन प्रसाद अद्री ने कहा कि शिक्षकों को और संघर्षशील व कर्मवीर होने की जरूरत है. महाविद्यालय के उपाचार्य डाॅ भगवान कुमार मिश्रा ने कहा डाॅ अशोक कुमार की संघर्ष यात्रा में सदैव छाया की तरह चलने का संकल्प लेकर आज तक चलता रहा हूं और अंतिम सांस तक चलता रहूंगा. मौके पर जंतु विज्ञान के प्राध्यापक अनिल कुमार, आरती देवी, डाॅ बृजेश कुमार मंडल, विजेंद्र मेहता, चंद्रमनी गुप्ता, किरण कुमारी, श्याम सुंदर, रंजीत कुमार, अमल किशोर, सोना झा, चंद्रदीप कुमार, प्रिंस कुमार, सौरभ सिंह, पप्पू कुमार, गजेंद्र प्रसाद यादव, उमेश कुमार, ब्रजेश कुमार, शशिशेखर आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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