चार दिन रहा पानी, तो मिलेगी राहत

Published at :05 Sep 2016 4:58 AM (IST)
विज्ञापन
चार दिन रहा पानी, तो मिलेगी राहत

निर्णय . आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने डीएम को लिखा पत्र सरकार के निर्णय के संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने राज्य के सभी जिलाधिकारी को पत्र लिखा है. इसमें बताया गया है कि अगर टोला में चार दिनों तक चारों से पानी भरा रहा, तो टोलावासियों को मुआवजा दिया […]

विज्ञापन

निर्णय . आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने डीएम को लिखा पत्र

सरकार के निर्णय के संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने राज्य के सभी जिलाधिकारी को पत्र लिखा है. इसमें बताया गया है कि अगर टोला में चार दिनों तक चारों से पानी भरा रहा, तो टोलावासियों को मुआवजा दिया जायेगा. सरकार के इस निर्णय से गरीबों को काफी मदद मिलेगी.
मधेपुरा : बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्र में पीड़ित कौन होंगे अर्थात किन्हें मुआवजे का हकदार माना जाये, इसका निर्धारण सरकार ही तय करती है. इस वर्ष गंगा नदी की बाढ़ की विभीषिका का हाल खुद मुख्यमंत्री ने भी लिया. सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन टोलों के लोगों को भी अब मुआवजा देने का निर्णय लिया है, जो चार-पांच दिनों से चारों ओर से पानी से घिरे हों व आवागमन के सारे मार्ग बंद हो चुके हों और जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया हो.
सरकार के इस निर्णय के संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने राज्य के सभी जिलाधिकारी को पत्र लिख कर इस नये निर्णय से अवगत कराते हुए इसे क्रियान्वित करने का निर्देश दिया है. सरकार के इस निर्णय से मधेपुरा जिले के आलमनगर एवं चौसा प्रखंड के गरीब बाढ़ पीड़ितों को लाभ मिल सकेगा. प्रधान सचिव ने पत्रांक 3340 दिनांक 03 सितंबर 2016 को सभी जिलाधिकारी को पत्र के जरिये सूचित करते हुए इसके बारे में निर्देशित किया है.
क्या है पहले सहायता के नियम
अधिसूचित प्राकृतिक अथवा स्थानीय प्रकृति की आपदाओं से प्रभावितों को निशुल्क सहायता दी जाती है. जिनकी मृत्यु हो जाती है, उनके परिवार को अनुग्रह अनुदान के अलावा घायलों को भी अनुग्रह अनुदान देने का प्रावधान है. इसके अतिरिक्त बाढ़ में जिन परिवारों के वस्त्र एवं बर्त्तन या घरेलू सामान बह गये हैं या क्षतिग्रस्त हुए हैं या एक सप्ताह से अधिक अवधि के लिये किसी प्राकृतिक आपदा के कारण जल प्लावित हो रहे हैं, वैसे परिवार को निशुल्क सहायता देने का प्रावधान है. साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के बाद अतिजरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न एवं नकद अनुदान के रूप में निशुल्क सहायता मुहैया करायी जाती है.
सहायता के लिए निर्धारित है ये दर
भारत सरकार के पत्र संख्या 32-7 /2014 एनवीएम – 1 दिनांक 08-04-2015 के जरिये राज्य / राष्ट्रीय आपदा रिस्पांस कोष के अंतर्गत मानदर निर्धारित किया गया है. आपदा प्रबंधन के विभागीय पत्रांक 1973 दिनांक 26-05-2015 के जरिये पूर्व में राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर निर्धारित मानदर की जानकारी दी गयी थी. पत्र की कंडिका – 1 (ड) के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं के बाद जरूरतमंद परिवार को निशुल्क सहाय्य मद में एक महीने तक प्रति वयस्क को 60 रूपये और प्रति बच्चा 45 रूपये देने का प्रावधान है. प्राय: परिवार को इकाई मान कर सहायता खाद्यान्न एवं नकद अनुदान के रूप में दिया जाता है. पहले खाद्यान्न के रूप में एक क्विंटल अनाज एवं निर्धारित नकद अनुदान की राशि का भुगतान किया जाता था लेकिन अब रार्ष्टीय खाद्य सुरक्षा कानून के परिप्रेक्ष्य में तत्काल अनुपलब्धता की स्थिति में खाद्यान्न के बदले राशि के भुगतान का निर्णय किया गया है.
इस निर्णय से राज्य सरकार की संवेदनशीलता प्रकट होती है. अब जिले में चौसा तथा आलमनगर क्षेत्र के अधिकाधिक बाढ़ पीड़ितों को सहायता मिल सकेगी. नये प्रावधान के अनुसार जिनके घर पानी में डूबे हैं उन्हें छह हजार रूपये तक की सहायता मिल सकेगी. राज्य सरकार का यह निर्णय प्रशंसनीय है. बिहार में बाढ़ से प्रभावित एक बड़ी आबादी इससे लाभान्वित होगी. खास तौर पर गरीबों को इससे काफी मदद मिलेगी.
मो सोहैल, डीएम, मधेपुरा
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन