जमाबंदी रद्द करने का निर्देश
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Nov 2016 2:08 AM (IST)
विज्ञापन

अभिलेख में हेराफेरी. बेच दी करोड़ों की सरकारी जमीन फर्जी तरीके से बेची स्थानीय निकाय के नाम एक एकड़ बारह डिसमिल जमीन सोनवर्षाराज : अंचल कर्मियों द्वारा राजस्व अभिलेखों में भारी हेरा फेरी कर सरकारी जमीन की खरीद फरोख्त कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि पहुंचाने का एक बड़ा मामला सामने आया […]
विज्ञापन
अभिलेख में हेराफेरी. बेच दी करोड़ों की सरकारी जमीन
फर्जी तरीके से बेची स्थानीय निकाय के नाम एक एकड़ बारह डिसमिल जमीन
सोनवर्षाराज : अंचल कर्मियों द्वारा राजस्व अभिलेखों में भारी हेरा फेरी कर सरकारी जमीन की खरीद फरोख्त कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि पहुंचाने का एक बड़ा मामला सामने आया है. सोनवर्षा स्थित स्थानीय निकाय के नाम एक एकड़ बारह डिसमिल जमीन को न केवल फर्जी तरीके से बेच दिया गया, बल्कि स्थानीय राजस्व कर्मचारी व तत्कालीन अंचलाधिकारी द्वारा अभिलेखों में हेराफेरी कर जमीन खरीदने वालों के नाम जमाबंदी तक कायम कर दी गयी है. जमीन खरीदने वालों ने स्थानीय निकाय के जमीन पर स्थायी रूप से अपना मकान व दुकान बना लिया है.
किसके कब्जे में है स्थानीय निकाय की जमीन
भूमि सुधार उप समाहार्ता सदर के आदेश के बाद सीओ ने चपराम कोठी के संजय सिंह, विक्रम सिंह, सोनवर्षा के परवेज आलम, आदर्श बाल निकेतन सोनवर्षा के मालिक राजीव कुमार एवं संजीव कुमार सिंह , राजनीतीक साह, कमलेश्वरी साह, दीप माला देवी, मैनी देवी, मो अब्दुल सत्तार, माला देवी तथा कंचन देवी को नोटिस जारी कर खरीदी गयी जमीन के सभी साक्ष्य लेकर अपने वेश्म में उपस्थित होने का निर्देश दिया था.
…तो स्थानीय निकाय कब्जे में नहीं आयेगी जमीन!
सीओ ने स्थानीय निकाय के जमीन खरीदने वाले लोगों पर कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है. लेकिन इसमें दोनों पक्षों को समान रूप से देखने की दरकार है. स्थानीय अंचल कर्मियों द्वारा किस तरह स्थानीय निकाय की जमीन की दाखिल खारिज कर दी गयी तथा साल दर साल उपयुक्त भुमि का राजस्व लगान रसीद राजस्व कर्मचारी द्वारा निर्गत कर वसूली की जाती रही. क्या सिर्फ जमाबंदी रद्द किये जाने से उक्त जमीन स्थानीय निकाय की कब्जे में जा पायेगी. या फिर ये सारी कार्रवाई ढाक के तीन पात साबित हो कर रह जायेगी.
क्या है मामला
इन सारी बातों का खुलासा तब सामने आया, जब चपराम कोठी के संजय सिंह व विक्रम सिंह द्वारा न्यायालय, भूमि सुधार उप समाहार्ता सदर में वाद दायर कर सोनवर्षा मौजा स्थित खाता संख्या 686 खेसरा नंबर 92, 93, 95, 96, 97, 103, 104, कुल रकवा एक एकड़ 52 डिसमिल स्थानीय निकाय की जमीन को अपनी जमीन बताया.
लेकिन मामले की सुनवाई व कागजातों का अवलोकन करने के बाद भूमि सुधार उप समाहर्त्ता ने उपयुक्त जमीन को स्थानीय निकाय की बताते हुए मामला खारिज कर दिया. साथ ही सोनवर्षा के अंचलाधिकारी रामअवतार यादव को निर्देश देते हुए कहा कि उपयुक्त खाता व खेसरा की जमीन की जिस-जिस के नाम से जमावंदी खोली गयी है. उसे तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए आवश्यक कार्यवाई की जाये.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




