साठ लाख गबन करने का आरोप
आलमनगर प्रखंड के कुंजौड़ी पंचायत की घटना
38 योजनाओं में भारी अनिमियतता कर निकाली गयी राशि
आलमनगर : जिले के आलमनगर प्रखंड के कुंजौड़ी पंचायत में लाखों रुपयों की सरकारी योजना की राशि गबन करने के आरोप में दो पूर्व मुखिया व तत्कालीन पंचायत सचिव पर आलमनगर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्थानीय थाने में प्राथमिकि दर्ज करायी है.
कई योजनाओं में राशि गबन करने वाले आलमनगर प्रखंड के कुंजौड़ी पंचायत के दो पूर्व मुखिया रंजू सिंह व रीना देवी सहित तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव प्रदीप विश्वास पर गबन का आरोप लगा था. गबन के मामले में बीडीओ ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है. वहीं आवेदन के आधार पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.
आलमनगर थाना में दर्ज किया गया प्राथमिकी : आलमनगर प्रखंड के कुंजौड़ी पंचायत में चलायी गयी योजनाओं में से 60 लाख 38 हजार रुपये सरकारी राशि का बिना समायोजन किये ही अवैध रूप से गबन करलिया गया. इस बाबत प्रखंड विकास पदाधिकारी मिन्हाज अहमद द्वारा जिला अधिकारी मधेपुरा का पत्रांक 48/पं0 दिनांक 28 -1 -16 एवं अनुमंडल पदाधिकारी उदाकिशुनगंज के पत्रांक 25642 दिनांक 16/6/16 सहित बीडीओ द्वारा स्थलीय जांच प्रतिवेदन प्रत्रांक 1441 -2 दिनांक 14/9/15 के आधार पर पूर्व मुखिया रंजु सिंह, रीना देवी व तत्कालीन पंचायत सचिव सह बिहारीगंज प्रखंड में वर्तमान पंचायत सचिव प्रदीप विश्वास पर प्राथमिकि दर्ज करने के लिए आलमनगर थाने आवेदन दिया गया. इस बाबत आलमनगर थाना अध्यक्ष सर्वेश्वर सिंह ने बताया कि गबन के मामले में दो पूर्व मुखिया व तत्कालीन पंचायत सचिव पर मामला दर्ज कर लिया गया है.
वार्ड सदस्य की शिकायत पर हुई जांच
ग्राम पंचायत कुंजौड़ी में चलायी गयी पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना, तेरहवी वित्तीय आयोग योजना व चतुर्थ राज्य वित्तीय आयोग योजना सहित पंचायत की कुल 38 योजनाओं में भारी अनिमियतता की बात सामने आयी है. इन योजनाओं में 60 लाख 38 हजार 42 रुपये सरकारी राशि का गबन कर लिया गया है.
बताया जाता है कि ग्राम पंचायत कुंजौड़ी के वार्ड सदस्य जनार्दन पासवान सहित अन्य वार्ड सदस्यों ने आरोप लगा कर पंचायत में व्यापक रूप से सरकारी योजना में राशि गबन करने की जांच के लिए परिवाद पत्र दाखिल किया था. इसके बाद बीडीओ द्वारा पंचायत में चलायी गयी सभी योजनाओं का भौतिक निरिक्षण किया गया. इसमें कई योजनाओं में भारी अनियमितता बरतते हुए सरकारी राशि के गबन का मामला सही पाया गया.
