मधेपुरा में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का हल्लाबोल: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल दुकानें ठप, आपातकालीन सेवाएं भी बंद
Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 20 May 2026 1:50 PM
दवा व्यवसायी
ऑनलाइन दवाओं की बढ़ती बिक्री और ई-फार्मेसी कंपनियों की मनमानी के खिलाफ मधेपुरा जिला मुख्यालय में दवा व्यवसायियों ने मोर्चा खोल दिया है. केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानों को पूरी तरह बंद रखकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया.
मधेपुरा से चंदन की रिपोर्ट:
ई-फार्मेसी के विरोध में मधेपुरा के दवा कारोबारियों की पूर्ण बंदी
मधेपुरा जिला मुख्यालय और आसपास के बाजारों में बुधवार को दवाइयों की किल्लत देखने को मिली. जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के निर्देश पर स्थानीय दवा व्यवसायियों ने कॉरपोरेट घरानों द्वारा संचालित की जा रही ऑनलाइन दवा बिक्री (ई-फार्मेसी) के खिलाफ एक दिवसीय पूर्ण बंदी का ऐलान किया. इस आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमूमन हड़ताल से मुक्त रहने वाली इमरजेंसी सेवाओं (आपातकालीन काउंटरों) को भी इस बार पूरी तरह बंद रखा गया है, जिससे दवा बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा.
छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट, स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप
प्रदर्शन के दौरान एकजुट हुए दवा व्यवसायियों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और दवा विक्रेताओं ने कहा कि बिना किसी उचित सरकारी निगरानी और कड़े नियमों के धड़ल्ले से ऑनलाइन दवाओं की बिक्री की जा रही है. इससे न केवल मधेपुरा जिले के छोटे और मध्यम श्रेणी के पारंपरिक दवा व्यवसायियों के सामने रोजी-रोटी और अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है, बल्कि यह व्यवस्था सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य और जान के साथ भी एक बड़ा खिलवाड़ साबित हो रही है.
बिना वैध पर्चे के मिल रही हैं दवाएं, नकली दवाओं का बढ़ा कारोबार
आक्रोशित व्यवसायियों ने तकनीकी खामियों को उजागर करते हुए बताया कि कई बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप्स बिना किसी वैध चिकित्सकीय परामर्श (डॉक्टर के पर्चे) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के नियमों का पालन किए बिना ही प्रतिबंधित दवाओं की होम डिलीवरी कर रहे हैं. निगरानी तंत्र फेल होने के कारण देश और राज्यों में गलत दवा के सेवन (ड्रग एब्यूज) और नकली व अमानक दवाओं के अवैध कारोबार की आशंका अत्यधिक बढ़ गई है. दवा कोई सामान्य उपभोग की वस्तु नहीं है, जिसे बिना विशेषज्ञ की सलाह के बेचा जाए.
सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
केमिस्ट एसोसिएशन ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को एक मांग पत्र सौंपते हुए ई-फार्मेसी पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाने या इसके लिए कड़े कानूनी दायरे तय करने की मांग की है. व्यवसायियों ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा और आम जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन तालाबंदी और उग्र आंदोलन किया जाएगा. इस विरोध प्रदर्शन के मौके पर जिला मुख्यालय के दर्जनों प्रतिष्ठित दवा व्यवसायी, फार्मासिस्ट और थोक व खुदरा विक्रेता मुख्य रूप से मौजूद रहे.
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By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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