परिवहन कार्यालय में रहस्यम स्थिति में फाइल में लगी आग

मधेपुरा : समाहरणालय स्थित जिला परिवहन कार्यालय में गत शुक्रवार को महत्वपूर्ण फाइल सहित जरूरी कागजात में रहस्यमय तरीके से आग लगने का मामला इन दिनों चर्चा का विषय का बना हुआ है. हालांकि, चर्चा के दौरान लोग समाहरणालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं. वहीं फाइलों के जल जाने के […]
मधेपुरा : समाहरणालय स्थित जिला परिवहन कार्यालय में गत शुक्रवार को महत्वपूर्ण फाइल सहित जरूरी कागजात में रहस्यमय तरीके से आग लगने का मामला इन दिनों चर्चा का विषय का बना हुआ है. हालांकि, चर्चा के दौरान लोग समाहरणालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं.
वहीं फाइलों के जल जाने के मामले में परिवहन विभाग के हेड क्लर्क प्रदीप यादव के आवेदन पर सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. हालांकि, प्राथमिकी के लिए दिया गया आवेदन भी आधा अधूरा ही है. ज्ञात हो कि गत शुक्रवार की अहले सुबह परिवहन कार्यालय के कमरे में टेबुल पर रखें डीएल पंजी सहित कई अन्य महत्वपूर्ण कागजात रहस्यमय तरीके से जला हुआ था.
इस घटना की सूचना शुक्रवार को दिन के करीब नौ बजे विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार ने प्रधान सहायक प्रदीप कुमार यादव को मोबाइल पर कॉल कर दी. हेड क्लर्क जब कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने देखा कि टेबुल पर रखे कागजात नीचे गिरा हुआ था और कागजात में लगी आग को पानी से बुझाया गया था.
इसी कमरे में रखे गोदरेज आलमारी को भी खोलने का प्रयास किया गया था. आलमीरा के लॉक में एक दूसरी चाबी भी फंसी हुई थी. घटना को लेकर प्रधान सहायक ने जब समाहरणालय के नाइट गार्ड मो शाहिद से पूछा तो गार्ड ने बताया कि वह रात्रि में प्रथम तल पर रहता है. रात में परिवहन शाखा से जलने की बदबू आ रही थी.
प्रधान सहायक ने तत्काल घटना की सूचना डीटीओ को दे कर सदर थाना में आवेदन दे दिया. — अधूरे आवेदन पर हुई अधूरी प्राथमिकी — मधेपुरा थाना में प्रधान सहायक द्वारा दिया गया आवेदन आधा अधूरा है. आवेदन में जलाये गये महत्वपूर्ण कागजातों का बिंदुवार जिक्र नहीं किया गया है. आवेदन में और भी कई तरह की त्रुटियां है.
वहीं सदर थानाध्यक्ष ने भी कार्रवाई की रस्म पूरी करते हुए प्रधान सहायक के आवेदन पर महज आग लगने की धारा लगायी है. जबकि प्रधान सहायक के आवेदन के अनुसार मामला चोरी के प्रयास का है.
इनसेट — संदेहास्पद है फाइल में आग लगनामधेपुरा. समाहरणालय परिसर स्थित परिवहन कार्यालय के फाइल में आग लगने की घटना पूरी तरह संदेहास्पद है. इस घटना के बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली मामले को और भी संदिग्ध बना रही है. ज्ञात हो कि जिला परिवहन पदाधिकारी मो कयूम अंसारी लंबी छुट्टी पर गये हुए हैं.
ऐसे में समाहरणालय जैसे सुरक्षित परिसर में स्थित परिवहन विभाग के कार्यालय का ताला तोड़ कर गौदरेज तोड़ने का प्रयास और फाइलों में आग लगा देना विभाग के कर्मियों की संलिप्ता के बिना संभव होता नहीं दिखाई दे रहा है. वहीं समाहरणालय के सुरक्षा में तैनात रात्रि प्रहरी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे है.
वहीं समाहरणालय परिसर में हुए इस घटना के बाद सदर थानाध्यक्ष द्वारा महज अगलगी की धारा लगा कर प्राथमिकी दर्ज करना इस घटना पर परदा डालने के जैसा प्रतीत हो रहा है. — इनसेट – एसपी ऑफिस सहित दो-दो थाना है परिसर में
मधेपुरा : समाहरणालय परिसर में हुए इस वारदात के बाद समाहरणालय की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. ज्ञात हो कि समाहरणालय परिसर स्थित जिला का कई महत्वपूर्ण विभाग स्थित है.
इस परिसर में एसपी कार्यालय और महिला थाना सहित एससी एसटी थाना भी स्थित है. ऐसे में कोई चोर परिवहन कार्यालय में घुस कर गौदरेज, आलमीरा तोड़ने का असफल प्रयास करता है और नाकाम रहने पर फाइल जला कर गायब हो जाता है. यह अपने आप अजूबा जैसा है.
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