सुखासनी विद्यालय की अव्यवस्था पर भड़के डीपीओ, समय पूर्व दे दी गयी थी छुट्टी

Updated at : 04 Mar 2025 7:45 PM (IST)
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सुखासनी विद्यालय की अव्यवस्था पर भड़के डीपीओ, समय पूर्व दे दी गयी थी छुट्टी

सुखासनी विद्यालय की अव्यवस्था पर भड़के डीपीओ, समय पूर्व दे दी गयी थी छुट्टी

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उदाकिशुनगंज. उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुखासनी का मंगलवार को सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ अभिषेक कुमार ने निरीक्षण किया. इस दौरान गड़बड़ी मिलने पर शिक्षकों पर नाराजगी जतायी. इस दौरान तीन दिन पूर्व शिक्षा समिति के गठन में धांधली के आरोपों की जांच करते हुए आगामी निर्धारित तिथि को नियमानुसार बैठक कर पुनर्गठन का निर्देश दिया, जबकि हाल ही में एक मार्च को गठित शिक्षा समिति को रद्द करने की बात कही है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक कक्ष में कागजात व अन्य सामान यत्र-तत्र बिखरे पड़े थे. शिक्षकों की उपस्थिति पंजी समेत अन्य पंजी की जांच करते हुये आद्यतन ने होने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक से शोकॉज पूछा. जानकारी के मुताबिक समय पूर्व ही कक्षा के सभी बच्चों को छुट्टी दे दी गयी थी. इधर, प्रभारी प्रधानाध्यापक सुरेंद्र प्रसाद मेहता ने बताया कि मूल प्रभार वाले प्रधानाध्यापक कौशल किशोर यादव को विभागीय आदेशानुसार प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है. तत्काल प्रभार मुझे सौंपा गया है. कुछ कारणवश सवा तीन बजे ही छुट्टी दे गयी है. सामग्री कक्ष में बालू-गिट्टी समेत गंदगी का अंबार लगा हुआ पाया गया. उसी कक्ष में दुर्गंधयुक्त सरांध के बीच एमडीएम चावल की बोरी रखी हुई थी. बच्चे को मुफ्त में दिये जाने वाले किताब, कॉपी, बैग व अन्य सामग्री कमरे के हर तरफ फेंके पड़े थे. बच्चों द्वारा उपयोग किये जा रहे शौचालय की साफ सफाई देख डीपीओ ने नाराजगी जाहिर की है. जबकि शिक्षकों द्वारा उपयोग किये जा रहे शौचालय में ताला लगा हुआ पाया गया. डीपीओ ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को पिछले तीन साल की विद्यालय समग्र अनुदान मद की राशि का लेखा-जोखा अनिवार्य रूप से देने को कहा है. बता दें कि तीन दिन पूर्व शिक्षा समिति के गठन में प्रधानाध्यापक कौशल किशोर यादव पर धांधली का आरोप लगाया था. ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत किया है कि प्रधानाध्यापक विद्यालय में पिछले 20 वर्षों से लगातार पदस्थापित हैं. इस कारण वे पक्षपात मानसिकता से ग्रसित हैं. प्रशासनिक व शैक्षणिक कार्य में स्वयं दक्ष न होने के कारण असामाजिक तत्वों के सम्पर्क में रहते हैं. इससे पोषक क्षेत्र के लोग परहेज में हैं. स्वयं दक्ष न होने के कारण सहायक शिक्षकों को कार्यालय में व्यस्त रखते हैं. फर्जी तरीके से गैर हाजिर सहायक शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी बनवाते हैं. ई-शिक्षाकोष व यूडायस पोर्टल आद्यतन न होने के कारण अभिभावकों को सटीक जानकारी नहीं दी जाती है. पूर्व में 14 अक्टूबर एवं 22 नवम्बर 2022 को तत्कालीन एसडीएम राजीव रंजन सिन्हा के निरीक्षण में अनुपस्थित शिक्षक व विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गयी थी. विभागीय कार्रवाई न होने से इन शिक्षकों का मनोबल बढ़ गया है.

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