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स्नातक एवं पीजी में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर नहीं दे सकेंगे परीक्षा

Updated at : 11 Jan 2026 7:11 PM (IST)
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स्नातक एवं पीजी में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर नहीं दे सकेंगे परीक्षा

परीक्षा विभाग ने स्नातक एवं पीजी के स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण सूचना जारी किया है.

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मधेपुरा.

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक और पीजी में अब 75 फीसदी उपस्थिति को लेकर सख्ती तेज कर दी है. इससे कम उपस्थिति होने पर विद्यार्थी सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे. विभाग एवं कॉलेज के स्तर पर हर सेमेस्टर में विद्यार्थियों के अटेंडेंस का डेटा तैयार किया जायेगा. इसकी निगरानी विश्वविद्यालय के साथ ही राजभवन भी करेगा.

बीएनएमयू के छात्र-छात्राओं को अब परीक्षा प्रपत्र भरने के समय 75 प्रतिशत उपस्थिति का भी प्रमाण पत्र देना होगा. परीक्षा विभाग ने स्नातक एवं पीजी के स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण सूचना जारी किया है. इसमें स्पष्ट किया गया है कि अब परीक्षा प्रपत्र भरने के लिए स्टूडेंट्स को 75 प्रतिशत कक्षा उपस्थिति का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से देना होगा.

– 75 प्रतिशत उपस्थिति प्रमाण पत्र करना होगा अपलोड –

बीएनएमयू परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि 75 प्रतिशत उपस्थिति को लेकर जारी पत्र सभी पीजी डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष, अंगीभूत कॉलेज एवं संबद्ध कॉलेजों के प्रधानाचार्य को भेज दिया गया है. उन्होंने बताया यह निर्णय पहले ही लिया जा चुका था, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जायेगा. स्टूडेंट्स जब परीक्षा प्रपत्र भरेंगे, उसी समय उन्हें अपने विभाग या कॉलेज द्वारा सत्यापित 75 प्रतिशत उपस्थिति प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा. बिना इस प्रमाण पत्र के परीक्षा प्रपत्र मान्य नहीं होगा.

– जरूरी डोकोमेंट्स के साथ विभाग या कॉलेज से कराना होगा सत्यापन-

विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रपत्र भरने की प्रक्रिया शुरू होते ही स्टूडेंट्स अपने सभी जरूरी डोकोमेंट्स के साथ विभाग या कॉलेज में जाकर सत्यापन करायेंगे. इसके बाद कॉलेज या विभाग द्वारा सत्यापित छात्र-छात्राओं की सूची तैयार की जायेगी. यह सूची परीक्षा प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि के एक दिन बाद विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को भेजी जायेगी. इसी सूची के आधार पर स्टूडेंट्स का ऑनलाइन परीक्षा एडमिट कार्ड जारी किया जायेगा. यदि किसी स्टूडेंट का नाम सत्यापित सूची में शामिल नहीं होता है, तो उसका परीक्षा एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जायेगा. बीएनएमयू में सत्र 2018-19 से पीजी में और सत्र 2023-24 से एवं चार वर्षीय स्नातक में सीबीसीएस लागू है. सीबीसीएस के रेगुलेशन में 75 प्रतिशत उपस्थिति को लेकर स्पष्ट प्रावधान है. इसके कहा गया है कि 75 प्रतिशत से कम अटेंडेंस होने पर विद्यार्थी को उसी सेमेस्टर में रोका जायेगा. यानी, पीछे के सत्र में उसी सेमेस्टर की पढ़ाई करेंगे एवं अटेंडेंस पूरा करेंगे. अटेंडेंस पूरा होने पर ही

परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति दी जायेगी. हालांकि, विभाग या कॉलेजों ने कभी सख्ती नहीं बरती. इसके चलते नामांकन के बाद विद्यार्थी घूमते रहते हैं और परीक्षा फॉर्म भरने का नोटिस जारी होने के बाद ही लौटते हैं. महीनेभर में फॉर्म भरकर और परीक्षा देकर वापस लौट जाते हैं. अब राजभवन ने इसपर सख्ती के निर्देश दिए हैं. विश्वविद्यालयों से विभाग एवं कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का रिकॉर्ड भी मांगा गया है, इसको लेकर बेचैनी बढ़ी है. पीजी विभाग और कॉलेजों की ओर से नोटिस जारी किया जा रहा है. 75 प्रतिशत उपस्थिति होने पर ही परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति दी जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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