गंदगी के ढेर में लाखों रुपये हो जाता है दफन

Published at :23 Nov 2015 6:45 PM (IST)
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गंदगी के ढेर में लाखों रुपये हो जाता है दफन

गंदगी के ढेर में लाखों रुपये हो जाता है दफन फोटो – मधेपुरा 20 से 24कैप्शन – 20 सर्किट हाउस के पास जमा गंदगी. 21,23 – बैंक रोड में नाला के उपर कचरों का लगा ढेर, 22 – बैंक रोड में कूड़े की ढेर पर विचरते सुअर, 24 – मधेपुरा होटल के नीचे जमा गंदगी-लापरवाही […]

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गंदगी के ढेर में लाखों रुपये हो जाता है दफन फोटो – मधेपुरा 20 से 24कैप्शन – 20 सर्किट हाउस के पास जमा गंदगी. 21,23 – बैंक रोड में नाला के उपर कचरों का लगा ढेर, 22 – बैंक रोड में कूड़े की ढेर पर विचरते सुअर, 24 – मधेपुरा होटल के नीचे जमा गंदगी-लापरवाही . शहर के किसी भी वार्ड में स्वच्छता का सपना साकार नहीं प्रतिनिधि, मधेपुरा नगर परिषद द्वारा सफाई के मद में लाखों रुपये प्रतिमाह खर्च करने के बावजूद स्वच्छ व सुंदर मधेपुरा का सपना सकार होता नहीं दिखाई दे रहा है. शहर के लगभग सभी वार्डों में साफ -सफाई का अभाव दिख रहा है. मुख्य बाजार सहित रिहायसी क्लोनियों में भी कूड़े का ढेर लगा हुआ है. हालांकि, नगर परिषद सफाई के दावे जोर-शोर से कर रही है. लेकिन मुख्य बाजार और शहर के मुख्य पथों के किनारे पसरा कचरा नगर परिषद के दावों की पोल खोल रहा है. ज्ञात हो कि साफ सफाई के प्रति गंभीरता दिखाते हुए नगर परिषद शहर के 15 वार्ड की सफाई का जिम्मा एक स्वयंसेवी संस्था को दे दिया. इस संस्था को प्रत्येक माह लाखों रुपये का भुगतान भी किया जाता है. लेकिन स्वयंसेवी संस्था सफाई के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है. कचरों का शहर बन गया मधेपुरा सोमवार को जब शहर में साफ सफाई की पड़ताल की गयी तो शहर के मुख्य बाजार में पूर्णिया गोला चौक से लेकर सुभाष चौक तक कई जगह पर कचरे का ढेर लगा था. खास कर मधेपुरा होटल के समीप बीते दो दिनों से कचरे का उठाव नहीं किया गया था. वहीं बैंक रोड की स्थिति काफी जर्जर है. इस रोड में नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण कई जगहों पर कूड़े का ढेर बना हुआ है. इन ढेरों के पास विचरते सुअरों का झुंड नगर परिषद की कार्यशैली का बखान कर रहा था. इस रोड में कूड़े की ढेर से उठती बदबू के कारण स्थानीय निवासी परेशान है. राहगीर नाक पर रूमाल रख कर आवागमन कर रहे थे. बायपास रोड में हिरो हौंडा शोरूम से लेकर डॉक्टर अजय कुमार के क्लिनिक तक सड़क के दोनों तरफ कचरे का अंबार लगा हुआ है. शायद महीनों से यहां सफाई कर्मी नहीं पहुंचे है. शहर के महत्वपूर्ण स्थल सर्किट हाउस के आगे की स्थिति और भी बदतर है. सर्किट हाउस के ठीक सामने स्थानीय लोग अपने घरों का कचरा फेंकते है. नगर परिषद इस कचरे के निष्पादन को लेकर पूरी तरह खामोश है. उठाव नहीं होने के कारण कचरे का ढेर रोज बढ़ता जा रहा है. आने वाले समय में सर्किट हाउस में रूकने वाले अतिथि इस कचरे की बदबू से परेशान होंगे. दवा करते गये, मर्ज बढ़ता गया शहर को साफ सुथरा बनाये रखने की कवायद में यह कहावत पूरी तरह सटीक बैठती है. नगर परिषद सफाई के प्रति जितना गंभीरता दिखाता रहा, शहर में कचड़ों का ढेर भी उसी हिसाब से बढ़ता चला गया. हाल के वर्षों में नगर परिषद ने 15 वार्डों के साफ सफाई का जिम्मा स्वयं सेवी संस्था, जीवन ज्योति सोताडीह बांका को सौंप दिया. प्रत्येक वार्ड के सफाई के एवज में नगर परिषद ने संस्था को 23 हजार से अधिक रुपये का भुगतान भी करना शुरू कर दिया. शुरूआत के कुछ दिनों में संस्था सफाई के प्रति गंभीर नजर आ रही थी. लेकिन समय के साथ संस्था के संचालक भी सफाई के प्रति उदासीन होते चले गये. जबकि बेहतर कार्य के आधार पर नगर परिषद सभी वार्ड की सफाई का जिम्मा संस्था को देने का मूड बना रही थी. — वर्जन — नगर की साफ-सफाई के लिए नगर परिषद गंभीर है. वार्डों में साफ-सफाई की जांच करवायी जायेगी. त्रुटी पाने पर संबंधी केयर टेकर एजेंसी का भुगतान रोका जायेगा. विशाल कुमार बबलू, मुख्य पार्षद, मधेपुरा. हमारी संस्था को कुछ वार्डों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी दी गयी है. सड़क के एक तरफ हमारा क्षेत्र है, तो दूसरी तरफ नगर परिषद का. हम अपने क्षेत्र में सफाई के प्रति गंभीर हैं. मृत्युंजय झा, सचिव जीवन ज्योति सोताडीह, बांका.

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