आइएमए की बैठक में डॉ पी टूटी के क्लिनिक पर हुई घटना की डॉक्टरों ने की निंदा
मधेपुरा: एक डॉक्टर और मरीज का संबंध विश्वास की डोर से बंधा होता है. एक ओर जहां मरीज अपने इलाज के लिए पूरी तरह डॉक्टर पर निर्भर होता है. वहीं मरीज को स्वस्थ्य करना और उसकी पूरी देखभाल करना ही डॉक्टर का धर्म है. आइएमए भवन में आइएमए के बैठक के दौरान विगत दिनों डॉक्टर पी टूटी के क्लिनिक में हुई घटना की घोर निंदा करते हुए डॉक्टरों ने ये बातें कहीं. डॉक्टरों ने कहा कि डॉक्टर पी टूटी एक वरिष्ठ महिला चिकित्सक है.
जो कि अल्प संख्यक इसाई समुदाय तथा अनुसूचित जाति जनजाति से आती है. पिछले तीस वर्षों से मधेपुरा की सेवा करती आ रही है. उन्हें घसीट कर मारपीट, गाली गलौज तथा जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए काफी अभद्र व्यवहार किया गया. यहां तक की क्लिनिक पर मौजूद तीन नर्सों के साथ भी मारपीट एवं गाली गलौज किया गया. डॉ पी टूटी पर जानलेवा हमला करते हुए धमकी दी गयी कि अगर वे इग्लैंड भी भाग कर जायेंगी,
तो वहां जा कर जान से मार देंगे. इसके अलावा उनके घर एवं क्लिनिक में घुस कर तोड़ फोड़ की संपत्ति का नुकसान किया गया. यह निदनीय है. आइएमए इसके विरुद्ध जिलाधिकारी तथा आरक्षी अधीक्षक को ज्ञापन सौंपेगी. वस्तुत: मरीज के इलाज के दौरान डा पी टूटी के द्वारा मरीज एवं बच्चे को बचाने का अथक प्रयास किया गया.
बच्चे को किसी तरह से स्वस्थ्य हालत में बचा लिया गया. लेकिन मरीज को नहीं बचाया जा सका. डॉक्टरों ने मधेपुरा की जनता से अपील करते हुए कहा कि इस तरह की घटना का घोर विरोध करें. डॉक्टर मरीज के रिश्ते को बेहतर बनाये रखने में सहयोग करें. बैठक में आइएमए के संरक्षक डा अरूण कुमार मंडल, डा बी राणा,
अध्यक्ष डा मिथिलेश कुमार, उपाध्यक्ष डा सचिदानंद यादव, सचिव डा दिलीप कुमार सिंह, संयोजक डा उमाशंकर मल्लिक, प्रवक्ता डा अमित आनंद, डा पी प्रियदर्शनी, डा पी टूटी, संयुक्त सचिव डा आलोक कुमार निरंजन, डा आरके पप्पू, डा नायडू कुमारी, डा पीके मधुकर, डा ओम नारायण यादव, डा पूनम कुमारी आदि मौजूद थे.
