Land for Job: सीबीआइ की अंतिम चार्जशीट में लालू, राबड़ी, तेजस्वी समेत 78 नाम, छह जुलाई को होगी सुनवाई
Published by : RajeshKumar Ojha Updated At : 07 Jun 2024 10:16 PM
Land for Job आरोप पत्र में तत्कालीन रेलमंत्री के निजी सचिव, रेलवे के 29 कर्मी,जमीन के बदले नौकरी लेने वाले 37 लाभान्वित और छह अन्य लोग है शामिल
Land for Job जमीन के बदले नौकरी मामले में घिरे पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती है. इस मामले की जांच कर रही सीबीआइ ने नयी दिल्ली की राउज ऐवेन्यू कोर्ट में शुक्रवार को अंतिम आरोपपत्र दाखिल कर दिया. कोर्ट में सीबीआइ की ओर से दाखिल आरोप पत्र में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, बेटी एवं ओएसडी व निजी सचिव, जमीन के बदले नौकरी लेने वाले 37 लाभान्वित, रेलवे के 29 कर्मी समेत कुल 78 आरोपी बनाये गये हैं.
सीबीआइ ने अंतिम आरोप पत्र में कहा है कि जमीन के बदले नौकरी मामले में इन लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं. शुक्रवार की देर शाम सीबीआइ ने अपने आधिकारिक बेवसाइट पर आरोप पत्र को लेकर प्रेस रिलीज भी जारी किया. सीबीआइ के प्रेस रिलीज में कहा गया है कि राउज ऐवेन्यू कोर्ट में दायर अंतिम आरोप पत्र में तत्कालीन रेल मंत्री, उनकी पत्नी, बेटे, बेटी, ओएसडी एवं निजी सचिव के अलावा रेलवे के 29 कर्मी एवं जिन लोगाें को जमीन के बदले नौकरी दी गयी उनमें 37 लोगों के नाम दर्ज किये गये हैं.
कोर्ट ने दाखिल की गयी आरोप पत्र को लेकर छह जुलाई को सुनवाई की तिथि निर्धारित की है.छह जुलाई को कोर्ट अंतिम आरोप पत्र पर संज्ञान लेगा. उल्लेखनीय है कि राउज ऐवेन्यू की विशेष अदालत पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआइ को फटकार लगाते हुए हर हाल में सात जून तक इस मामले में अंतिम आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि सीबीआइ हर सुनवाई में चुनाव को लेकर अधिकारियों के व्यस्त रहने की दलीलेंदे रही है. लेकिन, हर हाल मे ंसात जून तक उसे अंतिम आरोप पत्र दायर करना ही होगा. इसी निर्देश के बाद सीबीआइ ने शुक्रवार सात जून को अंतिम आरोप पत्र दाखिल कर दिया.
नियमों का उल्लंघन कर रेलवे के 11 जोन में ग्रुप डी नौकरी दी गयी
आरोप पत्र के अनुसार सीबीआइ की जांच में यह खुलासा हुआ है कि 2004-2009 के दौरान तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद के करीबी लोगों द्वारा कथित तौर पर जमीन लिये जाने के एवज में रेलवे के सभी 11 जोन में ग्रुप डी नौकरी दी गयी थी. सीबीआइ सूत्रों ने बताया कि इस मामले की जांच के दौरान, यह पाया गया कि आरोपियों ने रेलवे अधिकारियों के साथ साजिश रची और अपने या अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम जमीन लेने के एवज में व्यक्तियों की भर्ती की. यह भूमि तत्कालीन सर्किल दर से कम कीमत पर और बाजार दर से भी बहुत कम कीमत पर हासिल की गयी थी. सभी लाभाविंत होने वाले उन जिलों से थे जहां से तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री और उनके परिवार के सदस्य लंबे समय निर्वाचित होते रहे थे. सीबीआइ ने कोर्ट को बताया कि दाखिल की गयी अंतिम चार्जशीट पर सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी का इंतजार है. इसके बाद भी कोर्ट इस मामले में छह जुलाई को चार्जशीट पर विचार करेगी.
आरोप पत्र में इनके हैं नाम
सूत्रों के अनुसार सीबीआइ के अंतिम आरोप पत्र में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद, पूर्व सीएम राबड़ी देवी, पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, लालू-राबड़ी की पुत्री मीसा भारती एवं हेमा यादव, ओएसडी रहे भोला यादव, कारोबारी अमित कात्याल,पश्चिम मध्य रेलवे के तत्कालीन जीएम और दो सीपीओ समेत 78 के खिलाफ अंतिम आरोप पत्र दाखिल किये गये हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By RajeshKumar Ojha
Senior Journalist with more than 20 years of experience in reporting for Print & Digital.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










