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24 हजार जमावंदी गायब, रैयतों की बढ़ी परेशानी

Updated at : 11 May 2025 7:21 PM (IST)
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24 हजार जमावंदी गायब, रैयतों की बढ़ी परेशानी

विभाग द्वारा जमाबंदी में त्रुटी सुधार के लिए पूर्व में परिमार्जिन एवं वर्तमान में परिमार्जिन प्लस लौंच किया है,

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कुमारखंड, मधेपुरा. भूमि सूधार एवं राजस्व विभाग द्वारा भूमि विवादों में कमी एवं भूमि रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने समेत नागरिकों को आ

सीटी आधारित सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से डिजिटाइज्ड जमाबंदी पंजी की शुरुआत की गयी. ताकि रैयतों को ऑनलाइन व्यवस्था से अपनी जमीन के स्वामित्व की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके, लेकिन इस व्यवस्था के लागू होने से रैयतों की परेशानी और बढ़ गई है.

जानकारी के अनुसार अंचल के 21 राजस्व हलकों के 71 राजस्व ग्रामों में कुल 66 हजार जमाबंदी कायम था. इसमें से करीब 24 हजार 400 रैयतों की जमावंदी गायब है, तो करीब 20 हजार रैयतों के नाम दर्ज जमाबंदी में खाता खेसरा त्रुटिपूर्ण है. इतना ही नहीं हजारों रैयत के जमाबंदी का नवीनीकरण नहीं होने से उनके नाम नये अधिकार अभिलेख पंजी में जमाबंदी कायम नहीं हो सकी है. वर्तमान परिस्थिति में ऐसे सभी रैयतों की परेशानी काफी बढ़ी हुई है. वैसे लोगों के लिए विभाग द्वारा जमाबंदी में त्रुटी सुधार के लिए पूर्व में परिमार्जिन एवं वर्तमान में परिमार्जिन प्लस लौंच किया है, लेकिन इससे भी रैयतों की परेशानी है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है. रैयतों को ऑनलाइन परिमार्जिन प्लस पर आवेदन करने के दौरान सभी साक्ष उपलब्ध कराने के बाद भी राजस्व कर्मचारी से लेकर अंचलाधिकारी तक दौड़ लगाना पड़ता है. इतना ही नहीं बिना चढ़ावा के विभागीय देवता मानते ही नहीं है. अंचल में व्याप्त भ्रष्टाचार के बीच गांव-गांव में बिचौलिये सक्रीय हैं. बिचौलिये एवं राजस्व विभाग के बीच रैयत अपनी जमीन बचाने की लडाई लड़ रहे हैं.

– भूमि रिकॉर्ड हुआ डिजिटाइज –

हाल के वर्षों में, भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग ने भूमि रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने का काम किया है,ताकि उन्हें ऑनलाइन एक्सेस किया जा सके और आसानी से अपडेट किया जा सके, लेकिन रैयतों पर इसका नारात्मक प्रभाव पड़ रहा जिससे काफी परेशान हैं.

– रैयत हो रहा है दोहन के शिकार –

अंचल कार्यालय एक राजस्व विभाग का कार्यालय है जो भूमि रिकॉर्ड और राजस्व संबंधित कार्यों को देखता है. जिन्हें ऑफलाइन जमाबंदी के आधार पर डिजिटाइज्ड जमाबंदी पंजी तैयार कर राजस्व वसूली करना है. जहां राजस्व पंजी में नाम दर्ज कराने से लेकर दुरुस्त कराने तक दोहन का शिकार होना पड़ रहा है.

– जमाबंदी गायब रहने से विवाद में बढ़ोतरी –

राजस्व विभाग के व्यवसाइट से जमाबंदी गायब होने त्रुटिपूर्ण रहने की घटना के कारण अंचल में भूमि संबंधी कार्यों में एक ओर जहां बाधा आ रही है, वहीं भूमि संबंधी विवादों को सुलझाना और भूमि लेनदेन करना मुश्किल हो गया है.

– वर्जन-

जमाबंदी पंजी के त्रुटी सुधार एवं छूटी हुई. जमाबंदी को अंकित कराने को लेकर भूस्वामी प्रिमर्जिन प्लस पर आवेदन कर सकते हैं,साक्ष के अवलोकन के उपरांत उन्हें ठीक किया जा रहा है.

अभिमन्यु कुमार गुप्ता, प्रभारी अंचल निरीक्षक,कुमारखंड, मधेपुरा.B

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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